ललितपुर। कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम ककरुआ में हार्वेस्टर की टक्कर से घायल ग्रामीण की ग्वालियर में उपचार के दौरान मंगलवार को मौत हो गई। इससे गुस्साए परिजन और ग्रामीण बुधवार की दोपहर को हार्वेस्टर चालक के खिलाफ कार्रवाई के लिए शव लेकर कोतवाली पहुंच गए। फिलहाल पुलिस ने तहरीर लेकर कार्रवाई का आश्वासन दिया, इसके बाद ग्रामीण शव लेकर गांव चले गए।
कोतवाली क्षेत्र के ग्राम ककरुआ निवासी मनीराम उर्फ मुनई ने कोतवाली पुलिस को तहरीर देकर बताया कि नौ मार्च की शाम को उसका पुत्र अरविंद (18) अपने खेत की रखवाली करके वापस घर लौट रहा था। वह ग्राम ककरुगा के पास देवगढ़-ललितपुर रोड पर खड़े होकर साथी से बात करने लगा। इसी दौरान देवगढ़ की ओर से आने वाले एक हार्वेस्टर के चालक/स्वामी ने उसके पुत्र में टक्कर मार दी, जिससे उसका पुत्र गंभीर रूप से घायल हो गया। ग्रामीणों की मदद से उसके पुत्र को उपचार के लिए जिला अस्पताल ले गए और घटना की रिपोर्ट के लिए एक शिकायती पत्र कोतवाली में दे दिया। इसके बाद उसकी हालत गंभीर होने पर चिकित्सकों ने उसके पुत्र को झांसी मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया, लेकिन दिमाग व सिर में गंभीर चोटें होने पर झांसी में भी लाभ नहीं मिला और उसे ग्वालियर के जीवन सहारा ट्रॉमा अस्पताल में उपचार कराया गया, जहां वह कोमा में चला गया। इसके साथ ही उसके बांए हाथ में फ्रैक्चर बताया गया, लेकिन बीते 16 मार्च को उपचार के दौरान अरविंद की मौत हो गई, जिस पर ग्वालियर में ही उसके पुत्र का पोस्टमार्टम कराया गया। जिसके बाद बुधवार की दोपहर करीब साढ़े तीन बजे के बाद परिजन व भारी संख्या में ग्रामीण मृतक के शव को एंबुलेंस से लेकर सीधे कोतवाली पहुंच गए और आरोपी हार्वेस्टर चालक के खिलाफ कार्रवाई की मांग करने लगे। फिलहाल कोतवाली पुलिस ने उनकी तहरीर लेकर कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिसके बाद वह मान गए और शव को अंतिम संस्कार के लिए गांव चले गए।