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व्यक्ति पाप के बंध से अनभिज्ञ: मुनिश्री
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मुनिश्री सरल सागर महाराज
- फोटो : LALITPUR
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व्यक्ति पाप के बंध से अनभिज्ञ: मुनिश्री
ललितपुर। तीर्थ क्षेत्र नवागढ़ में मुनिश्री सरल सागर महाराज ने रविवार को विशेष प्रवचन में पुण्य-पाप और भाग्य-पुरुषार्थ का विवेचन किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान में व्यक्ति पाप से होने वाले बंध से अनभिज्ञ है, इसी कारण वह अपने में सुधार नहीं कर पा रहा है। मुनिश्री ने कहा कि तप्त शिला पर ध्यान करते मुनिराज के प्रति करुणा बुद्धि से उनके सिर पर मक्खन का लेप एक श्रावक ने किया। इस कार्य से मुनिश्री के शरीर में चीटियां चिपक गईं। एक अन्य व्यक्ति ने खोटी बुद्धि से अपशब्द कहे गए एवं चूसे हुए गन्ने के छिलके मुनिराज के शरीर पर फेंक दिए, परंतु गन्ने की सुगंध से चीटियां उतर गईं। श्रावक चाहे तो पाप के उदय में भी वह अपने योग और उपयोग को सम्यक रूप रखकर पुण्य का भागी बन सकता है। यदि वह सचेत नहीं हुआ तो मंदिर में भगवान के सामने भी पाप का बंध कर सकता है।
क्षेत्र कमेटी के प्रचार मंत्री डॉ सुनील संचय ने बताया कि इस चतुर्मास में किसी प्रकार का पंपलेट्स एवं पत्रिका छपवाने का निषेध किया गया है। किसी आडंबर पूर्ण आयोजन के लिए मुनिश्री सहमति नहीं देते हैं। ब्रह्मचारी जय निशांत भैया ने सभी से कहा कि मुनिश्री की साधना में सहयोगी बनें। किसी प्रकार से उनकी साधना में व्यवधान पैदा न हो। इस मौके पर सनत कुमार, योगेंद्र बबलू, राजकुमार, सुरेंद्र सोजना, चंद्रभान सुनील शास्त्री, वीरचंद्र जैन, अशोक जैन आदि मौजूद रहे।
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ललितपुर। तीर्थ क्षेत्र नवागढ़ में मुनिश्री सरल सागर महाराज ने रविवार को विशेष प्रवचन में पुण्य-पाप और भाग्य-पुरुषार्थ का विवेचन किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान में व्यक्ति पाप से होने वाले बंध से अनभिज्ञ है, इसी कारण वह अपने में सुधार नहीं कर पा रहा है। मुनिश्री ने कहा कि तप्त शिला पर ध्यान करते मुनिराज के प्रति करुणा बुद्धि से उनके सिर पर मक्खन का लेप एक श्रावक ने किया। इस कार्य से मुनिश्री के शरीर में चीटियां चिपक गईं। एक अन्य व्यक्ति ने खोटी बुद्धि से अपशब्द कहे गए एवं चूसे हुए गन्ने के छिलके मुनिराज के शरीर पर फेंक दिए, परंतु गन्ने की सुगंध से चीटियां उतर गईं। श्रावक चाहे तो पाप के उदय में भी वह अपने योग और उपयोग को सम्यक रूप रखकर पुण्य का भागी बन सकता है। यदि वह सचेत नहीं हुआ तो मंदिर में भगवान के सामने भी पाप का बंध कर सकता है।
क्षेत्र कमेटी के प्रचार मंत्री डॉ सुनील संचय ने बताया कि इस चतुर्मास में किसी प्रकार का पंपलेट्स एवं पत्रिका छपवाने का निषेध किया गया है। किसी आडंबर पूर्ण आयोजन के लिए मुनिश्री सहमति नहीं देते हैं। ब्रह्मचारी जय निशांत भैया ने सभी से कहा कि मुनिश्री की साधना में सहयोगी बनें। किसी प्रकार से उनकी साधना में व्यवधान पैदा न हो। इस मौके पर सनत कुमार, योगेंद्र बबलू, राजकुमार, सुरेंद्र सोजना, चंद्रभान सुनील शास्त्री, वीरचंद्र जैन, अशोक जैन आदि मौजूद रहे।
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