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जड़ी बूटी खरीद मामले में वन निगम उदासीन
ब्यूरो/अमर उजाला
Updated Sat, 08 Aug 2015 12:23 AM IST
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जंगलों के आसपास रहने वाले लोगों को वन उपज का लाभ दिलाने के उद्देश्य से जापान सरकार के सहयोग से जायका परियोजना चलाई जा रही है। योजनांतर्गत जड़ी- बूटी के व्यवसाय के लिए लोगों को प्रेरित किया जा रहा है। वहीं, वन निगम सहरिया आदिवासियों को लाभ दिलाने के प्रति उदासीन बना हुआ है। जिले में न तो कमीशन एजेंट बनाए गए हैं और न ही सरकारी क्रय केंद्र खोले गए हैं, इस कारण वन निगम द्वारा निर्धारित दरों पर जड़ी- बूटी नहीं बिक पा रही है। अवैध तरीके से व्यापार कर रहे व्यवसायी उनसे औने - पौने दामों पर जड़ी- बूटी खरीद रहे हैं।
जिले में करीब हर महीने आठ से दस लाख रुपए का जड़ी बूटी का कारोबार होता है, इसके बाद भी वन निगम के अफसरों की नींद नहीं टूट रही है, जिसका खामियाजा सहरिया आदिवासियों को भुगतना पड़ रहा है। वह धन की कमी के चलते ठीक से जीवनयापन भी नहीं कर पा रहे हैं।
जिले में करीब हर महीने आठ से दस लाख रुपए का जड़ी बूटी का कारोबार होता है, इसके बाद भी वन निगम के अफसरों की नींद नहीं टूट रही है, जिसका खामियाजा सहरिया आदिवासियों को भुगतना पड़ रहा है। वह धन की कमी के चलते ठीक से जीवनयापन भी नहीं कर पा रहे हैं।
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