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Lalitpur News: पट्टे की जमीन पर अवैध कब्जे में पति-पत्नी को एक वर्ष का कारावास
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अदालत से...
- मड़ावरा उपजिला मजिस्ट्रेट की अदालत ने सुनाया फैसला
संवाद न्यूज एजेंसी
मड़ावरा। तहसील में उप जिला मजिस्ट्रेट की अदालत ने पट्टे की जमीन पर अनाधिकृत कब्जा करने के मामले में दोषी पति-पत्नी को एक वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई।
थाना मड़ावरा अंतर्गत ग्राम रनरगांव निवासी लाल सिंह ने उसे आवंटित पट्टे की जमीन पर उसी गांव के प्रभान पुत्र रगवीर, मंझली बहू पत्नी प्रभान, रगवीर पुत्र धनु पर जबरन कब्जा करने का आरोप लगाया था। पीड़ित ने इसकी शिकायत एसडीएम से की थी और तत्कालीन राजस्व लेखपाल द्वारा वर्ष 2015 में इस शिकायत के आधार पर मुकदमा पंजीकृत कराया था। जिसकी सुनवाई 198 क(2), उप्र जमींदारी उन्मूलन भू-व्यवस्था अधिनियम के तहत चलनसार थी। इस मामले में अभियोजन की ओर से पेश की गई दलीलों, साक्ष्यों व गवाहों के आधार पर सुनवाई करते हुए उपजिला मजिस्ट्रेट की न्यायालय द्वारा 29 अगस्त को ऐतिहासिक फैसला सुनाया गया, जिसमें प्रभान के पिता रगवीर को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया, जबकि दोनों पति-पत्नी को एक-एक वर्ष का सश्रम कारावास एवं पट्टा नहीं छोड़ने पर छह माह का अतिरिक्त कारावास की सजा सुनाई। राजस्व मामलों के शासकीय अधिवक्ता राजीव कुमार दुबे ने बताया कि इस मामले में सुनवाई 198 क(2), उप्र जमींदारी उन्मूलन भू-व्यवस्था अधिनियम के तहत चलनसार थी।
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- मड़ावरा उपजिला मजिस्ट्रेट की अदालत ने सुनाया फैसला
संवाद न्यूज एजेंसी
मड़ावरा। तहसील में उप जिला मजिस्ट्रेट की अदालत ने पट्टे की जमीन पर अनाधिकृत कब्जा करने के मामले में दोषी पति-पत्नी को एक वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई।
थाना मड़ावरा अंतर्गत ग्राम रनरगांव निवासी लाल सिंह ने उसे आवंटित पट्टे की जमीन पर उसी गांव के प्रभान पुत्र रगवीर, मंझली बहू पत्नी प्रभान, रगवीर पुत्र धनु पर जबरन कब्जा करने का आरोप लगाया था। पीड़ित ने इसकी शिकायत एसडीएम से की थी और तत्कालीन राजस्व लेखपाल द्वारा वर्ष 2015 में इस शिकायत के आधार पर मुकदमा पंजीकृत कराया था। जिसकी सुनवाई 198 क(2), उप्र जमींदारी उन्मूलन भू-व्यवस्था अधिनियम के तहत चलनसार थी। इस मामले में अभियोजन की ओर से पेश की गई दलीलों, साक्ष्यों व गवाहों के आधार पर सुनवाई करते हुए उपजिला मजिस्ट्रेट की न्यायालय द्वारा 29 अगस्त को ऐतिहासिक फैसला सुनाया गया, जिसमें प्रभान के पिता रगवीर को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया, जबकि दोनों पति-पत्नी को एक-एक वर्ष का सश्रम कारावास एवं पट्टा नहीं छोड़ने पर छह माह का अतिरिक्त कारावास की सजा सुनाई। राजस्व मामलों के शासकीय अधिवक्ता राजीव कुमार दुबे ने बताया कि इस मामले में सुनवाई 198 क(2), उप्र जमींदारी उन्मूलन भू-व्यवस्था अधिनियम के तहत चलनसार थी।
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