फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lalitpur News ›   Hope for housing remained unfulfilled... the poor are still searching for permanent houses

Lalitpur News: अधूरी रही आवास की आस... गरीबों को अब भी पक्के मकान की तलाश

Thu, 07 Dec 2023 02:12 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Thu, 07 Dec 2023 02:12 AM IST
विज्ञापन
Hope for housing remained unfulfilled... the poor are still searching for permanent houses
योजनाओं का हाल
विज्ञापन

किस्त : सात
- प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के तहत 39 हजार आवास स्वीकृत होने के बाद भी जरूरतमंद झोपड़ी में रहने को मजबूर
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। ग्रामीण इलाकों में जरूरतमंदों को पक्के आवास उपलब्ध कराने के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना का संचालन किया जा रहा है। इसके तहत ग्रामीण इलाकों में 34 हजार 289 पक्के आवास बनाया गए, लेकिन अभी भी पात्रों के नाम सूची में नहीं हैं। इसके चलते जरूरतमंद झोपड़ी में रहने को मजबूर हैं।
ग्रामीण इलाकों में गरीबों व जरूरतमंदों के लिए आवास निर्माण के लिए केंद्र सरकार ने वर्ष 2016 में प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना का संचालन किया। इस के तहत जनपद में अभी तक 39 हजार 268 आवास स्वीकृत किए गए, जिनमें से प्रथम किस्त 39 हजार 158 को दूसरी किस्त 37 हजार 147 को तथा तीसरी किस्त 31 हजार 969 भवनस्वामियों को जारी की गई। जनपद में अभी तक 4979 मकान अधूरे पड़े हैं। इसके बाद भी पूरे जनपद में सैकड़ों की संख्या में ऐसे लोग हैं, जिनका आवास पूर्ण नहीं हुआ है।
विज्ञापन

-------------
यह है स्थिति
विकास खंड - स्वीकृत आवास - पूर्ण आवास - अधूरे आवास
बार - 6253 - 5537 - 716
बिरधा - 7037 - 6205 - 832
जखौरा - 6869 - 6236 - 633
मड़ावरा - 7351 - 6310 - 1041
महरौनी - 6620 - 5798 - 822
तालबेहट - 5138 - 4203 - 935
----------------
फोटो- 30
ग्राम कपासी निवासी चंदन ने बताया कि उनका आवास अभी तक स्वीकृत नहीं हुआ है। इस संबंध में कई बार प्रधान व विकासखंड के अधिकारियों के पास गुहार लगाई। लेकिन नतीजा कुछ नहीं निकला।
विज्ञापन
विज्ञापन

-------------
ग्रामीण नरेंद्र ने बताया कि आवास के लिए कई बार आवेदन किया। लेकिन अभी तक नाम नहीं आया है। अब तो परिवार के साथ आवास की आस छोड़कर कच्ची झोपड़ी में रहने का फैसला लिया है।
------------
जिनके आवास अधूरे हैं। उनको पूर्ण कराने के लिए समय-समय पर सचिवों को निर्देशित किया जाता है। जल्द ही सभी अधूरे आवासों को पूर्ण करा लिया जाएगा।
एके सिंह, परियोजना निदेशक।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed