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Lalitpur News: अधूरी रही आवास की आस... गरीबों को अब भी पक्के मकान की तलाश
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योजनाओं का हाल
किस्त : सात
- प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के तहत 39 हजार आवास स्वीकृत होने के बाद भी जरूरतमंद झोपड़ी में रहने को मजबूर
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। ग्रामीण इलाकों में जरूरतमंदों को पक्के आवास उपलब्ध कराने के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना का संचालन किया जा रहा है। इसके तहत ग्रामीण इलाकों में 34 हजार 289 पक्के आवास बनाया गए, लेकिन अभी भी पात्रों के नाम सूची में नहीं हैं। इसके चलते जरूरतमंद झोपड़ी में रहने को मजबूर हैं।
ग्रामीण इलाकों में गरीबों व जरूरतमंदों के लिए आवास निर्माण के लिए केंद्र सरकार ने वर्ष 2016 में प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना का संचालन किया। इस के तहत जनपद में अभी तक 39 हजार 268 आवास स्वीकृत किए गए, जिनमें से प्रथम किस्त 39 हजार 158 को दूसरी किस्त 37 हजार 147 को तथा तीसरी किस्त 31 हजार 969 भवनस्वामियों को जारी की गई। जनपद में अभी तक 4979 मकान अधूरे पड़े हैं। इसके बाद भी पूरे जनपद में सैकड़ों की संख्या में ऐसे लोग हैं, जिनका आवास पूर्ण नहीं हुआ है।
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यह है स्थिति
विकास खंड - स्वीकृत आवास - पूर्ण आवास - अधूरे आवास
बार - 6253 - 5537 - 716
बिरधा - 7037 - 6205 - 832
जखौरा - 6869 - 6236 - 633
मड़ावरा - 7351 - 6310 - 1041
महरौनी - 6620 - 5798 - 822
तालबेहट - 5138 - 4203 - 935
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फोटो- 30
ग्राम कपासी निवासी चंदन ने बताया कि उनका आवास अभी तक स्वीकृत नहीं हुआ है। इस संबंध में कई बार प्रधान व विकासखंड के अधिकारियों के पास गुहार लगाई। लेकिन नतीजा कुछ नहीं निकला।
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ग्रामीण नरेंद्र ने बताया कि आवास के लिए कई बार आवेदन किया। लेकिन अभी तक नाम नहीं आया है। अब तो परिवार के साथ आवास की आस छोड़कर कच्ची झोपड़ी में रहने का फैसला लिया है।
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जिनके आवास अधूरे हैं। उनको पूर्ण कराने के लिए समय-समय पर सचिवों को निर्देशित किया जाता है। जल्द ही सभी अधूरे आवासों को पूर्ण करा लिया जाएगा।
एके सिंह, परियोजना निदेशक।
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किस्त : सात
- प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के तहत 39 हजार आवास स्वीकृत होने के बाद भी जरूरतमंद झोपड़ी में रहने को मजबूर
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। ग्रामीण इलाकों में जरूरतमंदों को पक्के आवास उपलब्ध कराने के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना का संचालन किया जा रहा है। इसके तहत ग्रामीण इलाकों में 34 हजार 289 पक्के आवास बनाया गए, लेकिन अभी भी पात्रों के नाम सूची में नहीं हैं। इसके चलते जरूरतमंद झोपड़ी में रहने को मजबूर हैं।
ग्रामीण इलाकों में गरीबों व जरूरतमंदों के लिए आवास निर्माण के लिए केंद्र सरकार ने वर्ष 2016 में प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना का संचालन किया। इस के तहत जनपद में अभी तक 39 हजार 268 आवास स्वीकृत किए गए, जिनमें से प्रथम किस्त 39 हजार 158 को दूसरी किस्त 37 हजार 147 को तथा तीसरी किस्त 31 हजार 969 भवनस्वामियों को जारी की गई। जनपद में अभी तक 4979 मकान अधूरे पड़े हैं। इसके बाद भी पूरे जनपद में सैकड़ों की संख्या में ऐसे लोग हैं, जिनका आवास पूर्ण नहीं हुआ है।
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यह है स्थिति
विकास खंड - स्वीकृत आवास - पूर्ण आवास - अधूरे आवास
बार - 6253 - 5537 - 716
बिरधा - 7037 - 6205 - 832
जखौरा - 6869 - 6236 - 633
मड़ावरा - 7351 - 6310 - 1041
महरौनी - 6620 - 5798 - 822
तालबेहट - 5138 - 4203 - 935
फोटो- 30
ग्राम कपासी निवासी चंदन ने बताया कि उनका आवास अभी तक स्वीकृत नहीं हुआ है। इस संबंध में कई बार प्रधान व विकासखंड के अधिकारियों के पास गुहार लगाई। लेकिन नतीजा कुछ नहीं निकला।
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ग्रामीण नरेंद्र ने बताया कि आवास के लिए कई बार आवेदन किया। लेकिन अभी तक नाम नहीं आया है। अब तो परिवार के साथ आवास की आस छोड़कर कच्ची झोपड़ी में रहने का फैसला लिया है।
जिनके आवास अधूरे हैं। उनको पूर्ण कराने के लिए समय-समय पर सचिवों को निर्देशित किया जाता है। जल्द ही सभी अधूरे आवासों को पूर्ण करा लिया जाएगा।
एके सिंह, परियोजना निदेशक।