जड़ी-बूटी के अवैध भंडारण पर गोदाम सील
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ललितपुर। वन विभाग की टीम ने आजादपुरा मुहल्ले में स्थित एक गोदाम में बड़ी मात्रा में जड़ी- बूटी का अवैध भंडारण पकड़ा है। डीएफओ के आदेश पर गोदाम को सील कर दिया गया है। छापे की कार्रवाई से अन्य जड़ी-बूटी कारोबारियों में हड़कंप मच गया।
जिले में बड़े पैमाने पर अवैध तरीके से जड़ी-बूटी का भंडारण किया जा रहा है, इसके पीछे प्रमुख वजह सहरिया आदिवासी हैं। आदिवासियों में अशिक्षा की कमी के कारण लोग फायदा उठाते हैं। वन निगम ने जड़ी-बूटी बिक्री केंद्र खोले हैं। लेकिन, सहरिया आदिवासी कारोबारियों को औने-पौने दामों में जड़ी-बूटी बेच रहे हैं, जिससे कारोबारियों को बड़ा मुनाफा हो रहा है। इस तरह की शिकायतें विभागीय अफसरों को आए दिन प्राप्त हो रही थी। मामले की शिकायत जिलाधिकारी से भी की गई थी।
सामाजिक वानिकी प्रभाग के प्रभारी प्रभागीय निदेशक/ललितपुर एसडीओ सोमधर पांडेय ने जिलाधिकारी के निर्देश पर छापामार कार्रवाई की। वन विभाग की टीम ने मुहल्ला आजादपुरा स्थित एक कारोबारी के गोदाम पर छापा मारा। गोदाम में 1,380 बोरे जड़ी-बूटी के पकड़े गए। पकड़ी गई जड़ी-बूटी में अर्जुन की छाल व बबूल की छाल आदि शामिल हैं। प्रभारी डीएफओ का कहना है कि जड़ी-बूटी का अवैध भंडारण होने नहीं दिया जाएगा। अफसरों के सख्त तेवरों से कारोबारियों में हड़कंप मच गया है।
डीएफओ से की शिकायत नगर के एक समाजसेवी मुकेश कुमार साहू ने नगर में पेड़ों की छालों का बड़ा स्टाक होने की शिकायत डीएफओ से की है। उन्होंने डीएफओ को दिए शिकायती पत्र में आरोप लगाया था कि ललितपुर में तीन गोदाम संचालित हैं, जिनमें बड़ी मात्रा में पेड़ों की छाल रखी है। एक गोदाम आजादपुरा, दूसरा गोदाम इलाइट चौराहे के पास और तीसरा गोदाम नवीन गल्ला मंडी के पीछे है। उसने गोदामों में छापा मारकर स्टाक का वेरीफिकेशन कराने की मांग की।