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‘जो बोले सो निहाल, सत श्री अकाल’ के गूंजते रहे जयकारे
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गुरुद्वारा में ग्रंथियों की सेवा करते श्रद्धालु
- फोटो : LALITPUR
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ललितपुर। श्री गुरु सिंह सभा के तत्वावधान में गुरु गोविंद सिंह जी महाराज का प्रकाश उत्सव बड़े ही श्रद्धा और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इसमें सिख संगत और महिला सत्संग द्वारा नितनेम साहिब का पाठ किया गया।
सरदार अवतार सिंह द्वारा अखंड पाठ की सेवा कराई गई। निशान साहिब के चोले की सेवा सरदार मनमोहन सिंह मोनी, सरदार मन सिमर सिंह व सवनीत कोर और सुरेंद्र सिंह पैजनिया परिवार की ओर से की गई एवं गुरु के लंगर की सेवा सरदार वीरेंद्र सिंह बीके, सरदार दलजीत सिंह, बीबी मनजीत कौर, सरदार पर्सन सिंह, सरदार सोहन सिंह बलदेव सिंह व पूर्व नपाध्यक्ष सुभाष जयसवाल की ओर से हुई।
पिछले कई दिनों से गुरुद्वारा में सुबह व रात्रि कालीन कार्यक्रम आयोजित हो रहे हैं। इसमें गुरु की संगत श्रद्धा सेवा देते हुए प्रकाश उत्सव धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर गुरुद्वारा ग्रंथी ज्ञानी मोकम सिंह और पंजाब से आए भाई जगप्रीत सिंह के रागी जत्थे ने गुरवाणी शबद कीर्तन के साथ संगत को अमृत रसपान कराया। संगत भाव विभोर होकर जो बोले सो निहाल सत श्री अकाल के जयकारे के साथ आनंदित हो रही है।
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रागी जत्था व गुरुद्वारा ग्रंथि ने बताया कि श्री गुरु गोविंद सिंह महाराज का जन्म 1666 में बिहार की राजधानी पटना साहिब में माता गुजरी की पवित्र गोद से हुआ था, वह नौवें गुरु तेग बहादुर की संतान थे। बाल अवस्था में गुरु के कौशल की प्रसिद्धि दूर-दूर तक होने लगी। 9 वर्ष की अवस्था में बालक गोविंद सिंह ने अपने पिता को प्रेरणा दी, जिस पर नवम गुरु गुरु तेग बहादुर ने तिलक व जनेऊ की रक्षा के लिए शहीदी को प्राप्त हुए। श्री गुरु गोविंद सिंह महाराज ने 30 मार्च 1699 में वैशाखी के दिन केसगढ़ साहिब में दीवान सजा कर खालसा पंथ की स्थापना की व पांच शिष्यों से सीस अर्पित की। इस मौके पर अध्यक्ष ओंकार सिंह सलूजा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष हरविंदर सिंह सलूजा, महामंत्री सुरजीत सिंह सलूजा, कोषाध्यक्ष परमजीत सिंह, मंत्री मनजीत सिंह सलूजा, चरणजीत सिंह, जगजीत सिंह बॉबी, पूनम मलिक, बिंदु कालरा, रिनी कौर, परमजीत कौर, वीरेंद्र सिंह बीके, कमलजीत सिंह छाबड़ा, रविंद्र सिंह, सानू सिंह, तरनदीप सिंह गोलू, मनजीत सिंह परमार, लक्ष्मीनारायण विश्वकर्मा, अमित प्रिय जैन, सुरेश बडेरा, अज्जू बाबा, प्रदीप सतरवांस, शैलेंद्र सिंघई, बॉबी राजा, डॉ निरंजन, सुरजीत सिंह, जसपाल सिंह बंटी, दलजीत सिंह, सुखप्रीत सिंह, गुरमुख सिंह, परसन सिंह, गुरदीप सिंह, मनमीत सिंह सलूजा, मैनेजर केदार सिंह पिंटू, राजू सिंधी, भगवत दयाल सिंधी, कन्हैयालाल सिंधी, गोपीचंद डोडवानी उपस्थित रहे। संचालन महामंत्री सुरजीत सिंह सलूजा ने किया व आभार अध्यक्ष ओंकार सिंह सलूजा ने व्यक्त किया।
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सरदार अवतार सिंह द्वारा अखंड पाठ की सेवा कराई गई। निशान साहिब के चोले की सेवा सरदार मनमोहन सिंह मोनी, सरदार मन सिमर सिंह व सवनीत कोर और सुरेंद्र सिंह पैजनिया परिवार की ओर से की गई एवं गुरु के लंगर की सेवा सरदार वीरेंद्र सिंह बीके, सरदार दलजीत सिंह, बीबी मनजीत कौर, सरदार पर्सन सिंह, सरदार सोहन सिंह बलदेव सिंह व पूर्व नपाध्यक्ष सुभाष जयसवाल की ओर से हुई।
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पिछले कई दिनों से गुरुद्वारा में सुबह व रात्रि कालीन कार्यक्रम आयोजित हो रहे हैं। इसमें गुरु की संगत श्रद्धा सेवा देते हुए प्रकाश उत्सव धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर गुरुद्वारा ग्रंथी ज्ञानी मोकम सिंह और पंजाब से आए भाई जगप्रीत सिंह के रागी जत्थे ने गुरवाणी शबद कीर्तन के साथ संगत को अमृत रसपान कराया। संगत भाव विभोर होकर जो बोले सो निहाल सत श्री अकाल के जयकारे के साथ आनंदित हो रही है।
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रागी जत्था व गुरुद्वारा ग्रंथि ने बताया कि श्री गुरु गोविंद सिंह महाराज का जन्म 1666 में बिहार की राजधानी पटना साहिब में माता गुजरी की पवित्र गोद से हुआ था, वह नौवें गुरु तेग बहादुर की संतान थे। बाल अवस्था में गुरु के कौशल की प्रसिद्धि दूर-दूर तक होने लगी। 9 वर्ष की अवस्था में बालक गोविंद सिंह ने अपने पिता को प्रेरणा दी, जिस पर नवम गुरु गुरु तेग बहादुर ने तिलक व जनेऊ की रक्षा के लिए शहीदी को प्राप्त हुए। श्री गुरु गोविंद सिंह महाराज ने 30 मार्च 1699 में वैशाखी के दिन केसगढ़ साहिब में दीवान सजा कर खालसा पंथ की स्थापना की व पांच शिष्यों से सीस अर्पित की। इस मौके पर अध्यक्ष ओंकार सिंह सलूजा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष हरविंदर सिंह सलूजा, महामंत्री सुरजीत सिंह सलूजा, कोषाध्यक्ष परमजीत सिंह, मंत्री मनजीत सिंह सलूजा, चरणजीत सिंह, जगजीत सिंह बॉबी, पूनम मलिक, बिंदु कालरा, रिनी कौर, परमजीत कौर, वीरेंद्र सिंह बीके, कमलजीत सिंह छाबड़ा, रविंद्र सिंह, सानू सिंह, तरनदीप सिंह गोलू, मनजीत सिंह परमार, लक्ष्मीनारायण विश्वकर्मा, अमित प्रिय जैन, सुरेश बडेरा, अज्जू बाबा, प्रदीप सतरवांस, शैलेंद्र सिंघई, बॉबी राजा, डॉ निरंजन, सुरजीत सिंह, जसपाल सिंह बंटी, दलजीत सिंह, सुखप्रीत सिंह, गुरमुख सिंह, परसन सिंह, गुरदीप सिंह, मनमीत सिंह सलूजा, मैनेजर केदार सिंह पिंटू, राजू सिंधी, भगवत दयाल सिंधी, कन्हैयालाल सिंधी, गोपीचंद डोडवानी उपस्थित रहे। संचालन महामंत्री सुरजीत सिंह सलूजा ने किया व आभार अध्यक्ष ओंकार सिंह सलूजा ने व्यक्त किया।

ुरुद्वारा में गुरु गोविंद सिंह जी महाराज का प्रकाश उत्सव में भजन कीर्तन गाते श्रद्धालु- फोटो : LALITPUR

गुरुद्वारा में गुरु गोविंद सिंह जी महाराज का प्रकाश उत्सव मनाते श्रद्धालु- फोटो : LALITPUR