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जीआईसी प्रकरण में जांच शुरू, मांगे साक्ष्य
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ललितपुर। बीते तीन दिन पहले जीआईसी में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस द्वारा लाठियां फटकारने के मामले में जिलाधिकारी द्वारा गठित समिति द्वारा जांच शुुरू कर दी है। इसके लिए अपर जिला मजिस्ट्रेट न्यायिक ने उक्त मामले में लोगों से साक्ष्य मांगे हैं, जो 18 सितंबर को उनके कार्यालय में दिए जा सकेंगे।
बीते तीन दिन पहले 13 सितंबर की रात को राजकीय इंटर कॉलेज में 877 छात्रों की अंक सूची में अंक प्रदर्शित नहीं होने की समस्या के निराकरण के लिए प्रधानाचार्य कक्ष में डीआईओएस, प्रधानाचार्य और एसडीएम के साथ बुलाए गए छात्रों की बैठक चल रही थी। इसी दौरान रात को लगभग आठ बजे अचानक से माहौल बिगड़ गया और कुछ लड़कों ने मेनगेट पर ताला लगा दिया। जबकि, प्रधानाचार्य समेत एसडीएम, सीओ अंदर ही थे। इसी दौरान वहां पहुंची पुलिस ने गेट से चढ़कर जीआईसी परिसर में अंदर जाकर लाठियां फटकारते हुए छात्रों को तितर बितर किया था, जिससे छात्रों में भगदड़ मच गई थी और छात्र आनन - फानन में बाउंड्री से कूदकर बाहर भागे। जबकि कुछ छात्रों को पुलिस ने लाठियों से भी पीटा था। यहां तक कि एक छात्र को तो एक जलती हुई लकड़ी से मारने का भी वीडियो वायरल हुआ है। वहीं, पुलिस के गेट पर चढ़कर अंदर जाकर छात्रों को लाठियां फटकारने के कई वीडियो भी वायरल हो गए थे। शहर में विभिन्न राजनीतिक और अन्य संगठनों द्वारा पुलिस की इस कार्रवाई की निंदा की और कार्रवाई की मांग जोर पकड़ने पर जिलाधिकारी अन्नावि दिनेश कुमार ने तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया है। कमेटी ने अब इस मामले की जांच शुरू कर दी है। अपर न्यायिक मजिस्ट्रेट रजनीश राय ने कहा कि 13 सितंबर की रात में राजकीय इंटर कॉलेज में अंक सूची में अंक प्रदर्शित नहीं होने के मामले में बैठक के दौरान छात्रों और पुलिस के बीच हुई घटना के संबंध में साक्ष्य मांगे हैं। बताया गया है कि जिस किसी व्यक्ति के पास उक्त घटना से संबंधित साक्ष्य हों या वह बयान देना चाहता हो, तो 18 सितंबर को अपर जिला मजिस्ट्रेट न्यायिक के कार्यालय में उपस्थित होकर दे सकता है।
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बीते तीन दिन पहले 13 सितंबर की रात को राजकीय इंटर कॉलेज में 877 छात्रों की अंक सूची में अंक प्रदर्शित नहीं होने की समस्या के निराकरण के लिए प्रधानाचार्य कक्ष में डीआईओएस, प्रधानाचार्य और एसडीएम के साथ बुलाए गए छात्रों की बैठक चल रही थी। इसी दौरान रात को लगभग आठ बजे अचानक से माहौल बिगड़ गया और कुछ लड़कों ने मेनगेट पर ताला लगा दिया। जबकि, प्रधानाचार्य समेत एसडीएम, सीओ अंदर ही थे। इसी दौरान वहां पहुंची पुलिस ने गेट से चढ़कर जीआईसी परिसर में अंदर जाकर लाठियां फटकारते हुए छात्रों को तितर बितर किया था, जिससे छात्रों में भगदड़ मच गई थी और छात्र आनन - फानन में बाउंड्री से कूदकर बाहर भागे। जबकि कुछ छात्रों को पुलिस ने लाठियों से भी पीटा था। यहां तक कि एक छात्र को तो एक जलती हुई लकड़ी से मारने का भी वीडियो वायरल हुआ है। वहीं, पुलिस के गेट पर चढ़कर अंदर जाकर छात्रों को लाठियां फटकारने के कई वीडियो भी वायरल हो गए थे। शहर में विभिन्न राजनीतिक और अन्य संगठनों द्वारा पुलिस की इस कार्रवाई की निंदा की और कार्रवाई की मांग जोर पकड़ने पर जिलाधिकारी अन्नावि दिनेश कुमार ने तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया है। कमेटी ने अब इस मामले की जांच शुरू कर दी है। अपर न्यायिक मजिस्ट्रेट रजनीश राय ने कहा कि 13 सितंबर की रात में राजकीय इंटर कॉलेज में अंक सूची में अंक प्रदर्शित नहीं होने के मामले में बैठक के दौरान छात्रों और पुलिस के बीच हुई घटना के संबंध में साक्ष्य मांगे हैं। बताया गया है कि जिस किसी व्यक्ति के पास उक्त घटना से संबंधित साक्ष्य हों या वह बयान देना चाहता हो, तो 18 सितंबर को अपर जिला मजिस्ट्रेट न्यायिक के कार्यालय में उपस्थित होकर दे सकता है।
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