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पुत्र की अस्थियां देख पिता के उड़े प्राण पखेरू

Sat, 17 Apr 2021 02:16 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Sat, 17 Apr 2021 02:16 AM IST
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father died when he see son death
फाइल फोटो धर्मपाल शाह बुंदेला - फोटो : LALITPUR
डोंगरा खुर्द/ललितपुर। कस्बा नाराहट निवासी राव साहब के परिवार में बेटे की बुधवार को कोरोना से सागर में मौत हो गई। उनका अंतिम संस्कार सागर में ही किया गया। बृहस्पतिवार को बेटे की अस्थियां उनके घर नाराहट लाई गई थीं, इस दौरान पुत्र का अस्थि कलश देखकर पिता को गहरा सदमा लगा, देखते ही देखते वह भी निढाल होकर जमीन पर गिर गए और उनकी मौत हो गई। नाराहट के इस चर्चित परिवार में 24 घंटे के अंदर हुई दूसरी मौत से परिवार में मातम छा गया। पूरा कस्बा शोक में डूब गया। बृहस्पतिवार को हाट बाजार भी बंद रहा ।
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नाराहट क्षेत्र के प्रतिष्ठित राव साहब के परिवार में धर्मपाल सिंह शाह बुंदेला (50) पुत्र राजेंद्र सिंह बुंदेला (85) कोरोना संक्रमण की चपेट में आकर अपना इलाज सागर में करा रहे थे। बुधवार को इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई थी। मौत की खबर परिजनों को दी गई लेकिन उनके पिता के उम्र दराज होने के कारण उन्हें इस दुखद घटना की जानकारी नहीं दी गई। परिवार के लोग सागर में धर्मपाल का अंतिम संस्कार कर बृहस्पतिवार को अस्थि कलश लेकर आए तो गांव के लोग शोक संवेदना व्यक्त करने उनके घर पहुंचे। अस्थि कलश देख पिता राजेंद्र सिंह बुंदेला उर्फ राव साहब को अनहोनी को समझने में देर नहीं लगी। वह बेसुध होकर गिर गए और बेटे के शोक में उन्होंने भी दुनिया छोड़ दी। 24 घंटे के अंदर ही परिवार में हुई दूसरी मौत ने राव साहब के परिवार को बुरी तरह से झकझोर दिया। एक तरफ पुत्र की अस्थियां आई तो दूसरी तरफ पिता की अर्थी सजने लगी। यह देख कोई भी अपने आंसू रोक नहीं पाया।
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नाराहट से लगातार पांच बार ग्राम प्रधान चुने गए राजेंद्र सिंह
वर्ष1842 में अंग्रेजों के खिलाफ आजादी का बिगुल फूंकने वाले मधुकर शाह को अंग्रेजों ने सागर की जेल में फांसी की सजा दी थी। मृतक राजेंद्र सिंह मधुकर शाह की तीसरी पीढ़ी के थे और वह रिश्ते में उनके नाती लगते थे। आजादी में अपना बलिदान देने के कारण राव साहब के परिवार को नाराहट क्षेत्र में काफी सम्मान की दृष्टि से देखा जाता है। नाराहट वासियों ने राजेंद्र सिंह को पांच बार, उनकी पत्नी को एक बार और एक बार उनके पुत्र को प्रधान पद चुना था।
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राव साहब के परिवार ने रखी थी अमझरा घाटी मंदिर निर्माण की नींव
यूपी-एमपी बार्डर के पास नेशनल हाईवे पर नाराहट ग्राम पंचायत के अंतर्गत अमझरा घाटी पर हनुमान जी के मंदिर की गिनती क्षेत्र के प्रसिद्ध मंदिरों में की जाती है। इस मंदिर के निर्माण की नींव राव साहब के परिवार ने ही रखी थी। यहां मंगलवार और शनिवार को श्रद्धालुओं का तांता लगा रहता है। इसके अलावा वसंत पंचमी पर दस दिनों तक चलने वाले मेले का आयोजन किया जाता है।

फाइल फोटो राजेंद्र सिंह राव साहब

फाइल फोटो राजेंद्र सिंह राव साहब- फोटो : LALITPUR

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