{"_id":"5eab327e8ebc3e90b33af775","slug":"due-to-lockdown-loss-wine-business-15-carore-lalitpur-news-jhs165717433","type":"story","status":"publish","title_hn":"लाकडाउन के चलते 15 करोड़ के राजस्व का नुकसान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लाकडाउन के चलते 15 करोड़ के राजस्व का नुकसान
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ललितपुर। लॉकडाउन के चलते जनपद में अधिकांश कारोबार ठप पड़े हैं। जहां आम लोगों को रोजगार का संकट सताने लगा है, वहीं सरकार के राजस्व को भी क्षति पहुंच रही है। इससे एक माह में आबकारी विभाग को करीब 15 करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान हो चुका है।
राज्य सरकार को आबकारी विभाग से राजस्व की आय होती है। आय बढ़ाने के लिए प्रत्येक वर्ष शराब की दुकानों का ठेका कराया जाता है। इससे पिछले वर्ष की अपेक्षा आमदनी बढ़ जाती है और शासन के राजस्व में वृद्धि हो जाती है।
लेकिन, देश में कोरोना वायरस संक्रमण को रोकने के लिए 25 मार्च को लॉकडाउन किया गया था, ताकि संक्रमण की चेन को तोड़ा जा सके। मरीजों की बढ़ती संख्या के चलते लॉकडाउन को 21 दिन के बाद 19 दिन के लिए और बढ़ा दिया गया है। इससे आम लोगों का जनजीवन अस्त - व्यस्त हो गया है। कई लोग बेरोजगारी की कगार पर आ गए हैं। वहीं, कामकाज बंद होने से सरकार को मिलने वाले राजस्व का भी नुकसान हो रहा है।
विज्ञापन
जनपद में आबकारी विभाग द्वारा 150 दुकानों का संचालन किया जा रहा है। इसमें सबसे अधिक दुकानें देशी शराब की है, जो शहर से लेकर गांव तक फैली हैं। लेकिन, वर्तमान में पूरी तरह से बंद चल रही हैं। अंग्रेजी शराब की 35 व 28 बीयर की दुकानें संचालित की जा रही हैं। इन सभी दुकानों का कारोबार पूरी तहर से ठप चल रहा है। इससे लगभग 300 लोग बेरोजगार हुए हैं तो ठेकेदारों की आय भी बंद हो गई है। विभाग को मिलने वाले राजस्व का नुकसान हो रहा है।
जिले में आबकारी विभाग की सभी शराब की दुकानों का कारोबार प्रतिमाह 21 करोड़ रुपये का होता है। इससे विभाग को प्रतिमाह लगभग 15 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त होता है, जो पूरी तरह से ठप हो गया है।
नहीं हो सके नए टेंडर
अप्रैल से शराब की दुकानों का नया सत्र शुरू होता है। आबकारी विभाग दुकानों के टेंडर की तैयारी कर रहा था। कुछ दुकानों की विज्ञप्ति निकाली भी थी, लेकिन टेंडर खुलने की अवधि से पहले ही लॉकडाउन हो गया। इससे दुकानों की नीलामी नहीं हो सकी और पुराने सत्र के टेंडर ही अभी चल रहे हैं। हालांकि, दुकानें पूरी तरह से बंद चल रही हैं।
महामारी के चलते दुकानों को बंद किया गया है। इससे प्रतिमाह विभाग को लगभग 15 करोड़ रुपये के राजस्व को क्षति पहुंच रही है। बीमारी का संकट खत्म होते ही शासन के निर्देश पर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
- सुभाषचंद्र , जिला आबकारी अधिकारी
विज्ञापन
राज्य सरकार को आबकारी विभाग से राजस्व की आय होती है। आय बढ़ाने के लिए प्रत्येक वर्ष शराब की दुकानों का ठेका कराया जाता है। इससे पिछले वर्ष की अपेक्षा आमदनी बढ़ जाती है और शासन के राजस्व में वृद्धि हो जाती है।
विज्ञापन
लेकिन, देश में कोरोना वायरस संक्रमण को रोकने के लिए 25 मार्च को लॉकडाउन किया गया था, ताकि संक्रमण की चेन को तोड़ा जा सके। मरीजों की बढ़ती संख्या के चलते लॉकडाउन को 21 दिन के बाद 19 दिन के लिए और बढ़ा दिया गया है। इससे आम लोगों का जनजीवन अस्त - व्यस्त हो गया है। कई लोग बेरोजगारी की कगार पर आ गए हैं। वहीं, कामकाज बंद होने से सरकार को मिलने वाले राजस्व का भी नुकसान हो रहा है।
विज्ञापन
जनपद में आबकारी विभाग द्वारा 150 दुकानों का संचालन किया जा रहा है। इसमें सबसे अधिक दुकानें देशी शराब की है, जो शहर से लेकर गांव तक फैली हैं। लेकिन, वर्तमान में पूरी तरह से बंद चल रही हैं। अंग्रेजी शराब की 35 व 28 बीयर की दुकानें संचालित की जा रही हैं। इन सभी दुकानों का कारोबार पूरी तहर से ठप चल रहा है। इससे लगभग 300 लोग बेरोजगार हुए हैं तो ठेकेदारों की आय भी बंद हो गई है। विभाग को मिलने वाले राजस्व का नुकसान हो रहा है।
जिले में आबकारी विभाग की सभी शराब की दुकानों का कारोबार प्रतिमाह 21 करोड़ रुपये का होता है। इससे विभाग को प्रतिमाह लगभग 15 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त होता है, जो पूरी तरह से ठप हो गया है।
नहीं हो सके नए टेंडर
अप्रैल से शराब की दुकानों का नया सत्र शुरू होता है। आबकारी विभाग दुकानों के टेंडर की तैयारी कर रहा था। कुछ दुकानों की विज्ञप्ति निकाली भी थी, लेकिन टेंडर खुलने की अवधि से पहले ही लॉकडाउन हो गया। इससे दुकानों की नीलामी नहीं हो सकी और पुराने सत्र के टेंडर ही अभी चल रहे हैं। हालांकि, दुकानें पूरी तरह से बंद चल रही हैं।
महामारी के चलते दुकानों को बंद किया गया है। इससे प्रतिमाह विभाग को लगभग 15 करोड़ रुपये के राजस्व को क्षति पहुंच रही है। बीमारी का संकट खत्म होते ही शासन के निर्देश पर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
- सुभाषचंद्र , जिला आबकारी अधिकारी