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बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं में ‘अव्वल’ महिला अस्पताल बदहाल!

Thu, 29 Aug 2019 08:03 PM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Thu, 29 Aug 2019 08:03 PM IST
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District lady hospital facing lots of problem
बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं में ‘अव्वल’ महिला अस्पताल बदहाल!
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ललितपुर। स्वच्छता व बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने के मानकों पर प्रदेश में अव्वल अस्पताल अव्यवस्थाओं की भेंट चढ़ गया है। जहां पर गर्भवती महिलाओं को कतार में लगकर पंजीयन कराना पड़ रहा है, वहीं परिसर की दीवारों पर पान की पीकें पड़ी हुई हैं।
जिला महिला अस्पताल कुछ वर्षों से बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराने में प्रथम स्थान पर आ रहा है। अस्पताल कायाकल्प अवार्ड से सम्मानित हो चुका है। इस अवार्ड में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराने के लिए मानक तय किए गए हैं, जिसमें अस्पताल में इंफेक्शन से बचाव की व्यवस्था होनी चाहिए। मरीजों को समय पर इलाज की सुविधा के साथ ही बेहतर देखभाल और स्वच्छता पर भी विशेष ध्यान दिया जाता है। पेयजल व अन्य सुविधाएं होनी चाहिए। इन मानकों पर खरा उतरने वाले अस्पतालों को अंक दिए जाते हैं। जिसमें सर्वाधिक अंक पाने वाला जिला महिला अस्पताल है।
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लेकिन, यहां पर आने वाली महिला मरीज स्वयं को ठगा सा महसूस करतीं है। पैथोलॉजी लैब में जांच के लिए उन्हें पंजीयन कराना होता है। कई महिला मरीज गर्भवती होने के कारण खड़ी नहीं हो सकतीं है। लेकिन, पंजीयन के लिए मजबूरन खड़ा रहना पड़ता है। कई महिलाएं अपनी बारी के लिए जमीन पर बैठकर इंतजार करतीं है। कतार आगे बढ़ने पर बैठे-बैठे खिसकती हैं। क्योंकि, उन्हें खड़ेे होने में परेशानी होती है। इतना ही नहीं इसी कतार में जांच होने के बाद रिपोर्ट लेने वाली महिलाओं को लगना पड़ता है। जांच के लिए सैंपल भी इसी खिड़की से लिया जाता है। एक खिड़की से तीन कार्य होने के कारण यहां पर अधिक भीड़ रहती है। यहां पर प्रतिदिन पांच सौ से अधिक महिलाएं उपचार के लिए आतीं हैं।
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महिला अस्पताल में भर्ती प्रसूताओं को नि:शुल्क आहार की सुविधा की है, जिसमें दो समय खाना और सुबह के समय नाश्ता व दूध की सुविधा है। इसके लिए किचन बनी है। लेकिन, इसके पीछे खाली पड़े स्थान में गंदगी का अंबार लगा रहता है। प्रसव कक्ष के पीछे भी कचरा पड़ा रहता है। यहां पर नालियों से पानी की निकासी के अभाव में जलभराव बना हुआ है। इतना ही नहीं ब्लड बैंक के बगल में बने शौचालय के आगे गंदगी है। इससे मरीज शौचालय में नहीं पहुंच पा रहे हैं।
कई बार अस्पताल में आने वाले मरीजों को स्ट्रेचर न मिलने पर उपचार के लिए परेशान होना पड़ता है। जिला महिला अस्पताल में स्ट्रेचरों के सहारे सामान ढोया जा रहा है। ऐसा ही नजारा बृहस्पतिवार को महिला अस्पताल में देखने को मिला, जहां पर कुछ कर्मचारी स्ट्रेचर पर कूलर को रखकर ले जा रहे थे। परिसर की अधिकांश दीवारें व कौने पान की पीकों से रंगे हैं। यहां पर रखे गमले भी पीकों से रंगे हुए हैं। परिसर में धूम्रपान करना निषेध है, जिसका पालन परिसर में नहीं कराया जा रहा है। अधिकांश तीमारदार अस्पताल में ही बैठकर गुटखा खाकर आसपास के स्थानों पर थूक रहे हैं।

पैथोलॉजी में तीन पैथलॉजिस्ट नियुक्त हैं। इनमें एक पैथोलॉजिस्ट बीमारी के चलते अवकाश पर है। इससे अधिक भीड़ लग रही है। परिसर में सफाई कर्मचारियों की कमी है। लेकिन, शीघ्र ही सफाई कराई जाएगी।
- हरेंद्र चौहान, प्रभारी मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, जिला महिला चिकित्सक
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