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Lalitpur News: शहरी क्षेत्र में महायोजना पर आपत्ति की तारीख सात सितंबर तक बढ़ी
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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। महायोजना में आपत्ति का आंकड़ा 658 तक पहुंच चुका है। लगातार आपत्ति को देखते हुए जिला प्रशासन ने इसकी तिथि बढ़ाने का निर्णय लिया है। अभी 31 अगस्त तक ही आपत्तियों को जमा करना था। जिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी ने आपत्ति प्राप्त करने की तिथि बढ़ाकर सात सितंबर कर दी है।
शुक्रवार को ललितपुर सेवा ग्रुप में उपजिलाधिकारी को एक ज्ञापन दिया, जिसमें महायोजना पर आपत्ति दर्ज कराई। ज्ञापन में बताया कि सबसे पुराने व्यावसायिक क्षेत्र कटरा बाजार, सर्राफा बाजार, कठरियाई, चूड़ी लाइन, महाकाली लाइन, पुरानी सब्जी मंडी, लोहा पीतल बाजार एवं साड़ी मार्केट आदि लगभग 100 वर्षों से व्यावसायिक क्षेत्र के रूप में विकसित एवं स्थापित है। इस क्षेत्र का बुनियादी ढांचा व्यावसायिक गतिविधियों के अनुरूप विकसित किया गया है। उक्त क्षेत्र का उपयोग आवासीय में बदलने से बुनियादी ढांचे का उचित उपयोग नहीं हो पाएगा और इससे यहां की व्यापारिक गतिविधियों में गिरावट आएगी। इस परिवर्तन से स्थानीय व्यापारियों की आजीविका पर भी संकट आ सकता है। महायोजना 2031 में नए व्यावसायिक क्षेत्र के उपयोग के लिए 12 मीटर चौड़ा मार्ग दर्शाया गया है। जबकि, शहर के पुराने व्यावसायिक क्षेत्र पर मार्ग की चौड़ाई बढ़ाने से असंतुलन की स्थिति पैदा हो जाएगी। इस दौरान अंकुर जैन सानू बाबा, सीमांत समैया, मुकेश जैन पाली, भरत पटेल, मधुर चूड़ी, प्रदीप राठौर आदि मौजूद रहे।
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ललितपुर। महायोजना में आपत्ति का आंकड़ा 658 तक पहुंच चुका है। लगातार आपत्ति को देखते हुए जिला प्रशासन ने इसकी तिथि बढ़ाने का निर्णय लिया है। अभी 31 अगस्त तक ही आपत्तियों को जमा करना था। जिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी ने आपत्ति प्राप्त करने की तिथि बढ़ाकर सात सितंबर कर दी है।
शुक्रवार को ललितपुर सेवा ग्रुप में उपजिलाधिकारी को एक ज्ञापन दिया, जिसमें महायोजना पर आपत्ति दर्ज कराई। ज्ञापन में बताया कि सबसे पुराने व्यावसायिक क्षेत्र कटरा बाजार, सर्राफा बाजार, कठरियाई, चूड़ी लाइन, महाकाली लाइन, पुरानी सब्जी मंडी, लोहा पीतल बाजार एवं साड़ी मार्केट आदि लगभग 100 वर्षों से व्यावसायिक क्षेत्र के रूप में विकसित एवं स्थापित है। इस क्षेत्र का बुनियादी ढांचा व्यावसायिक गतिविधियों के अनुरूप विकसित किया गया है। उक्त क्षेत्र का उपयोग आवासीय में बदलने से बुनियादी ढांचे का उचित उपयोग नहीं हो पाएगा और इससे यहां की व्यापारिक गतिविधियों में गिरावट आएगी। इस परिवर्तन से स्थानीय व्यापारियों की आजीविका पर भी संकट आ सकता है। महायोजना 2031 में नए व्यावसायिक क्षेत्र के उपयोग के लिए 12 मीटर चौड़ा मार्ग दर्शाया गया है। जबकि, शहर के पुराने व्यावसायिक क्षेत्र पर मार्ग की चौड़ाई बढ़ाने से असंतुलन की स्थिति पैदा हो जाएगी। इस दौरान अंकुर जैन सानू बाबा, सीमांत समैया, मुकेश जैन पाली, भरत पटेल, मधुर चूड़ी, प्रदीप राठौर आदि मौजूद रहे।
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