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नवीन गल्ला मंडी: 25 करोड़ का राजस्व देने के बाद भी परिसर में गंदगी का अंबार

Sat, 24 Sep 2022 09:54 PM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Sat, 24 Sep 2022 09:54 PM IST
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Crores of revenue payments, farmers upset due to dirt
मंडी की सड़क किनारे जमा गंदगी .संवाद - फोटो : LALITPUR
ललितपुर। साल में करीब 25 करोड़ का राजस्व देने वाली नवीन गल्ला मंडी परिसर में किसानों को सुविधाएं मिलना तो दूर अव्यवस्थाओं से जूझना पड़ रहा है। यहां पर जगह-जगह कचरा के ढ़ेर पहले से ही लगे हुए थे, बारिश से यह सड़ गया है। वहीं, नालियां भी गंदगी से बजबजा रहीं है। ऐसे में चारों ओर दुर्गंध उठ रही है। इससे लोगों को मंडी परिसर में रुकना मुश्किल हो गया है। वहीं, मूत्रालयों में पानी न होने से दुर्गंध दे रहे हैं। ऐसे में मंडी में संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा बना हुआ है। इस गंदगी के बीच किसान, व्यापारी व मजदूर कार्य करने के लिए मजबूर हैं। इसके बाद भी जिम्मेदार अनेदखा कर रहे हैं।
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जनपद मुख्यालय पर स्थित नवीन कृषि उत्पादन मंडी में सभी तहसीलों के किसान अपनी उपज बेचने के लिए आते हैं। वहीं, सीमा से सटे मध्यप्रदेश के जनपदों के किसान भी उपज बेचने के लिए पहुंचे हैं। ऐसे मंडी में प्रतिदिन सैकड़ों किसानों की आवाजाही रहती है। कई किसानों के देरी से पहुंचने के चलते उपज नहीं बिकने पर रात में भी रुकना पड़ता है। लेकिन, मंडी में व्याप्त अव्यवस्थाओं से किसान ही नहीं व्यापारी व पल्लेदारों भारी परेशानी से जूझना पड़ रहा है। यहां पर पहले ही बीते कई वर्षों से कुछ स्थानों पर सफाई नहीं हुई है। इससे जगह-जगह बड़े कचरा के भारी मात्रा में ढ़ेर लगे हुए हैं, जिसमें कई जगह पर तो झाड़ियां तक उग आईं हैं। वहीं, नियमित सफाई न होने से परिसर में गंदगी भरी पड़ी है। अब बीते दो सप्ताह से लगातार हो रही रुक - रुक कर बारिश से कचरा पूरी तरह से सड़ गया है। गंदगी से बजबजा रहीं नालियों की सफाई न होने से दुर्गंध उठ रही है। ऐसे में यहां पर समूचे परिसर में चारों ओर गंदगी ही गंदगी नजर आ रही है। इसके सड़ने से लोगों को ठहरना तो दूर निकलना तक मुश्किल हो गया है। हद तो तब हो गई, जब जिम्मेदार अधिकारी का कार्यालय व आवास भी परिसर में ही बना हुआ है। इसके बाद भी अब तक समस्या का निराकरण नहीं किया गया है। ऐसे में जिम्मेदारों की कार्यप्रणाली का अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है।
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अधिकारी नहीं उठाते फोन
मंडी में प्रशासन की उदासीनता के चलते अव्यवस्थाओं को ध्यान तक नहीं दे रहे हैं। मंडी में समस्या की सूचना देने के लिए सचिव तो कोई भी फोन लगाए तो जवाब नहीं दिया जाता है। तीन दिन में कई बार फोन लगाने के बाद भी प्राप्त नहीं किया गया। इससे मंडी की प्रशासनिक व्यवस्थाओं को संचालित करने की स्थिति का अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है।
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कैप्सन - अशोक अनौरा, अध्यक्ष, गल्ला व्यापार संघ
मंडी में सफाई व्यवस्था पूरी तरह से चौपट बनी हुई है। बारिश में कचरा सड़ने से दुर्गंध उठ रही है। ऐसे में किसान, व्यापारी व पल्लेदार सभी परेशान हैं। मजबूरन ही कार्य करना पड़ रहा है।- अशोक अनौरा, अध्यक्ष, गल्ला व्यापार संघ

कैप्सन- संजीव जैन, महामंत्री, गल्ला व्यापार संघ
मंडी में नालियों व गंदगी जमा होने से पानी निकासी नहीं हो पा रही है। इससे मच्छर पनप रहे हैं। साथ ही संक्रामक बीमारियों का खतरा बना हुआ है। सफाई व्यवस्था दुरुस्त की जाए।- संजीव जैन, महामंत्री, गल्ला व्यापार संघ
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