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पकड़ तो लेंगे, पर ले कहां जाएंगे
Lalitpur
Updated Tue, 28 Jun 2016 01:12 AM IST
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पकड़ तो लेंगे, पर ले कहां जाएंगे
- फोटो : Amar Ujala
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ललितपुर। नगर में घूम रहे आवारा जानवरों को पकड़ने का अभियान आधी अधूरी तैयारियों के साथ नगर पालिका ने शुरू कर दिया है। चेयरमैन ने कैटल कैचर (आवारा जानवरों को पकड़ने वाला वाहन) का उद्घाटन किया। अब आवारा जानवरों को पकड़कर कैटल कैचर के माध्यम से शहर के बाहर भिजवाया जाएगा। हालांकि, जानवर शहर के बाहर कहां रखे जाएंगे अथवा किसकी सुपुर्दगी में सौंपे जाएंगे, इसका कोई खाका तैयार नहीं है। ऐसे में जानवर शहर में वापस नहीं आएंगे, इसकी क्या गारंटी है।
शहर में विचरण करने वाले आवारा जानवर आम लोगों के लिए मुसीबत बनते जा रहे हैं। सड़क पर कहीं पर भी नजर डालो, आवारा जानवरों के झुंड के झुुंड नजर आते हैं। इन जानवरों की वजह से कई हादसे हो चुके हैं। पिछले दिनों मुहल्ला आजादपुरा में एक सांड़ ने सेवानिवृत्त बैंक कर्मचारी को मार डाला था। हाल ही में कांग्रेस पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष हरीकिशन बाबा का वाहन आवारा जानवर को बचाने के प्रयास में अनियंत्रित हो गया था, जिसमें उनकी मौत हो गई थी। आवारा जानवरों की धरपकड़ को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने भी सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने पुलिस कर्मियों की जिम्मेदारी तय कर दी है। साथ ही नगर पालिका को आवारा जानवरों को पकड़ने के लिए भी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
नगर पालिका ने कैटल कैचर वाहन खरीदा है, जिससे आवारा जानवरों को पकड़कर शहर के बाहर किया जा सके। पालिकाध्यक्ष सुभाष जायसवाल व अधिशासी अधिकारी राकेश कुमार ने कैटल कैचर वाहन जनता को समर्पित कर दिया है। उन्होंने बताया कि सड़कों पर विचरण करने वाले आवारा जानवरों को पकड़ कर कैटल कैचर के माध्यम से शहर के बाहर भिजवाया जाएगा। इसकी शुरूआत भी हो गई और दो आवारा जानवरों को घंटाघर के पास से पकड़ा गया।
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आवारा पशु पकड़वाने इन नंबरों पर दें सूचना
नाम पद मोबाइल नंबर
रामकुमार लवानियां सफाई एवं खाद्य निरीक्षक 9415928340
दिनेश कुमार बिरौनिया सफाई निरीक्षक 9450291200
अभिषेक चौबे लिपिक 9450017922
स्वीपिंग मशीन का ट्रायल
शहर के मुख्य मार्गों की सफाई के लिए रोड स्वीपिंग मशीन का भी ट्रायल किया गया। इस मशीन से नगर के मुख्य मार्गों के दोनों ओर कचरे को इकट्ठा करने का कार्य किया जाएगा।
नहीं है कांजी हाउस
नगर पालिका के पास पूर्व में दो कांजी हाउस थे, इसमें से एक मुहल्ला खिरकापुरा और दूसरा बस स्टैंड के पास घुसयाना में था। लेकिन, पिछले बोर्ड के कार्यकाल में दोनों कांजी हाउस बंद कर दिए गए, जिससे आवारा जानवरों पर प्रतिबंध लगाने की समस्या गंभीर हो गई है।
प्रशिक्षित कर्मचारियों की कमी
नगर पालिका ने कैटल कैचर वाहन तो खरीद लिया है, लेकिन आवारा जानवरों को पकड़ने के लिए विभाग के पास प्रशिक्षित कर्मचारियों की कमी है। ऐसे में आवारा जानवरों को पकड़ पाना सामान्य कर्मियों के लिए काफी कठिन कार्य होगा।
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शहर में विचरण करने वाले आवारा जानवर आम लोगों के लिए मुसीबत बनते जा रहे हैं। सड़क पर कहीं पर भी नजर डालो, आवारा जानवरों के झुंड के झुुंड नजर आते हैं। इन जानवरों की वजह से कई हादसे हो चुके हैं। पिछले दिनों मुहल्ला आजादपुरा में एक सांड़ ने सेवानिवृत्त बैंक कर्मचारी को मार डाला था। हाल ही में कांग्रेस पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष हरीकिशन बाबा का वाहन आवारा जानवर को बचाने के प्रयास में अनियंत्रित हो गया था, जिसमें उनकी मौत हो गई थी। आवारा जानवरों की धरपकड़ को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने भी सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने पुलिस कर्मियों की जिम्मेदारी तय कर दी है। साथ ही नगर पालिका को आवारा जानवरों को पकड़ने के लिए भी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
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नगर पालिका ने कैटल कैचर वाहन खरीदा है, जिससे आवारा जानवरों को पकड़कर शहर के बाहर किया जा सके। पालिकाध्यक्ष सुभाष जायसवाल व अधिशासी अधिकारी राकेश कुमार ने कैटल कैचर वाहन जनता को समर्पित कर दिया है। उन्होंने बताया कि सड़कों पर विचरण करने वाले आवारा जानवरों को पकड़ कर कैटल कैचर के माध्यम से शहर के बाहर भिजवाया जाएगा। इसकी शुरूआत भी हो गई और दो आवारा जानवरों को घंटाघर के पास से पकड़ा गया।
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आवारा पशु पकड़वाने इन नंबरों पर दें सूचना
नाम पद मोबाइल नंबर
रामकुमार लवानियां सफाई एवं खाद्य निरीक्षक 9415928340
दिनेश कुमार बिरौनिया सफाई निरीक्षक 9450291200
अभिषेक चौबे लिपिक 9450017922
स्वीपिंग मशीन का ट्रायल
शहर के मुख्य मार्गों की सफाई के लिए रोड स्वीपिंग मशीन का भी ट्रायल किया गया। इस मशीन से नगर के मुख्य मार्गों के दोनों ओर कचरे को इकट्ठा करने का कार्य किया जाएगा।
नहीं है कांजी हाउस
नगर पालिका के पास पूर्व में दो कांजी हाउस थे, इसमें से एक मुहल्ला खिरकापुरा और दूसरा बस स्टैंड के पास घुसयाना में था। लेकिन, पिछले बोर्ड के कार्यकाल में दोनों कांजी हाउस बंद कर दिए गए, जिससे आवारा जानवरों पर प्रतिबंध लगाने की समस्या गंभीर हो गई है।
प्रशिक्षित कर्मचारियों की कमी
नगर पालिका ने कैटल कैचर वाहन तो खरीद लिया है, लेकिन आवारा जानवरों को पकड़ने के लिए विभाग के पास प्रशिक्षित कर्मचारियों की कमी है। ऐसे में आवारा जानवरों को पकड़ पाना सामान्य कर्मियों के लिए काफी कठिन कार्य होगा।