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Lalitpur News: विद्युत सखी बनकर गांव में ही कर रहीं शहर जैसी कमाई

Fri, 07 Mar 2025 02:21 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Fri, 07 Mar 2025 02:21 AM IST
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By becoming Vidyut Sakhi, she is earning like a city in the village itself

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संवाद न्यूज एजेंसी

ललितपुर। सरकार की पहल रंग लाई और बिजली विभाग ने गांव-गांव में घर और गलियां रोशन कर दीं। लेकिन बिजली बिल के संकलन और मीटर रीडिंग के लिए विभाग के पास न तो पर्याप्त संशाधन थे ने कर्मचारी। ऐसे में स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने विद्युत सखी बनकर इस काम का बीड़ा उठाया और इसे अपने रोजगार का जरिया बना लिया। वे अब तक 80 लाख से अधिक के बिजली बिल का संकलन कर चुकी हैं।



विद्युत सखियों ने बिजली विभाग के साथ मिलकर बिजली बिल संयोजन का काम कर अपने गांव में ही आजीविका का साधन खोज निकाला है। बिजली विभाग के पास इस काम के लिए पर्याप्त संसाधन उपलब्ध नहीं थे। इस कमी को दूर करने के लिए दक्षिणांचल विद्युुत वितरण निगम लिमिटेड एवं उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन ने मिलकर नवाचार किया है।
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जिला मिशन प्रबंधक विद्यासागर द्विवेदी ने बताया कि बिजली बिल का संकलन करना चुनौतीपूर्ण था, लेकिन आजीविका मिशन की महिलाओं ने इस काम को एक चुनौती के रूप में लिया और दक्ष विद्युत सखी बनकर दिखाया। विद्युत विभाग के पैमाने पर खरी उतरकर यह साबित कर दिया कि काई भी काम असंभव नहीं।
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विकास खंड बिरधा की जमुना देवी, ज्योति कुशवाहा, क्रांति, संगीता, मिथलेश, कमलेश एवं विकास खंड महरौनी से मीरा, लक्ष्मी एवं भारती जैसी अनेक महिलाओं ने घर-घर जाकर एक मुश्त समाधान योजना (ओटीएस स्कीम) में 80 लाख रुपये के बिजली बिल का संकलन किया। विद्युत विभाग ने अब उन्हें मीटर रीडिंग का दायित्व भी दे दिया है। इससे समूह की महिलाओं को आजीविका संवर्धन के अवसर मिलेंगे।

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फोटो- 07

विकास खंड बिरधा के सामान्य परिवार की ज्योति कुशवाहा शिक्षित होकर भी बेरोजगारी से अपना जीवन बिता रही थीं। जरूरत थी एक अवसर की जो समूह से जुड़कर प्राप्त हुआ। समूह के माध्यम से जुड़कर विद्युत सखी का कार्य किया जिसमें अपने सपने को उड़ान दी। आज ज्योति बिजली बिल संकलन एवं मीटर रीडिंग से 10000-12000 रुपये प्रतिमाह कमा रही हैं।



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फोटो- 08



विकास खंड बिरधा के ग्राम डोंगराखुर्द की जमुना देवी शिक्षित होने के बावजूद इंदौर जाकर मजदूरी कर रही थीं। उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़कर विद्युत सखी का काम करने लगीं। वह अब बिजली बिल संकलन एवं मीटर रीडिंग से 15000-18000 रुपये प्रतिमाह कमा रही हैं।
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