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चार साल बाद से क्षतिग्रस्त पुल से निकल रहे लोग, नहीं ले रहा कोई सुध

Sun, 26 Sep 2021 01:29 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Sun, 26 Sep 2021 01:29 AM IST
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Bridge damaged for four years, no one is taking care
ललितपुर। शहर में खिरकापुरा होते हुए पंचमुखी हनुमान मंदिर के पहले शहजाद नदी पर बना सुरई घाट का पुल चार साल से क्षतिग्रस्त पड़ा है। जिसकी किसी ने सुध नहीं ली है, जबकि राहगीरों को निकलने में परेशानी हो रही है।
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सुरईघाट स्थित पंचमुखी हनुमान मंदिर के पहले शहजाद नदी के पुल का आधा हिस्सा चार साल पहले गोविंद सागर बांध के गेट खुलने के चलते बह गया था और उक्त पुल को काफी क्षति पहुंची थी। जिस पर उस समय पुल से सड़क मार्ग का रास्ता कट गया था। डोल ग्यारस पर मंदिरों के विमान निकालने के लिए नगर पालिका द्वारा मिट्टी डालकर इतिश्री कर गई थी और उसके बाद दो साल पहले बारिश व बांध के गेट खुलने पर पुल पर डाली गई मिट्टी भी बह गई। जिसके बाद फिर से यहां से गुजरने वाले लोगों को परेशानी होने लगी।
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ऐसे में मात्र दो पहिया वाहन या पैदल राहगीर ही निकल पा रहे हैं, जबकि चार पहिया वाहनों को दूसरे रास्ते से कैलगुवां चौराहा होते हुए करीब चार किलोमीटर का चक्कर काटना पड़ रहा है। वहीं रात के समय इस पुल से निकलने पर हादसे का खतरा बना रहता है। कई बार वाहन चालक इस ऊबड़-खाबड़ पुल से निकलने के दौरान गिरने से चोटिल भी हो चुके हैं। इस पुल की जर्जर और क्षतिग्रस्त हालत के बाद भी शासन व प्रशासन द्वारा कोई सुध नहीं ली गई है।
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पांच साल पहले बह गया था आधा बयाना पुल
ललितपुर। इससे बुरा हाल शहर के मोहल्ला घुसयाना में बयाना नाले पुल का है, जो करीब पांच वर्ष पहले बारिश के दौरान नाले के तेज बहाव में नाले के मध्य से आधा पुल बह गया था। जिसके बाद से यह पुल उसी क्षतिग्रस्त पड़ा है जबकि यह पुल क्षतिग्रस्त होने के दो साल पहले ही बनाया गया था।
जब से पुल क्षतिग्रस्त हुआ है, तब से मंदिर तक जाने में लोगों दिक्कत हो रही है। यहां से चार पहिया वाहन निकलना तो बंद ही हो गया है। अक्सर यहां दुर्घटना का अंदेशा बना रहता है।

रामू कुशवाहा
घुसयाना का पुल मात्र दो साल ही चल सका। तब से आज तक किसी ने इस पुल के निर्माण पर कोई ध्यान नहीं दिया। बयाना नाले के मुख्य पुल पर जाम की स्थिति में घुसयाना का पुल काफी मददगार साबित होता था।
जगदीश, राहगीर।
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