ललितपुर। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के निशाने पर खंड शिक्षा अधिकारी आ गए हैं। पहले ब्लॉक बार फिर तालबेहट और अब बिरधा के खंड शिक्षा अधिकारी की शिकायत की गई है। पदाधिकारियों ने डीएम को ज्ञापन देकर विकासखंड बिरधा के खंड शिक्षा अधिकारी की अनियमितताओं की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।
जिलाध्यक्ष राजेश लिटौरिया ने जिलाधिकारी को दिए ज्ञापन में आरोप लगाया है कि खंड शिक्षा अधिकारी बिरधा द्वारा विद्यालयों का निरीक्षण करके जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में निरीक्षण आख्या प्रेषित नहीं की जाती है और वे महीनों अपने पास रखे रहते हैं। इससे अनियमितताओं को बढ़ावा मिल रहा है। ऐसा ही एक ज्ञापन 15 अक्तूबर 2020 को ज्ञापन सौंपा गया था। डीएम ने कहा कि जिस दिन विद्यालय का निरीक्षण किया जाए, उसी दिन शाम तक कार्यालय में निरीक्षण आख्या उपलब्ध कराएं। खंड शिक्षा अधिकारी बिरधा ने निशुल्क पाठ पुस्तकों के उठान में भी गड़बड़ी की है। अध्यापकों के निजी व्यय पर पुस्तकों का उठान करवाया गया है। बीते माहों में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ललितपुर द्वारा शिक्षा निदेशक बेसिक लखनऊ को शिकायत की गयी थी, जिस के क्रम में जांच उपरांत खंड शिक्षा अधिकारी दोषी पाए गए थे और उन्हें एक प्रतिकूल प्रविष्टि भी दी गई थी जो अभी तक सेवा पंजिका में दर्ज नहीं की गई । उक्त खंड शिक्षा अधिकारी ब्लॉक मुख्यालय पर निवास ना करके प्रतिदिन अप डाउन करते हैं जबकि विभागीय निर्देश हैं कि इनका आवास ब्लॉक मुख्यालय पर ही हों। इस आशय का शपथ पत्र भी मुख्य विकास अधिकारी ललितपुर को इनके द्वारा उपलब्ध कराया गया है कि वह अप डाउन नहीं करते। संकुल स्तर पर रुपया 80000 की घटिया फर्नीचर की केंद्रीय आपूर्ति कराई गई और अब भुगतान हेतु संकुल प्रभारियों पर दबाव डाला जा रहा है। संकुल प्रभारियों के पद समाप्त हो गए हैं। नियमों को ताक पर रखकर कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने जिलाधिकारी से इस प्रकरण की मजिस्ट्रेट जांच की की मांग की है। ज्ञापन देने वालों में संगठन के अध्यक्ष राजेश लिटौरिया, जिला मंत्री अरुण गोस्वामी, संघर्ष समिति जिला अध्यक्ष संतोष रजक, जिला मंत्री हेमंत तिवारी, आलोक स्वामी उपस्थित रहे।