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उल्टी गिनती शुरू होने से सह समन्वयकों में बैचेनी
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 12 Apr 2017 12:37 AM IST
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primery school
- फोटो : demo
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परिषदीय स्कूलों में शैक्षिक सपोर्ट देने वाले सह समन्वयक अब अपने भविष्य को लेकर चिंतित दिखाई दे रहे हैं। इसकी वजह मई माह में कार्यकाल समाप्त होना है। इन हालातों में कमिश्नर का प्रोजेक्ट लड़खड़ाता नजर आ रहा है।
ब्लाक संसाधन केंद्रों पर विषयवार पांच सह समन्वयकों को रखने का प्रावधान किया गया है। नियमत: सह समन्वयक का कार्यकाल तीन साल रखा गया है। इस दौरान यदि बेहतर कार्य पाया जाता है तो अगले तीन के लिए उनका नवीनीकरण कर दिया जाता है। वर्तमान में 21 सह समन्वयक विभिन्न ब्लाकों में काम कर रहे हैं। इनमें से 17 सह समन्वयकों का कार्यकाल नौ मई को समाप्त हो रहा है जबकि अन्य चार सह समन्यवकों के कुछ महीने शेष रह गए हैं। जिन सह समन्वयकों का कार्यकाल मई माह में समाप्त हो गया है, उनमें भविष्य को लेकर बेचैनी देखी जा रही है। इसका विपरीत प्रभाव मंडलायुक्त झांसी के राममोहन राव के ड्रीम प्रोजेक्ट शिक्षा सबका दायित्व पर पड़ रहा है। कई सह समन्वयकों ने कमिश्नर के प्रोजेक्ट को किनारे कर पद पर बने रहने के प्रयास तेज कर दिए गए हैं। सूत्र बताते हैँ कि इस सप्ताह नवीन चयन की प्रक्रिया की शुरुआत हो सकती है। जिसके लिए विभागीय कर्मियों ने काम करना आरंभ कर दिया है।
डीएम के पास जाएगी फाइल
नवीन चयन की विज्ञप्ति निकालने से पहले सह समन्वयकों की फाइल डीएम के समक्ष रखी जाएगी। उसके बाद आगे की प्रक्रिया शुरू होगी।
कमलेश कुमार
जिला समन्वयक
बीएसए कार्यालय ललितपुर।
इतने छोड़ चुके सह समन्वयक पद
कई सह समन्वयक कार्यकाल पूरा होने से पहले ही पद छोड़ चुके हैं। इनमें रक्षपाल सिंह, शीलचंद्र जैन, अमित श्रीवास्तव, राजकुमार वर्मा, कृष्ण मुरारी उपाध्याय, कालका प्रसाद अवस्थी शामिल हैं जबकि तीन सह समन्वयकों को हटाया जा चुका है। इस संबंध में जिला समन्वयक कमलेश कुमार का कहना है कि कालका प्रसाद अवस्थी का इस्तीफा उन्हें प्राप्त नहीं हुआ है।
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ब्लाक संसाधन केंद्रों पर विषयवार पांच सह समन्वयकों को रखने का प्रावधान किया गया है। नियमत: सह समन्वयक का कार्यकाल तीन साल रखा गया है। इस दौरान यदि बेहतर कार्य पाया जाता है तो अगले तीन के लिए उनका नवीनीकरण कर दिया जाता है। वर्तमान में 21 सह समन्वयक विभिन्न ब्लाकों में काम कर रहे हैं। इनमें से 17 सह समन्वयकों का कार्यकाल नौ मई को समाप्त हो रहा है जबकि अन्य चार सह समन्यवकों के कुछ महीने शेष रह गए हैं। जिन सह समन्वयकों का कार्यकाल मई माह में समाप्त हो गया है, उनमें भविष्य को लेकर बेचैनी देखी जा रही है। इसका विपरीत प्रभाव मंडलायुक्त झांसी के राममोहन राव के ड्रीम प्रोजेक्ट शिक्षा सबका दायित्व पर पड़ रहा है। कई सह समन्वयकों ने कमिश्नर के प्रोजेक्ट को किनारे कर पद पर बने रहने के प्रयास तेज कर दिए गए हैं। सूत्र बताते हैँ कि इस सप्ताह नवीन चयन की प्रक्रिया की शुरुआत हो सकती है। जिसके लिए विभागीय कर्मियों ने काम करना आरंभ कर दिया है।
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डीएम के पास जाएगी फाइल
नवीन चयन की विज्ञप्ति निकालने से पहले सह समन्वयकों की फाइल डीएम के समक्ष रखी जाएगी। उसके बाद आगे की प्रक्रिया शुरू होगी।
कमलेश कुमार
जिला समन्वयक
बीएसए कार्यालय ललितपुर।
इतने छोड़ चुके सह समन्वयक पद
कई सह समन्वयक कार्यकाल पूरा होने से पहले ही पद छोड़ चुके हैं। इनमें रक्षपाल सिंह, शीलचंद्र जैन, अमित श्रीवास्तव, राजकुमार वर्मा, कृष्ण मुरारी उपाध्याय, कालका प्रसाद अवस्थी शामिल हैं जबकि तीन सह समन्वयकों को हटाया जा चुका है। इस संबंध में जिला समन्वयक कमलेश कुमार का कहना है कि कालका प्रसाद अवस्थी का इस्तीफा उन्हें प्राप्त नहीं हुआ है।
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