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स्वावलंबी बनें ग्राम पंचायतें
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 15 Sep 2016 12:55 AM IST
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d m nirikchn, lalitpur news
- फोटो : amar ujala, lalitpur news
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ललितपुर। ग्राम पंचायतों में सशक्त गांव विकसित प्रदेश अभियान के बेहतर क्रियान्वयन को लेकर अधिकारियों के साथ एक बैठक का आयोजन बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में किया गया। डीएम डा. रूपेश कुमार ने आठ सितंबर को विकास खंड जखौरा के विघामहावत के प्राथमिक विद्यालय टपरियन और ग्राम पंचायत नदनवारा में सशक्त गांव विकसित प्रदेश अभियान के अंतर्गत ग्राम सभा की खुली बैठकों का आयोजन किया था। अभियान की शुरुआत आठ सितंबर से हो गई थी।
बुधवार को आयोजित बैठक में डीएम डा. रूपेश कुमार ने बताया कि सरकार की मंशा है कि पंचायतें उपलब्ध संसाधनों से अपना विकास करें और डिजिटली सुविधा संपन्न और दक्ष बनते हुए स्वयं की आय के स्रोत विकसित कर स्वावलंबी बन प्रदेश का विकास करें। योजनाओं का क्रियान्वयन और उसका संपूर्ण लाभ जन समुदाय को नहीं मिल पाता है, जिसका एक कारण लोगों के जानकारी का अभाव होना है। प्रदेश सरकार ने सशक्त गांव विकसित प्रदेश अभियान आठ सितंबर से प्रारंभ कर ग्राम पंचायतों में ग्राम सभा की बैठक सुनिश्चित होने तक चलाये जाने का निर्णय लिया है।
यह कार्यक्रम ग्राम पंचायतों में वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में चलाया जाएगा। इस जागरूकता अभियान का मूल उद्देश्य पंचायती राज व्यवस्था को मजबूत करते हुए केंद्र और राज्य सरकार द्वारा संचालित समस्त सरकारी योजनाओं और कार्यक्रमों की जानकारी देना, ग्राम पंचायत के विकास हेतु जन समुदाय में सहभागिता बढ़ाना, ग्राम पंचायतों को समग्र विकास के लिए संवेदनशील बनाने के साथ हमारी योजना हमारा विकास कार्यक्रम को ग्राम पंचायत स्तर पर लेकर जाना और ग्राम पंचायत को स्वच्छता के प्रति जागरूक करते हुए ग्राम स्वच्छता पर लोगों की जिम्मेदारी भी तय करना है। शासन स्तर से जारी निर्देशों की जानकारी प्रदान करते हुए जिलाधिकारी ने बताया कि ग्राम सभा की बैठकों में वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा केंद्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं की जानकारी दी जाएगी।
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उन्होंने चौपाल में उपस्थित लोगों को सरकार द्वारा संचालित योजनाओं समाजवादी पेेंशन योजना, लोहिया ग्रामीण आवास योजना, नि:शुल्क लैपटॉप वितरण योजना, संशोधित कन्या विद्या धन योजना, कामधेनु, मिनी कामधेनु डेयरी, माइक्रो कामधेनु डेयरी योजना, कृषक दुर्घटना बीमा योजना, जैसी योजनाओं के बारे में जानकारी प्रदान की। सशक्त गांव विकसित प्रदेश अभियान का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इसके लिए आवश्यक है कि ग्राम सभा और ग्राम पंचायतों की बैठकों में ग्राम पंचायत विकास योजना का ग्राम सभा से अनुमोदन, योजना का क्रियान्वयन और अनुश्रवण पर भी विस्तार से चर्चा हो।
डीएम ने यह भी बताया कि शासन स्तर से भी कार्यक्रमों की समीक्षा के लिए सीडीओ, अपर जिलाधिकारी, उप जिलाधिकारी सहित अन्य अधिकारी सप्ताह में एक बार बृहस्पतिवार के दिन न्यूनतम पांच ग्राम सभाओं में प्रतिभाग करेंगे। ग्राम सभा की बैठकों में अभियान के दौरान होने वाली सभी गतिविधियों का दस्तावेजीकरण किया जायेगा और उसे पंचायत राज विभाग की वेबसाइट पर अपलोड भी किया जाएगा। इस दौरान प्राथमिक विद्यालयों में चल रहे आंगनबाड़ी केंद्रों का निरीक्षण भी किया जाएगा और प्राथमिक स्कूलों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं से उनको वितरित किये जा रहे मध्याह्न भोजन तथा शैक्षणिक गुणवत्ता का परीक्षण भी होगा। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी प्रवीण कुमार लक्षकार, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रताप सिंह, अपर जिलाधिकारी योगेंद्र बहादुर सिंह, परियोजना निदेशक डीआरडीए सुरेश चंद्र मिश्र, जिला विकास अधिकारी देवेंद्र प्रताप, सीओ सदर बल्देव सिंह खनेड़ा उपस्थित रहे।
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बुधवार को आयोजित बैठक में डीएम डा. रूपेश कुमार ने बताया कि सरकार की मंशा है कि पंचायतें उपलब्ध संसाधनों से अपना विकास करें और डिजिटली सुविधा संपन्न और दक्ष बनते हुए स्वयं की आय के स्रोत विकसित कर स्वावलंबी बन प्रदेश का विकास करें। योजनाओं का क्रियान्वयन और उसका संपूर्ण लाभ जन समुदाय को नहीं मिल पाता है, जिसका एक कारण लोगों के जानकारी का अभाव होना है। प्रदेश सरकार ने सशक्त गांव विकसित प्रदेश अभियान आठ सितंबर से प्रारंभ कर ग्राम पंचायतों में ग्राम सभा की बैठक सुनिश्चित होने तक चलाये जाने का निर्णय लिया है।
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यह कार्यक्रम ग्राम पंचायतों में वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में चलाया जाएगा। इस जागरूकता अभियान का मूल उद्देश्य पंचायती राज व्यवस्था को मजबूत करते हुए केंद्र और राज्य सरकार द्वारा संचालित समस्त सरकारी योजनाओं और कार्यक्रमों की जानकारी देना, ग्राम पंचायत के विकास हेतु जन समुदाय में सहभागिता बढ़ाना, ग्राम पंचायतों को समग्र विकास के लिए संवेदनशील बनाने के साथ हमारी योजना हमारा विकास कार्यक्रम को ग्राम पंचायत स्तर पर लेकर जाना और ग्राम पंचायत को स्वच्छता के प्रति जागरूक करते हुए ग्राम स्वच्छता पर लोगों की जिम्मेदारी भी तय करना है। शासन स्तर से जारी निर्देशों की जानकारी प्रदान करते हुए जिलाधिकारी ने बताया कि ग्राम सभा की बैठकों में वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा केंद्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं की जानकारी दी जाएगी।
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उन्होंने चौपाल में उपस्थित लोगों को सरकार द्वारा संचालित योजनाओं समाजवादी पेेंशन योजना, लोहिया ग्रामीण आवास योजना, नि:शुल्क लैपटॉप वितरण योजना, संशोधित कन्या विद्या धन योजना, कामधेनु, मिनी कामधेनु डेयरी, माइक्रो कामधेनु डेयरी योजना, कृषक दुर्घटना बीमा योजना, जैसी योजनाओं के बारे में जानकारी प्रदान की। सशक्त गांव विकसित प्रदेश अभियान का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इसके लिए आवश्यक है कि ग्राम सभा और ग्राम पंचायतों की बैठकों में ग्राम पंचायत विकास योजना का ग्राम सभा से अनुमोदन, योजना का क्रियान्वयन और अनुश्रवण पर भी विस्तार से चर्चा हो।
डीएम ने यह भी बताया कि शासन स्तर से भी कार्यक्रमों की समीक्षा के लिए सीडीओ, अपर जिलाधिकारी, उप जिलाधिकारी सहित अन्य अधिकारी सप्ताह में एक बार बृहस्पतिवार के दिन न्यूनतम पांच ग्राम सभाओं में प्रतिभाग करेंगे। ग्राम सभा की बैठकों में अभियान के दौरान होने वाली सभी गतिविधियों का दस्तावेजीकरण किया जायेगा और उसे पंचायत राज विभाग की वेबसाइट पर अपलोड भी किया जाएगा। इस दौरान प्राथमिक विद्यालयों में चल रहे आंगनबाड़ी केंद्रों का निरीक्षण भी किया जाएगा और प्राथमिक स्कूलों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं से उनको वितरित किये जा रहे मध्याह्न भोजन तथा शैक्षणिक गुणवत्ता का परीक्षण भी होगा। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी प्रवीण कुमार लक्षकार, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रताप सिंह, अपर जिलाधिकारी योगेंद्र बहादुर सिंह, परियोजना निदेशक डीआरडीए सुरेश चंद्र मिश्र, जिला विकास अधिकारी देवेंद्र प्रताप, सीओ सदर बल्देव सिंह खनेड़ा उपस्थित रहे।