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कोरोना संक्रमित मरीज पकड़ने कारगर साबित हुई एंटीजन किट
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- फोटो : coronavirus-case
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ललितपुर। कोरोना वायरस संक्रमित मरीजों को चिह्नित करने में एंटीजन किट सबसे ज्यादा कारगर साबित हो रही है। कुल 78 फीसदी संक्रमितों को एंटीजन किट द्वारा चिह्नित किया गया है। जबकि आरपीसीआर द्वारा आठ माह में मात्र 15 फीसदी मरीज ही चिह्नित किए गए हैं।
जिले में कोरोना संक्रमितों की खोज के लिए तीन प्रकार की जांच हो रही हैं। इनमें आरटीपीसीआर, ट्रूनेट व एंटीजन किट का उपयोग किया जा रहा हैं। विभिन्न सैंपल बूथ कलेक्शन से टीमों द्वारा 1,34,567 व्यक्तियों के सैंपल लिए गए हैं। इनमें सबसे अधिक सैंपल एंटीजन किट से लिए गए हैं, दूसरे नंबर पर आरटीपीसीआर व इसके बाद ट्रूनेट से लिए गए हैं। इसमें सबसे अधिक संक्रमित मरीजों को एंटीजन जांच में मिले हैं।
ऐसे में जिले में एंटीजन किट जांच में अधिक कारगर साबित हुई। सैंपल देने के 15 मिनट बाद रिपोर्ट मिल जाती है। ट्रूनेट से रिपोर्ट आने में 30 मिनट का समय लगता है। वहीं आरटीपीसीआर जांच की रिपोर्ट आने में अधिक समय लग रहा है। सैंपल देने के बाद रिपोर्ट आने का कोई समय तय नहीं है। रिपोर्ट आने में चार दिन से अधिक समय भी लग सकते हैं। इससे कई निगेटिव लोगों को क्वारंटीन रहना पड़ता है।
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जांच किट लिए गए सैंपल संक्रमित प्रतिशत
एंटीजन - 85,575 2155 78
आरटीपीसीआर - 47,368 426 16.5
ट्रूनेट - 1,624 136 05.5
कुल - 1,34,567 2712 100
अन्य जनपदों से मिले 61 मरीज
जिला के अलावा अन्य जनपदों में भी जिले के लोगों ने कोरोना जांच कराई है। जिसमें 61 व्यक्ति कोरोना संक्रमित पाए गए हैं। जबकि इनमें सबसे अधिक संक्रमित मरीज आरटीपीसीआर जांच में मिले हैं। यहां पर ट्रूनेट भी एंटीजन से आगे रही है। अन्य जनपदों में जांच में आरटीपीसीआर जांच में 40 व्यक्ति, ट्रूनेट में 11 व एंटीजन किट से जांच में 10 व्यक्ति कोरोना संक्रमित पाए गए हैं।
जिले में लगातार कोरोना संक्रमितों को चिह्नित करने के लिए जांच की जा रही है। अधिक संक्रमण मिलने पर एंटीजन जांच अधिक की गई हैं। इससे संक्रमित भी अधिक मिले हैं।
- डॉ. प्रताप सिंह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी
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जिले में कोरोना संक्रमितों की खोज के लिए तीन प्रकार की जांच हो रही हैं। इनमें आरटीपीसीआर, ट्रूनेट व एंटीजन किट का उपयोग किया जा रहा हैं। विभिन्न सैंपल बूथ कलेक्शन से टीमों द्वारा 1,34,567 व्यक्तियों के सैंपल लिए गए हैं। इनमें सबसे अधिक सैंपल एंटीजन किट से लिए गए हैं, दूसरे नंबर पर आरटीपीसीआर व इसके बाद ट्रूनेट से लिए गए हैं। इसमें सबसे अधिक संक्रमित मरीजों को एंटीजन जांच में मिले हैं।
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ऐसे में जिले में एंटीजन किट जांच में अधिक कारगर साबित हुई। सैंपल देने के 15 मिनट बाद रिपोर्ट मिल जाती है। ट्रूनेट से रिपोर्ट आने में 30 मिनट का समय लगता है। वहीं आरटीपीसीआर जांच की रिपोर्ट आने में अधिक समय लग रहा है। सैंपल देने के बाद रिपोर्ट आने का कोई समय तय नहीं है। रिपोर्ट आने में चार दिन से अधिक समय भी लग सकते हैं। इससे कई निगेटिव लोगों को क्वारंटीन रहना पड़ता है।
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जांच किट लिए गए सैंपल संक्रमित प्रतिशत
एंटीजन - 85,575 2155 78
आरटीपीसीआर - 47,368 426 16.5
ट्रूनेट - 1,624 136 05.5
कुल - 1,34,567 2712 100
अन्य जनपदों से मिले 61 मरीज
जिला के अलावा अन्य जनपदों में भी जिले के लोगों ने कोरोना जांच कराई है। जिसमें 61 व्यक्ति कोरोना संक्रमित पाए गए हैं। जबकि इनमें सबसे अधिक संक्रमित मरीज आरटीपीसीआर जांच में मिले हैं। यहां पर ट्रूनेट भी एंटीजन से आगे रही है। अन्य जनपदों में जांच में आरटीपीसीआर जांच में 40 व्यक्ति, ट्रूनेट में 11 व एंटीजन किट से जांच में 10 व्यक्ति कोरोना संक्रमित पाए गए हैं।
जिले में लगातार कोरोना संक्रमितों को चिह्नित करने के लिए जांच की जा रही है। अधिक संक्रमण मिलने पर एंटीजन जांच अधिक की गई हैं। इससे संक्रमित भी अधिक मिले हैं।
- डॉ. प्रताप सिंह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी