फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lalitpur News ›   Allegations of corruption in Gram Panchayat and fake presence in MNREGA

ग्राम पंचायत में भष्टाचार व मनरेगा में फर्जी उपस्थित का आरोप

Sat, 24 Sep 2022 12:42 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Sat, 24 Sep 2022 12:42 AM IST
विज्ञापन
Allegations of corruption in Gram Panchayat and fake presence in MNREGA
बांसी (ललितपुर)। ब्लॉक जखौरा की ग्राम पंचायत कल्यानपुरा में भ्रष्टाचार और मनरेगा में फर्जी उपस्थिति दिखाए जाने के आरोप से तिलमिलाए ग्राम प्रधान ने शिकायतकर्ता पर दलित उत्पीड़न और रंगदारी मांगने का आरोप लगा दिया। मामले की जांच करने करने पहुंचे एडीओ पंचायत ने दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए।
विज्ञापन

ग्राम कल्यानपुरा में ग्राम पंचायत के विकास कार्यों में व्यापक भ्रष्टाचार होने की शिकायत ग्रामीण ने आईजीआरएस के माध्यम से कई बार की, लेकिन हर बार जांच अधिकारी ने रंजिशन शिकायत किए जाने की बात लिखकर शिकायत का निस्तारण कर दिया जाता रहा है। शिकायतों के निस्तारण नहीं होने पर बृजेश ने डीएम को प्रार्थना पत्र देकर गांव के मोहल्ला तालाबपुरा में सफाई न कराए जाने से गंदगी के कारण संक्रामक रोग फैलने व 15 शौचालयों का धन निकालने के बाद भी शौचालय न बनाए जाने का आरोप लगाया। शिकायतों की जांच एडीओ पंचायत जगरूप सिंह ने ग्राम पंचायत विकास अधिकारी दीपक विश्वकर्मा और शिकायतकर्ताओं की मौजूदगी में की। उन्होंने दोनों पक्षों की शिकायतों पर अलग अलग ब्यान लिए।
विज्ञापन

इन ग्रामीणों ने की थी शिकायतें
गांव के रामसेवक का आरोप है कि उसके शौचालय का निर्माण फरवरी 2020 में हुआ था। जिसकी प्रथम किस्त के छह हजार रुपये सितंबर 2020 में मिल गए थे, लेकिन द्वितीय किस्त के छह हजार रुपये दो वर्ष बाद भी उसे नहीं मिले हैं। अशोक कुशवाहा ने पुराने शौचालय पर भुगतान कराने और उसका शौचालय बनाने के लिए दो हजार एडवांस मांगने की शिकायत की थी। सूर्यकांत ने मनरेगा में फर्जी हाजिरी लगाए जाने की शिकायत की थी।
विज्ञापन
विज्ञापन

ग्राम पंचायत में मनरेगा में फर्जी हाजिरी लगाई जाती है। मेरे माता पिता की भी फर्जी हाजिरी ग्राम सभा की भूमि पर पौधरोपण करने में दर्शायी गई है। मेरे माता के खाते में मनरेगा के रुपये भेजे गए हैं। यदि मेरे माता पिता ने मनरेगा में काम किया होता तो रोजगार सेवक या मेट द्वारा कार्य स्थल पर एनएमएमएस एप से लोड की जाने वाली फोटो में होते, जो नहीं हैं क्योंकि वह काम पर गए ही नहीं है। जब प्रधानपति ने मेरे माता पिता के खाते आए मनरेगा के रुपये मुझसे निकालकर देने को कहा तब मुझे इस फर्जीवाड़ा की जानकारी मिली। इसके शिकायत मैनें उच्चाधिकारियों से की। इससे खुन्नस खाकर प्रधान दलित उत्पीड़न और रंगदारी की शिकायत कर झूठे मामले में फंसा रहा है। ताकि हम दबाव में आकर शिकायतें बंद कर दें। - सूर्यकांत नायक - कल्यानपुरा
मेरे द्वारा गांव की गई शिकायत के बाद काम के नाम पर महज खानापूर्ति कर दी गई। जिसे जांच अधिकारी काम करा देने की बात कह रहे हैं। शौचालयों की जांच नहीं की गई है। मनरेगा में फर्जी हाजिरी की जांच भी एडीओ पंचायत द्वारा नहीं की गई है।-बृजेश कुशवाहा,कल्यानपुरा
दो वर्ष गुजर जाने के बाद भी मेरे शौचालय निर्माण की दूसरी किस्त का छह हजार रुपये भुगतान नहीं किया गया है। अनेक बार शिकायत कर चुके हैं, जांच अधिकारी ने आश्वासन दिया है कि एक सप्ताह में भुगतान हो जाएगा,शिकायत न करें। - रामसेवक अहिरवार, कल्यानपुरा

ग्रामीणों के आरोप निराधार हैं। वह साजिशन गलत आरोप लगा रहे थे जो कि जांच में भी गलत पाए गए। - पुष्पा देवी, ग्राम प्रधान, ग्राम पंचायत कल्यानपुरा
शिकायत की जांच की गई। जिस काम की शिकायत की गई। वह काम करा दिए गए हैं। मनरेगा संबंधी जांच जेई एम आई करेंगे। शिकायत कर्ता के खिलाफ प्रधान ने जो शिकायत की है, उसकी जांच भी की गई जिसमें प्रधान की शिकायत के पक्ष में अनेक लोगों ने बयान दिए हैं।- जगरूप, एडीओ पंचायत जखौरा
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed