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Lalitpur News: पानी के लिए अब भी तरस रही 10 हजार की आबादी
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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। नेहरूनगर पेयजल परियोजना चालू होने के बाद भी दस हजार लोगों की पानी की समस्या दूर नहीं हो सकी। तीन से चार किलोमीटर की गलियों में पाइपलाइन नहीं बिछाई गई है। कुछ गलियों में पाइपलाइन डाले जाने के बाद भी सप्लाई शुरू नहीं हो सकी। ऐसे में लोगों को टैंकर आने का इंतजार करना पड़ रहा है तो कई परिवार हैंडपंप से पानी जुटाने को मजबूर हैं।
नेहरूनगर क्षेत्र में लंबे अरसे से पानी का संकट बना है। 6664 परिवारों के लिए 46.24 करोड़ की पेयजल परियोजना बनाई गई। वर्ष 2019 में कार्य शुरू किया गया। निर्माण में हीलाहवाली के चलते समय से कार्य नहीं हो सका। बीते मार्च 2024 में योजना का लोकार्पण किया गया, लेकिन अब तक 30 हजार की आबादी के सापेक्ष महज 20 हजार को ही पानी मिल रहा है। दस हजार की आबादी पेयजल संकट से जूझ रही है। अधिकारियों के अनुसार लगभग चार किलोमीटर के क्षेत्र में पाइपलाइन नहीं डल पाई है तो कई गलियों में पाइपलाइन में कचरा या अन्य समस्या के चलते कनेक्शन ठीक न होने से सप्लाई नहीं हो पा रही है।
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यह है परियोजना
लाभान्वित मोहल्ला - नेहरूनगर, सिद्दनपुरा, जुगपुरा, चांदमारी, सिविल लाइन
परियोजना राशि - 46.24 करोड़
पाइपलाइन - 72 किलोमीटर
टंकी की संख्या- 02
परिवारों की संख्या - 6664
आबादी - 33000
इन क्षेत्र में है पेयजल समस्या
जुगपुरा, गोविंद कुशवाहा के सामने वाली गली, पतरुआ मंदिर, देहरे मंदिर, टौरिया मंदिर व पूर्व सभासद रामबाबू यादव और भूपेश यादव की गली, कुंवर सिंह की गली में पाइपलाइन होने के बाद भी पेयजल आपूर्ति बाधित है।
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परियोजना में छूट गई गलियों में पाइपलाइन बिछाने के लिए अमृत योजना 02 में शामिल किया गया है। जिन गलियों में पाइपलाइन बिछी होने के बाद भी आपूर्ति नहीं हो रही है, उन्हें ठीक कर सप्लाई चालू कराई जाएगी। - मुकेश पाल सिंह, अधिशासी अभियंता, जल निगम, शहरी इकाई
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ललितपुर। नेहरूनगर पेयजल परियोजना चालू होने के बाद भी दस हजार लोगों की पानी की समस्या दूर नहीं हो सकी। तीन से चार किलोमीटर की गलियों में पाइपलाइन नहीं बिछाई गई है। कुछ गलियों में पाइपलाइन डाले जाने के बाद भी सप्लाई शुरू नहीं हो सकी। ऐसे में लोगों को टैंकर आने का इंतजार करना पड़ रहा है तो कई परिवार हैंडपंप से पानी जुटाने को मजबूर हैं।
नेहरूनगर क्षेत्र में लंबे अरसे से पानी का संकट बना है। 6664 परिवारों के लिए 46.24 करोड़ की पेयजल परियोजना बनाई गई। वर्ष 2019 में कार्य शुरू किया गया। निर्माण में हीलाहवाली के चलते समय से कार्य नहीं हो सका। बीते मार्च 2024 में योजना का लोकार्पण किया गया, लेकिन अब तक 30 हजार की आबादी के सापेक्ष महज 20 हजार को ही पानी मिल रहा है। दस हजार की आबादी पेयजल संकट से जूझ रही है। अधिकारियों के अनुसार लगभग चार किलोमीटर के क्षेत्र में पाइपलाइन नहीं डल पाई है तो कई गलियों में पाइपलाइन में कचरा या अन्य समस्या के चलते कनेक्शन ठीक न होने से सप्लाई नहीं हो पा रही है।
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यह है परियोजना
लाभान्वित मोहल्ला - नेहरूनगर, सिद्दनपुरा, जुगपुरा, चांदमारी, सिविल लाइन
परियोजना राशि - 46.24 करोड़
पाइपलाइन - 72 किलोमीटर
टंकी की संख्या- 02
परिवारों की संख्या - 6664
आबादी - 33000
इन क्षेत्र में है पेयजल समस्या
जुगपुरा, गोविंद कुशवाहा के सामने वाली गली, पतरुआ मंदिर, देहरे मंदिर, टौरिया मंदिर व पूर्व सभासद रामबाबू यादव और भूपेश यादव की गली, कुंवर सिंह की गली में पाइपलाइन होने के बाद भी पेयजल आपूर्ति बाधित है।
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परियोजना में छूट गई गलियों में पाइपलाइन बिछाने के लिए अमृत योजना 02 में शामिल किया गया है। जिन गलियों में पाइपलाइन बिछी होने के बाद भी आपूर्ति नहीं हो रही है, उन्हें ठीक कर सप्लाई चालू कराई जाएगी। - मुकेश पाल सिंह, अधिशासी अभियंता, जल निगम, शहरी इकाई