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आमरण अनशन पर बैठा कृषक
Lalitpur
Updated Sat, 28 Jul 2012 12:00 PM IST
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ललितपुर। राजस्व कर्मियों की मनमानी से परेशान होकर एक कृषक ने न्याय पाने को आमरण अनशन का सहारा लिया है। अनशनकर्ता ने आरोप लगाया है कि राजस्व कर्मियों ने बिना किसी नाप तौल के उसकी भूमि को दूसरे की हदबंदी में निकाल दिया है। इस वजह से उसकी परेशानियां बढ़ गई हैं।
ग्राम कल्यानपुरा निवासी घनश्याम ने जिलाधिकारी को दिए शिकायती पत्र में कहा है कि ग्राम में संक्रमणीय भूमि है। सात जून को राजस्व कर्मियों ने एक व्यक्ति की हदबंदी करते समय गलत तरीके से उसकी भूमि को दर्शा दिया। जब इस बात का विरोध किया गया तो राजस्व कर्मी बौखला गए और गाली गलौज प्रारंभ कर दी। तत्पश्चात असरदार व्यक्तियों ने उस भूमि में फसल बो दी, उसने हदबंदी के संबंध में आपत्ति लगाई है, इसके बाद भी राजस्व कर्मी गलती सुधारने को तैयार नहीं हैं। मजबूरन, उसे आमरण अनशन का सहारा लेना पड़ा है। उसने जिलाधिकारी से जमीन पर कब्जा वापस दिलाने की मांग की है।
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ग्राम कल्यानपुरा निवासी घनश्याम ने जिलाधिकारी को दिए शिकायती पत्र में कहा है कि ग्राम में संक्रमणीय भूमि है। सात जून को राजस्व कर्मियों ने एक व्यक्ति की हदबंदी करते समय गलत तरीके से उसकी भूमि को दर्शा दिया। जब इस बात का विरोध किया गया तो राजस्व कर्मी बौखला गए और गाली गलौज प्रारंभ कर दी। तत्पश्चात असरदार व्यक्तियों ने उस भूमि में फसल बो दी, उसने हदबंदी के संबंध में आपत्ति लगाई है, इसके बाद भी राजस्व कर्मी गलती सुधारने को तैयार नहीं हैं। मजबूरन, उसे आमरण अनशन का सहारा लेना पड़ा है। उसने जिलाधिकारी से जमीन पर कब्जा वापस दिलाने की मांग की है।
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