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Lalitpur News: 8600 लोगों को आवास का इंतजार, कई झोपड़ी में काट रहे जिंदगी
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ललितपुर। जनपद में प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना के अंतर्गत 8600 लोगों को आवास का इंतजार है। इसमें कई लोग झोपड़ी में जिंदगी काट रहे हैं। इसमें 4400 फार्म का सत्यापन कर नगर पालिका डूडा विभाग को भेज जा चुका है। बाकी, 4200 का सत्यापन नहीं हुआ है। शासन से कोई आदेश और नई डीपीआर न बनने से यह आवेदन प्रतीक्षा सूची में हैं।
प्रधानमंत्री शहरी विकास योजना का प्रदेश में शुभारंभ अक्तूबर 2015 में हुआ था। इस योजना के तहत अभी तक 20 हजार आवास ललितपुर नगर में बनाए गए हैं। इसमें करीब 19 हजार आवासों की तीसरी किश्त भी जारी हो चुकी है। इस योजना के तहत ढाई लाख रुपये आवास निर्माण के लिए तीन किश्तों में मिलते हैं। इसमें प्रथम किश्त 50 हजार रुपये की होती है। फिर दूसरी किश्त डेढ़ लाख और तीसरी किश्त 50 हजार रुपये की दी जाती है। योजना तहत लाभार्थी को डूडा विभाग में आवेदन करना होता है। इसके बाद नगर पालिका उनका सत्यापन करती है। वहीं, जनपद में योजना के तहत आवेदन करने वाले 8600 लोगों को आवास का इंतजार है। इसमें कुछ लाभार्थियों ने तो योजना शुरू होते ही आवेदन कर दिया था। इसके बाद भी उन्हें लाभ नहीं मिल पाया है। ऐसे में कई लाभार्थी तो झोपड़ी में ही जिंदगी काट रहे हैं।
वर्ष 2016 में आवेदन किया था, लेकिन अभी तक पीएम आवास की सूची में नाम नहीं आया है। विभाग के चक्कर लगाकर परेशान हो गई हूं। इसलिए बच्चों के साथ कच्चे मकान में रहने को मजबूर हूं। - मीना, निवासी नेहरूनगर।
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जब ये योजना शुरू हुई थी, तभी आवेदन किया था। लेकिन अब तक मकान बनाने के लिए धनराशि नहीं मिली है। विभाग में जाओ तो कहते हैं कि जब सर्वे के लिए लोग गए थे, तो घर पर नहीं मिले। - बेनीबाई, निवासी नेहरूनगर।
वर्जन..
नगर पालिका में शासन से पूर्व में जो लक्ष्य निर्धारित था, उससे भवन बन चुके हैं। नया कोई शासनादेश आता है, तो निश्चित तौर पर पहले नगर पालिका से जिन लाभार्थियों के आवास स्वीकृत हैं, उन्हें शामिल किया जाएगा। - राकेश त्रिपाठी, सिटी मैनेजर डूडा।
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प्रधानमंत्री शहरी विकास योजना का प्रदेश में शुभारंभ अक्तूबर 2015 में हुआ था। इस योजना के तहत अभी तक 20 हजार आवास ललितपुर नगर में बनाए गए हैं। इसमें करीब 19 हजार आवासों की तीसरी किश्त भी जारी हो चुकी है। इस योजना के तहत ढाई लाख रुपये आवास निर्माण के लिए तीन किश्तों में मिलते हैं। इसमें प्रथम किश्त 50 हजार रुपये की होती है। फिर दूसरी किश्त डेढ़ लाख और तीसरी किश्त 50 हजार रुपये की दी जाती है। योजना तहत लाभार्थी को डूडा विभाग में आवेदन करना होता है। इसके बाद नगर पालिका उनका सत्यापन करती है। वहीं, जनपद में योजना के तहत आवेदन करने वाले 8600 लोगों को आवास का इंतजार है। इसमें कुछ लाभार्थियों ने तो योजना शुरू होते ही आवेदन कर दिया था। इसके बाद भी उन्हें लाभ नहीं मिल पाया है। ऐसे में कई लाभार्थी तो झोपड़ी में ही जिंदगी काट रहे हैं।
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वर्ष 2016 में आवेदन किया था, लेकिन अभी तक पीएम आवास की सूची में नाम नहीं आया है। विभाग के चक्कर लगाकर परेशान हो गई हूं। इसलिए बच्चों के साथ कच्चे मकान में रहने को मजबूर हूं। - मीना, निवासी नेहरूनगर।
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जब ये योजना शुरू हुई थी, तभी आवेदन किया था। लेकिन अब तक मकान बनाने के लिए धनराशि नहीं मिली है। विभाग में जाओ तो कहते हैं कि जब सर्वे के लिए लोग गए थे, तो घर पर नहीं मिले। - बेनीबाई, निवासी नेहरूनगर।
वर्जन..
नगर पालिका में शासन से पूर्व में जो लक्ष्य निर्धारित था, उससे भवन बन चुके हैं। नया कोई शासनादेश आता है, तो निश्चित तौर पर पहले नगर पालिका से जिन लाभार्थियों के आवास स्वीकृत हैं, उन्हें शामिल किया जाएगा। - राकेश त्रिपाठी, सिटी मैनेजर डूडा।