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गोवंश के भरण पोषण पर खर्च होंगे 66 लाख
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गोवंश के भरण पोषण पर खर्च होंगे 66 लाख
ललितपुर। नगर पालिका परिषद ग्राम दैलवारा में स्थित कान्हा पशु आश्रय स्थल में संरक्षित गोवंश के भरण पोषण पर छियाछठ लाख बीस हजार छह सौ रुपये खर्च करेगी। अधिशासी अधिकारी ने इसके बजट की उपलब्धता के लिए स्थानीय निकाय निदेशालय के डायरेक्टर को पत्र लिखा है।
शहर में घूम रहे छुट्टा जानवरों को सड़क से हटाकर ग्राम दैलवारा स्थित कान्हा पशु आश्रय स्थल में संरक्षित किया जा रहा है। वर्तमान में इस स्थल पर 467 गोवंशों को रखा गया है। नगर पालिका को इनके भरण पोषण के लिए भूसा जुटाने की चुनौती है। इसके मद्देनजर नगरवासियों से हर घर से एक रोटी व पशु चारा सहयोग के रूप में लिया जा रहा है। दूसरी ओर, भूसे की सप्लाई के लिए बजट की समस्या आ रही है। अधिशासी अधिकारी मधुसूदन जायसवाल ने भरण पोषण पर होने वाले व्यय का आकलन कराया। इसमें छियाछठ लाख तेरह हजार आठ सौ रुपये के खर्चे का अनुुमान लगाया गया। इस पर बजट के लिए स्थानीय निकाय निदेशालय लखनऊ के निदेशक को पत्र लिखा गया है। वहीं, मौजूदा वित्तीय वर्ष में 31 मार्च तक के लिए भूसे की आपूर्ति का टेंडर निकालने की तैयारी चल रही है। इसमें 255 दिन भूसे की व्यवस्था पर छियालीस लाख बीस हजार छह सौ रुपये के बजट के लिए नगर पालिका की बोर्ड बैठक से स्वीकृति ली जाएगी।
गांव से शहर की ओर हांके जा रहे जानवर
जहां नगर पालिका कान्हा पशु आश्रय स्थल में एकत्रित गोवंश के भरण- पोषण के लिए धन की व्यवस्था कर रही है, वहीं शहर की सड़कों से छुट्टा जानवर कम नहीं हो रहे हैं, जिन्हें संरक्षित रख पाना नगर पालिका के लिए मुश्किल हो रहा है। अधिकारियों का कहना है कि गांव के लोग शहर की ओर छुट्टा जानवरों को हांक रहे हैं, जिससे यह समस्या पैदा हो रही है। ऐसे जानवरों को पकड़कर ग्रामीण इलाकों में छोड़ा जा रहा है।
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चुनी और खली पर खर्च होंगे पांच हजार प्रतिदिन
नगर पालिका परिषद कान्हा पशु आश्रय स्थल में संरक्षित गोवंश के लिए चुनी, खली, हरा चारा व नमक खिलाने की व्यवस्था करने जा रही है। इस पर प्रतिदिन पांच हजार रुपये खर्च आने का अनुमान है।
इस समय नगर पालिका द्वारा विभिन्न तरह के जुर्माना से वसूली जा रही धनराशि से गोवंश की खुराक की व्यवस्था की जा रही है।
- मधुसूदन जायसवाल, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका परिषद
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ललितपुर। नगर पालिका परिषद ग्राम दैलवारा में स्थित कान्हा पशु आश्रय स्थल में संरक्षित गोवंश के भरण पोषण पर छियाछठ लाख बीस हजार छह सौ रुपये खर्च करेगी। अधिशासी अधिकारी ने इसके बजट की उपलब्धता के लिए स्थानीय निकाय निदेशालय के डायरेक्टर को पत्र लिखा है।
शहर में घूम रहे छुट्टा जानवरों को सड़क से हटाकर ग्राम दैलवारा स्थित कान्हा पशु आश्रय स्थल में संरक्षित किया जा रहा है। वर्तमान में इस स्थल पर 467 गोवंशों को रखा गया है। नगर पालिका को इनके भरण पोषण के लिए भूसा जुटाने की चुनौती है। इसके मद्देनजर नगरवासियों से हर घर से एक रोटी व पशु चारा सहयोग के रूप में लिया जा रहा है। दूसरी ओर, भूसे की सप्लाई के लिए बजट की समस्या आ रही है। अधिशासी अधिकारी मधुसूदन जायसवाल ने भरण पोषण पर होने वाले व्यय का आकलन कराया। इसमें छियाछठ लाख तेरह हजार आठ सौ रुपये के खर्चे का अनुुमान लगाया गया। इस पर बजट के लिए स्थानीय निकाय निदेशालय लखनऊ के निदेशक को पत्र लिखा गया है। वहीं, मौजूदा वित्तीय वर्ष में 31 मार्च तक के लिए भूसे की आपूर्ति का टेंडर निकालने की तैयारी चल रही है। इसमें 255 दिन भूसे की व्यवस्था पर छियालीस लाख बीस हजार छह सौ रुपये के बजट के लिए नगर पालिका की बोर्ड बैठक से स्वीकृति ली जाएगी।
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गांव से शहर की ओर हांके जा रहे जानवर
जहां नगर पालिका कान्हा पशु आश्रय स्थल में एकत्रित गोवंश के भरण- पोषण के लिए धन की व्यवस्था कर रही है, वहीं शहर की सड़कों से छुट्टा जानवर कम नहीं हो रहे हैं, जिन्हें संरक्षित रख पाना नगर पालिका के लिए मुश्किल हो रहा है। अधिकारियों का कहना है कि गांव के लोग शहर की ओर छुट्टा जानवरों को हांक रहे हैं, जिससे यह समस्या पैदा हो रही है। ऐसे जानवरों को पकड़कर ग्रामीण इलाकों में छोड़ा जा रहा है।
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चुनी और खली पर खर्च होंगे पांच हजार प्रतिदिन
नगर पालिका परिषद कान्हा पशु आश्रय स्थल में संरक्षित गोवंश के लिए चुनी, खली, हरा चारा व नमक खिलाने की व्यवस्था करने जा रही है। इस पर प्रतिदिन पांच हजार रुपये खर्च आने का अनुमान है।
इस समय नगर पालिका द्वारा विभिन्न तरह के जुर्माना से वसूली जा रही धनराशि से गोवंश की खुराक की व्यवस्था की जा रही है।
- मधुसूदन जायसवाल, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका परिषद