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प्रसाशन ने सिचाई के लिए नही चलायी टीकमगढ़ राजबाहा नहर
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प्रशासन ने सिंचाई के लिए नहीं चलाई टीकमगढ़ रजबहा
महरौनी। जामनी बांध से निकली टीकमगढ़ रजबहा नहर को पहली बार विलंब से छोड़े जाने से महरौनी तहसील क्षेत्र के किसानों को मजबूर होकर गेहूं बोना पड़ा था। अब सिंचाई के अभाव में गेहूं की फसल मुरझाने लगी है। किसानों द्वारा शासन प्रशासन से नहर को खोले जाने की कई बार मांग की है इसके बाद भी नहर को नहीं खोला गया है। अब यहां का किसान भगवान भरोसे बैठा है। जरा से भी बादल दिखाई देते है तो किसानों को आस बढ़ जाती है। आज आसमान में दोपहर से घने बादल छाए हुए हैं तो किसान का मन मचलने लगा है कि काश यह बादल बरस जाये तो हमारी सूखती हुई गेहूं की फसल को जीवन दान मिल जाएगा।
जामनी बांध से निकली टीकमगढ़ रजबहा नहर को पहली बार एक दिसंबर को खोला गया था। इस नहर पर स्थित महरौनी तहसील के ग्राम कुम्हेडी, जखौरा, असोरा, बमहौरी बहादुर सिंह, अगौरा, पाली मौजा के किसानों हजारों हेक्टेयर भूमि पानी को तराशती रही किसान दलहनी फसलों की बुवाई से वंचित रहा। लेट होने के चलते गेहूं की फसल तो बो दी। एक पानी मिलने के बाद बो भी बंद हो गयी। पानी के अभाव में गेहूं की फसल सूखने की कगार पर है। किसानों द्वारा सूखे खेतों की सिंचाई करने के बाद 15 से 30 दिसंबर तक गेहूं की बुवाई की। दूसरी बार सिंचाई विभाग द्वारा 10 जनवरी को नहर में पानी छोड़ा और 25 जनवरी को नहर बंद कर दी। नहर बंद हुए आज एक महीना से ऊपर हो गया है जिन किसानों ने 10 जनवरी से गेहूं में सिंचाई करदी। उनकी फसल में सिंचाई हुए 45 दिन से ऊपर ही चुके हैं। सिंचाई के अभाव में खेतों में नमी नही रही है। जिसके चलते फसल की वृद्धि थम गईं है और दिन में धूप पड़ने से फसल मुरझाने लगी है।
अब तो समय निकल रहा है गांव वालों की कोई सुनने वाला नहीं है। किसान सिंचाई को तरस रहे। नहर बंद कर दी गयी गेहूं की फसल सूख रही है। तमाम मिन्नतों के बाद भी प्रशासन सुध नही ले रहा , किसान बर्बादी की ओर है।
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बालमुकुंदी कुशवाहा, अगौरा
अब तो भगवान भरोसे बारिश हो जाय तो गांव वालों की फसल सूखने से बच जाएगी। नहीं तो गेहूं से लागत निकलना नामुमकिन हैं। गेहूं में एक पानी दे पाये हैं, दूसरा देने से पहले नहर बंद कर दी गयी। गुजारिश के बाद नहर नही खोली गयी ।
मनोज कुमार झा, बम्होरी बहादुर सिंह
प्रधानमंत्री की झांसी रैली के समय 14 फरवरी को नहर खोल दी थी, रैली के बाद 16 फरवरी को महरौनी रजबहा को बंद कर दिया। टीकमगढ़ रजबहा नहर को पानी मिला ही नही? जिस वजह से फसलें सूख रही हैं।
शिबू कुशवाहा, जखौरा
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महरौनी। जामनी बांध से निकली टीकमगढ़ रजबहा नहर को पहली बार विलंब से छोड़े जाने से महरौनी तहसील क्षेत्र के किसानों को मजबूर होकर गेहूं बोना पड़ा था। अब सिंचाई के अभाव में गेहूं की फसल मुरझाने लगी है। किसानों द्वारा शासन प्रशासन से नहर को खोले जाने की कई बार मांग की है इसके बाद भी नहर को नहीं खोला गया है। अब यहां का किसान भगवान भरोसे बैठा है। जरा से भी बादल दिखाई देते है तो किसानों को आस बढ़ जाती है। आज आसमान में दोपहर से घने बादल छाए हुए हैं तो किसान का मन मचलने लगा है कि काश यह बादल बरस जाये तो हमारी सूखती हुई गेहूं की फसल को जीवन दान मिल जाएगा।
जामनी बांध से निकली टीकमगढ़ रजबहा नहर को पहली बार एक दिसंबर को खोला गया था। इस नहर पर स्थित महरौनी तहसील के ग्राम कुम्हेडी, जखौरा, असोरा, बमहौरी बहादुर सिंह, अगौरा, पाली मौजा के किसानों हजारों हेक्टेयर भूमि पानी को तराशती रही किसान दलहनी फसलों की बुवाई से वंचित रहा। लेट होने के चलते गेहूं की फसल तो बो दी। एक पानी मिलने के बाद बो भी बंद हो गयी। पानी के अभाव में गेहूं की फसल सूखने की कगार पर है। किसानों द्वारा सूखे खेतों की सिंचाई करने के बाद 15 से 30 दिसंबर तक गेहूं की बुवाई की। दूसरी बार सिंचाई विभाग द्वारा 10 जनवरी को नहर में पानी छोड़ा और 25 जनवरी को नहर बंद कर दी। नहर बंद हुए आज एक महीना से ऊपर हो गया है जिन किसानों ने 10 जनवरी से गेहूं में सिंचाई करदी। उनकी फसल में सिंचाई हुए 45 दिन से ऊपर ही चुके हैं। सिंचाई के अभाव में खेतों में नमी नही रही है। जिसके चलते फसल की वृद्धि थम गईं है और दिन में धूप पड़ने से फसल मुरझाने लगी है।
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अब तो समय निकल रहा है गांव वालों की कोई सुनने वाला नहीं है। किसान सिंचाई को तरस रहे। नहर बंद कर दी गयी गेहूं की फसल सूख रही है। तमाम मिन्नतों के बाद भी प्रशासन सुध नही ले रहा , किसान बर्बादी की ओर है।
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बालमुकुंदी कुशवाहा, अगौरा
अब तो भगवान भरोसे बारिश हो जाय तो गांव वालों की फसल सूखने से बच जाएगी। नहीं तो गेहूं से लागत निकलना नामुमकिन हैं। गेहूं में एक पानी दे पाये हैं, दूसरा देने से पहले नहर बंद कर दी गयी। गुजारिश के बाद नहर नही खोली गयी ।
मनोज कुमार झा, बम्होरी बहादुर सिंह
प्रधानमंत्री की झांसी रैली के समय 14 फरवरी को नहर खोल दी थी, रैली के बाद 16 फरवरी को महरौनी रजबहा को बंद कर दिया। टीकमगढ़ रजबहा नहर को पानी मिला ही नही? जिस वजह से फसलें सूख रही हैं।
शिबू कुशवाहा, जखौरा