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गेहूं खरीद: सात करोड़ बाइस लाख रुपये का भुगतान अटका
Updated Wed, 13 Jun 2018 02:20 AM IST
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गेहूं खरीद: 7.22 करोड़ रुपये का भुगतान अटका
भुगतान में धनाभाव की आ रही समस्या
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। क्रय केंद्रों पर गेहूं की जा रही खरीद का समय से भुगतान नहीं हो पा रहा है। इस समय किसानों का सात करोड़ बाइस लाख रुपये का भुगतान अटका हुआ है। अफसरों का कहना है कि भुगतान में धन की कमी आड़े आ रही है।
शासन ने किसानों को लाभान्वित करने के उद्देश्य से जिले में जगह-जगह गेहूं, चना, मसूर के खरीद केंद्र खोले हैं। पीसीएफ ने अब तक छह लाख इक्यावन हजार क्विंटल गेहूं खरीदा है। इसमें किसानों का अभी तक एक अरब चार करोड़ रुपये का भुगतान कर दिया है। अवशेष सात करोड़ 22 लाख रुपये का भुगतान धन की कमी के चलते नहीं हो पा रहा है। वहीं, चना, मसूर की खरीद में भुगतान की समस्या नहीं है। इसमें खरीद के मुकाबले साठ फीसदी भुगतान किया जा चुका है। विभिन्न केंद्रों ने चना तीन हजार आठ सौ चौरावनें क्विंटल व मसूर चार हजार छह सौ सड़सठ क्विंटल की खरीद की है। वर्तमान में गेहूं, चना व मसूर की खरीद का सिलसिला जारी है। चना, मसूर का भंडारण भी शुरू हो गया है। शासन ने इसका भंडारण स्थल सीडब्ल्यूसी चिरगांव झांसी बनाया है। इस संबंध में जिला खाद्य विपणन अधिकारी राकेश कुमार त्रिपाठी ने पत्र के माध्यम से सहायक निबंधक सहकारिता अनूप कुमार द्विवेदी को अवगत करा दिया है।
चना, मसूर खरीद पर ध्यान
इस समय शासन को चना, मसूर की खरीद पर ध्यान है। जिस वजह से इसके भुुगतान में किसी प्रकार की समस्या नहीं आ रही है जबकि गेहूं बेचने वाले किसानों को भुगतान के लिए परेशान होना पड़ रहा है। किसान इस दोहरी नीति से नाखुश नजर आ रहे हैं।
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धनराशि प्राप्त होते ही कर देंगे बकाया भुगतान
गेहूं के भुगतान में धनराशि की कमी बनी हुई है। जैसे ही धनराशि प्राप्त होती है, वैसे ही बैंक खातों में इसे हस्तांतरित कर दिया जाएगा।
अनूप कुमार द्विवेदी
सहायक आयुक्त/ सहायक निबंधक सहकारिता
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भुगतान में धनाभाव की आ रही समस्या
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। क्रय केंद्रों पर गेहूं की जा रही खरीद का समय से भुगतान नहीं हो पा रहा है। इस समय किसानों का सात करोड़ बाइस लाख रुपये का भुगतान अटका हुआ है। अफसरों का कहना है कि भुगतान में धन की कमी आड़े आ रही है।
शासन ने किसानों को लाभान्वित करने के उद्देश्य से जिले में जगह-जगह गेहूं, चना, मसूर के खरीद केंद्र खोले हैं। पीसीएफ ने अब तक छह लाख इक्यावन हजार क्विंटल गेहूं खरीदा है। इसमें किसानों का अभी तक एक अरब चार करोड़ रुपये का भुगतान कर दिया है। अवशेष सात करोड़ 22 लाख रुपये का भुगतान धन की कमी के चलते नहीं हो पा रहा है। वहीं, चना, मसूर की खरीद में भुगतान की समस्या नहीं है। इसमें खरीद के मुकाबले साठ फीसदी भुगतान किया जा चुका है। विभिन्न केंद्रों ने चना तीन हजार आठ सौ चौरावनें क्विंटल व मसूर चार हजार छह सौ सड़सठ क्विंटल की खरीद की है। वर्तमान में गेहूं, चना व मसूर की खरीद का सिलसिला जारी है। चना, मसूर का भंडारण भी शुरू हो गया है। शासन ने इसका भंडारण स्थल सीडब्ल्यूसी चिरगांव झांसी बनाया है। इस संबंध में जिला खाद्य विपणन अधिकारी राकेश कुमार त्रिपाठी ने पत्र के माध्यम से सहायक निबंधक सहकारिता अनूप कुमार द्विवेदी को अवगत करा दिया है।
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चना, मसूर खरीद पर ध्यान
इस समय शासन को चना, मसूर की खरीद पर ध्यान है। जिस वजह से इसके भुुगतान में किसी प्रकार की समस्या नहीं आ रही है जबकि गेहूं बेचने वाले किसानों को भुगतान के लिए परेशान होना पड़ रहा है। किसान इस दोहरी नीति से नाखुश नजर आ रहे हैं।
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धनराशि प्राप्त होते ही कर देंगे बकाया भुगतान
गेहूं के भुगतान में धनराशि की कमी बनी हुई है। जैसे ही धनराशि प्राप्त होती है, वैसे ही बैंक खातों में इसे हस्तांतरित कर दिया जाएगा।
अनूप कुमार द्विवेदी
सहायक आयुक्त/ सहायक निबंधक सहकारिता