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महिला स्वंय सहायता समूहों से कराई जा रही पौध तैयार
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महिला स्वंय सहायता समूहों से कराई जा रही पौध तैयार
महरौनी। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत गठित महिला स्वयं सहायता समूहों को मजबूत बनाने के लिए मनरेगा से नर्सरी बनाने का कार्य शुरू कराया गया है। अब तक चार नर्सरी में डेढ़ लाख पौधे तैयार हो गए हैं।
मनरेगा में पिछले दो वर्षों से मजदूरी भुगतान की प्रक्रिया से मजदूरों का मोह भंग हो गया था। लेकिन, जल संरक्षण, सिंचाई सुविधाओं, संपर्क मार्ग निर्माण, पौधरोपण सहित तमाम लाभार्थीपरक परियोजनायों के कार्य हो रहे हैं। विकासखंड महरौनी के खंड विकास अधिकारी ने ग्राम पंचायत बारोन, सिलावन और सौजना में ग्रामीण स्तर पर संचालित राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत गठित महिला स्वयं सहायता समूहों को मजबूत बनाने के लिए मनरेगा से नर्सरी बनाने का कार्य शुरू कराया है, ताकि मनरेगा की लागत से तैयार होने वाली पौध को बेचकर महिलायें अपने समूह की आय में वृद्धि कर सकें व ग्राम पंचायतों को हर साल होने वाले पौधरोपण के लिए पौधे उपलब्ध हो सकें। ग्राम बारोन में महिला स्वंय सहायता समूह कारसदेव बाबा, रतनगढ़ वारी माता और सिलावन में राधारानी महिला स्वयं सहायता समूह द्वारा पचास- पचास हजार पौधे तैयार किए जा रहें। इसी प्रकार ग्राम पंचायत सौजना में राधाकृष्ण महिला स्वंय सहायता समूह द्वारा तीस हजार पौधे तैयार किए जा रहे हैं।
इन महिला समूहों को नर्सरी हेतु बीज, पॉलीथिन, खाद, कीटनाशक खरीदने व मजदूरी का भुगतान मनरेगा से हो रहा है। नर्सरी में सहजन, बांस, आंवला, गोल्डमोहर, अमरूद आदि के पौधे तैयार हो रहे हैं। आगामी बरसात में ग्राम पंचायतों में मनरेगा के तहत होने वाले पौधरोपण में इन स्वयं सहायता समूहों के पौधे खरीदे जाएंगे, जिससे उनकी आय बढ़ेगी।
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महरौनी। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत गठित महिला स्वयं सहायता समूहों को मजबूत बनाने के लिए मनरेगा से नर्सरी बनाने का कार्य शुरू कराया गया है। अब तक चार नर्सरी में डेढ़ लाख पौधे तैयार हो गए हैं।
मनरेगा में पिछले दो वर्षों से मजदूरी भुगतान की प्रक्रिया से मजदूरों का मोह भंग हो गया था। लेकिन, जल संरक्षण, सिंचाई सुविधाओं, संपर्क मार्ग निर्माण, पौधरोपण सहित तमाम लाभार्थीपरक परियोजनायों के कार्य हो रहे हैं। विकासखंड महरौनी के खंड विकास अधिकारी ने ग्राम पंचायत बारोन, सिलावन और सौजना में ग्रामीण स्तर पर संचालित राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत गठित महिला स्वयं सहायता समूहों को मजबूत बनाने के लिए मनरेगा से नर्सरी बनाने का कार्य शुरू कराया है, ताकि मनरेगा की लागत से तैयार होने वाली पौध को बेचकर महिलायें अपने समूह की आय में वृद्धि कर सकें व ग्राम पंचायतों को हर साल होने वाले पौधरोपण के लिए पौधे उपलब्ध हो सकें। ग्राम बारोन में महिला स्वंय सहायता समूह कारसदेव बाबा, रतनगढ़ वारी माता और सिलावन में राधारानी महिला स्वयं सहायता समूह द्वारा पचास- पचास हजार पौधे तैयार किए जा रहें। इसी प्रकार ग्राम पंचायत सौजना में राधाकृष्ण महिला स्वंय सहायता समूह द्वारा तीस हजार पौधे तैयार किए जा रहे हैं।
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इन महिला समूहों को नर्सरी हेतु बीज, पॉलीथिन, खाद, कीटनाशक खरीदने व मजदूरी का भुगतान मनरेगा से हो रहा है। नर्सरी में सहजन, बांस, आंवला, गोल्डमोहर, अमरूद आदि के पौधे तैयार हो रहे हैं। आगामी बरसात में ग्राम पंचायतों में मनरेगा के तहत होने वाले पौधरोपण में इन स्वयं सहायता समूहों के पौधे खरीदे जाएंगे, जिससे उनकी आय बढ़ेगी।
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