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वन विभाग ने दुत्कारा तो श्रमिकों ने कलैक्ट्रेट परिसर में डाला डेरा
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वन विभाग ने दुत्कारा तो कलक्ट्रेट परिसर में डाला डेरा
ललितपुर। मध्य प्रदेश के विभिन्न जिलों से वन विभाग का काम करने आए दर्जनों श्रमिकों को भुगतान की जगह दुत्कार मिल रही है। इससे क्षुब्ध होकर कई श्रमिकों ने परिवार सहित कलक्ट्रेट में अपनी गृहस्थी के साथ डेरा डाल दिया है। उन्होंने डीएम व एसपी को शिकायती पत्र देकर दोषियों के खिलाफ प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराने की मांग की है।
अगले मानसून सीजन में रोपित किए जाने वाले पौधों की तैयारी अभी से प्रारंभ हो गई है। वन विभाग के अफसरों ने गड्ढे व बोना नाली के खुदान के लिए बड़ी संख्या में श्रमिकों को लगाया है। जिले में करीब आधा सैकड़ा से ज्यादा श्रमिक विभिन्न रेंजों में काम कर रहे हैं। इनमें मध्य प्रदेश के शहडोल और कटनी जिले के कई श्रमिक भी शामिल हैं। मंगलवार को करीब 20 परिवार भुगतान के लिए रेंज अफसरों के पास पहुंचे तो उन्होंने भुगतान करने की जगह दुत्कार कर भगा दिया। इससे नाराज होकर वे अपनी गृहस्थी के साथ कलक्ट्रेट परिसर में बैठ गए। यहां उन्होंने डीएम को दिए शिकायती पत्र में आरोप लगाया है कि जिले के कटनी, रीवा, शहडोल, मैहर, उमरिया से मजदूरी करने आए हैं। ललितपुर वन रेंज में 40 से 45 मजदूरों ने तीन हजार नालियों की खुदाई की है। लगभग इतनी ही नालियां महरौनी वन रेंज में खोदी हैं। इस दौरान कहा गया था कि शासन के निर्धारित रेटों पर उनका भुगतान किया जाएगा। 10-15 दिन से लगातार मजदूरी की मांग कर रहे हैं। जब काम पूरा हो गया तो रेंज कर्मियों ने भुगतान करने की जगह दुत्कार कर भगा दिया। रेंज कर्मी कह रहे हैं कि 25 रुपये के हिसाब से पैसा ले लों, वरना भाग जाओ। उन्होंने सरकारी रेटों पर नाली व गड्ढा का भुगतान कराने की मांग की है। शिकायती पत्र पर संतलाल लोनी, किशन, बालचंद, प्रभा, जीतेंद्र, रामकुमार, सतीश, राकेश, अजय, दुलीचंद, अजय, संगीता, सपना, लालाबाई, आशा, कल्पना, मुनीबाई, सोहागबाई आदि के हस्ताक्षर व अंगूठा निशानी बने हैं। इस संबंध में प्रभारी डीएफओ से संपर्क नहीं हो सका है।
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ललितपुर। मध्य प्रदेश के विभिन्न जिलों से वन विभाग का काम करने आए दर्जनों श्रमिकों को भुगतान की जगह दुत्कार मिल रही है। इससे क्षुब्ध होकर कई श्रमिकों ने परिवार सहित कलक्ट्रेट में अपनी गृहस्थी के साथ डेरा डाल दिया है। उन्होंने डीएम व एसपी को शिकायती पत्र देकर दोषियों के खिलाफ प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराने की मांग की है।
अगले मानसून सीजन में रोपित किए जाने वाले पौधों की तैयारी अभी से प्रारंभ हो गई है। वन विभाग के अफसरों ने गड्ढे व बोना नाली के खुदान के लिए बड़ी संख्या में श्रमिकों को लगाया है। जिले में करीब आधा सैकड़ा से ज्यादा श्रमिक विभिन्न रेंजों में काम कर रहे हैं। इनमें मध्य प्रदेश के शहडोल और कटनी जिले के कई श्रमिक भी शामिल हैं। मंगलवार को करीब 20 परिवार भुगतान के लिए रेंज अफसरों के पास पहुंचे तो उन्होंने भुगतान करने की जगह दुत्कार कर भगा दिया। इससे नाराज होकर वे अपनी गृहस्थी के साथ कलक्ट्रेट परिसर में बैठ गए। यहां उन्होंने डीएम को दिए शिकायती पत्र में आरोप लगाया है कि जिले के कटनी, रीवा, शहडोल, मैहर, उमरिया से मजदूरी करने आए हैं। ललितपुर वन रेंज में 40 से 45 मजदूरों ने तीन हजार नालियों की खुदाई की है। लगभग इतनी ही नालियां महरौनी वन रेंज में खोदी हैं। इस दौरान कहा गया था कि शासन के निर्धारित रेटों पर उनका भुगतान किया जाएगा। 10-15 दिन से लगातार मजदूरी की मांग कर रहे हैं। जब काम पूरा हो गया तो रेंज कर्मियों ने भुगतान करने की जगह दुत्कार कर भगा दिया। रेंज कर्मी कह रहे हैं कि 25 रुपये के हिसाब से पैसा ले लों, वरना भाग जाओ। उन्होंने सरकारी रेटों पर नाली व गड्ढा का भुगतान कराने की मांग की है। शिकायती पत्र पर संतलाल लोनी, किशन, बालचंद, प्रभा, जीतेंद्र, रामकुमार, सतीश, राकेश, अजय, दुलीचंद, अजय, संगीता, सपना, लालाबाई, आशा, कल्पना, मुनीबाई, सोहागबाई आदि के हस्ताक्षर व अंगूठा निशानी बने हैं। इस संबंध में प्रभारी डीएफओ से संपर्क नहीं हो सका है।
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