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एक लाख कुंतल गेहं बारिश में हो रहा खराब
Updated Sat, 24 Jun 2017 01:43 AM IST
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एक लाख क्विंटल गेहूं बारिश में हो रहा खराब
ललितपुर।
जिले के विभिन्न सहकारी क्रय केंद्रों पर करीब एक लाख बीस हजार क्विंटल गेहूं खुले आसमान के नीचे रखा हुआ है, जो अब बारिश में खराब हो रहा है। इस संबंध में सहकारी समिति कर्मचारी यूनियन के जिलाध्यक्ष ने पीसीएफ के जिला प्रबंधक को पत्र लिखा है। उन्होंने समितियों द्वारा किए गेहूं के उठान का भुगतान 30 जून से पूर्व कराने की मांग की है।
यूनियन के जिलाध्यक्ष धनपत यादव व महामंत्री इंद्रपाल सिंह बुंदेला ने पीसीएफ के जिला प्रबंधक को लिखे पत्र में कहा कि जनपद के सहकारी क्रय केंद्रों पर लगभग एक लाख बीस हजार क्विंटल गेहूं उठान के लिए पड़ा है। जहां उचित प्रबंध नहीं है ऐसे में बारिश से गेहूं खराब हो रहा है। वहीं, भीगने से कीड़ा लगने व चूहों द्वारा खाने से गेहूं के नुकसान होने की संभावना बनी हुई है। गेहूं के उठान के अभाव में कर्मचारियों को समितियों पर रुकना पड़ रहा है। इससे ऋण वसूली प्रभावित हो रही है। कुछ ट्रक ड्राइवर/मालिक द्वारा आठ सौ से लेकर 12 सौ रुपये की पल्लेदारी आदि के नाम पर गेहूं उठान के दौरान अवैध वसूली कर रहे हैं। वहीं, तमाम किसानों का भुगतान भी होना बाकी है, जिससे बेवजह शिकायतें हो रही हैं, साथ ही किसानों का गुस्सा केंद्र प्रभारी व समिति सचिव पर उतर रहा है। उन्होंने तत्कालीन डीएम की बैठक में दिए गए निर्देशों के अनुसार समायोजन की प्रक्रिया अपनाने को कहा है।
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ललितपुर।
जिले के विभिन्न सहकारी क्रय केंद्रों पर करीब एक लाख बीस हजार क्विंटल गेहूं खुले आसमान के नीचे रखा हुआ है, जो अब बारिश में खराब हो रहा है। इस संबंध में सहकारी समिति कर्मचारी यूनियन के जिलाध्यक्ष ने पीसीएफ के जिला प्रबंधक को पत्र लिखा है। उन्होंने समितियों द्वारा किए गेहूं के उठान का भुगतान 30 जून से पूर्व कराने की मांग की है।
यूनियन के जिलाध्यक्ष धनपत यादव व महामंत्री इंद्रपाल सिंह बुंदेला ने पीसीएफ के जिला प्रबंधक को लिखे पत्र में कहा कि जनपद के सहकारी क्रय केंद्रों पर लगभग एक लाख बीस हजार क्विंटल गेहूं उठान के लिए पड़ा है। जहां उचित प्रबंध नहीं है ऐसे में बारिश से गेहूं खराब हो रहा है। वहीं, भीगने से कीड़ा लगने व चूहों द्वारा खाने से गेहूं के नुकसान होने की संभावना बनी हुई है। गेहूं के उठान के अभाव में कर्मचारियों को समितियों पर रुकना पड़ रहा है। इससे ऋण वसूली प्रभावित हो रही है। कुछ ट्रक ड्राइवर/मालिक द्वारा आठ सौ से लेकर 12 सौ रुपये की पल्लेदारी आदि के नाम पर गेहूं उठान के दौरान अवैध वसूली कर रहे हैं। वहीं, तमाम किसानों का भुगतान भी होना बाकी है, जिससे बेवजह शिकायतें हो रही हैं, साथ ही किसानों का गुस्सा केंद्र प्रभारी व समिति सचिव पर उतर रहा है। उन्होंने तत्कालीन डीएम की बैठक में दिए गए निर्देशों के अनुसार समायोजन की प्रक्रिया अपनाने को कहा है।
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