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कायदे और कानून पर बिना नंबर की बाइक भारी
ब्यूरो लखीमपुर खीरी।
Updated Mon, 28 Mar 2016 10:50 PM IST
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बाइक चेकिंग अभियान
- फोटो : अमर उजाला
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कानून व्यवस्था के लिए चला अभियान ‘हुक्मउदूली’ की भेंट चढ़ा
एसपी के नेतृत्व में चला था बाइक चेकिंग अभियान और उनकी मौजूदगी हुआ था चालान
कई दिनों बाद बैंक खुलने के दौरान कोई वारदात न हो जाए, इसके लिए एहतियातन चलाया पुलिस का बाइक चेकिंग अभियान विधायक की ‘हुक्मउदूली’ की भेंट चढ़ गया। एसपी के नेतृत्व में चले अभियान में उनकी मौजूदगी में एक सपा कार्यकर्ता की बाइक का चालान काटकर उसे रोक लेना पुलिस के लिए भारी पड़ गया। कोतवाल ने कायदे और कानून को माना और उन्हें एसएसआई के साथ लाइन हाजिर कर दिया। चार फरवरी को कोतवाली का चार्ज लेने वाले गुलाब शंकर पांडेय दो महीने भी नहीं टिक पाए।
कोतवाल की गलती इतनी थी कि विधायक उत्कर्ष वर्मा ने बाइक तुरंत छोड़ने के लिए कहा और कोतवाल ने कहा दो बजे के बाद छोड़ेंगे। हालांकि पुलिस कार्रवाई के दौरान सीज की गई बाइक को छुड़ाने के लिए सत्तारूढ़ सपा के विधायक का कोतवाली परिसर में धरना देना लोगों के गले नहीं उतर रहा है। जिस तरह कोतवाली परिसर में धरना प्रदर्शन के दौरान सपाइयों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए नारेबाजी की, उससे माननीयों ने अपनी ही सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठा दिए हैं कि उसका पुलिस प्रशासन पर बस नहीं है। धरना प्रदर्शन के दौरान एक धड़ा ऐसा भी था प्रकरण से नाखुश दिखा।
सपा विधायक उत्कर्ष वर्मा का आरोप है कि कोतवाल और पुलिस दलाली में लगी है। बाइक सवारों को परेशान कर उनसे वसूली की जा रही है। विधायक के कहने पर बाइक नहीं छोड़ी जाती बल्कि पैसे लेकर छोड़ते हैं। कोतवाल ने गुलाब शंकर पांडेय ने विधायक के आरोपों को नकारते हुए कहा है कि विधायक ने फोन पर बाइक छोड़ने के लिए कहा तो मैंने दोपहर दो बजे के बाद कोतवाली पहुंचकर बाइक छोड़ने की बात कही थी। इस पर विधायक भड़क गए और तुरंत बाइक न छोड़ने पर कोतवाली से हटवाने की धमकी दी। विधायक और कोतवाल के बीच फोन पर हुई बातचीत के बाद मामला इस कदर तूल पकड़ गया कि सपा विधायक उत्कर्ष वर्मा सहित विधायक रामसरन, एमएलसी शशांक यादव और जिलाध्यक्ष अनुराग पटेल को भी कोतवाली पहुंचकर पुलिस के खिलाफ मोर्चा खोलना पड़ा।
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एसएसआई हंसे तो फंसे
विधायक और कोतवाल के बीच तनातनी में एसएसआई महेंद्र सिंह का इस प्रकरण में कोई लेना देना नहीं था लेकिन होमगार्ड के सपा कार्यकर्ताओं को टोकने पर मुस्कुरा देना उन्हें भारी पड़ गया। समर्थकों सहित विधायक कोतवाली में दाखिल हुए और कार्यकर्ताओं ने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। कार्यालय से बाहर निकले होमगार्ड ने सपा कार्यकर्ताओं से कोतवाली से बाहर जाकर नारेबाजी करने के कहा। इससे सपाई भौचक रह गए। इसी दौरान बरामदे में खड़े एसएसआई मुस्कुरा दिए। यह बात माननीयों को नागवार गुजरी और उन्हें भी लाइन हाजिर कर दिया गया।
कोतवाली में दलाली चरम पर है। लोगों का शोषण किया जा रहा है। बाइक को छोड़ने केे लिए कोतवाल को फोन किया था। उन्होंने बाइक छोड़ने के बजाय अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया। बाइक लेने के लिए शाम को चार बजे आने को कहा था।
- उत्कर्ष वर्मा, सपा सदर विधायक
बाइक बगैर नंबर और कागज न होने के सीज की गई थी। विधायक ने बाइक छोड़ने के लिए फोन किया था। मैं वाहन चेकिंग में व्यस्त था इसलिए वाहन स्वामी को दो बजे कोतवाली भेजने की बात कहा। इससे विधायक नाराज हो गए और तुरंत बाइक न छोड़ने पर मुझे कोतवाली से हटवाने की धमकी दी।
- गुलाब शंकर पांडेय, इंस्पेक्टर, सदर कोतवाली
प्रकरण में विधायक की मांग पर कार्रवाई करते हुए कोतवाल और एसएसआई को लाइन हाजिर कर दिया गया है। बाइक छुड़ाने के लिए विवाद की बात सामने आई है। मामले की जांच कराई जा रही है।
- अखिलेश चौरसिया, एसपी
एसपी के नेतृत्व में चला था बाइक चेकिंग अभियान और उनकी मौजूदगी हुआ था चालान
कई दिनों बाद बैंक खुलने के दौरान कोई वारदात न हो जाए, इसके लिए एहतियातन चलाया पुलिस का बाइक चेकिंग अभियान विधायक की ‘हुक्मउदूली’ की भेंट चढ़ गया। एसपी के नेतृत्व में चले अभियान में उनकी मौजूदगी में एक सपा कार्यकर्ता की बाइक का चालान काटकर उसे रोक लेना पुलिस के लिए भारी पड़ गया। कोतवाल ने कायदे और कानून को माना और उन्हें एसएसआई के साथ लाइन हाजिर कर दिया। चार फरवरी को कोतवाली का चार्ज लेने वाले गुलाब शंकर पांडेय दो महीने भी नहीं टिक पाए।
कोतवाल की गलती इतनी थी कि विधायक उत्कर्ष वर्मा ने बाइक तुरंत छोड़ने के लिए कहा और कोतवाल ने कहा दो बजे के बाद छोड़ेंगे। हालांकि पुलिस कार्रवाई के दौरान सीज की गई बाइक को छुड़ाने के लिए सत्तारूढ़ सपा के विधायक का कोतवाली परिसर में धरना देना लोगों के गले नहीं उतर रहा है। जिस तरह कोतवाली परिसर में धरना प्रदर्शन के दौरान सपाइयों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए नारेबाजी की, उससे माननीयों ने अपनी ही सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठा दिए हैं कि उसका पुलिस प्रशासन पर बस नहीं है। धरना प्रदर्शन के दौरान एक धड़ा ऐसा भी था प्रकरण से नाखुश दिखा।
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सपा विधायक उत्कर्ष वर्मा का आरोप है कि कोतवाल और पुलिस दलाली में लगी है। बाइक सवारों को परेशान कर उनसे वसूली की जा रही है। विधायक के कहने पर बाइक नहीं छोड़ी जाती बल्कि पैसे लेकर छोड़ते हैं। कोतवाल ने गुलाब शंकर पांडेय ने विधायक के आरोपों को नकारते हुए कहा है कि विधायक ने फोन पर बाइक छोड़ने के लिए कहा तो मैंने दोपहर दो बजे के बाद कोतवाली पहुंचकर बाइक छोड़ने की बात कही थी। इस पर विधायक भड़क गए और तुरंत बाइक न छोड़ने पर कोतवाली से हटवाने की धमकी दी। विधायक और कोतवाल के बीच फोन पर हुई बातचीत के बाद मामला इस कदर तूल पकड़ गया कि सपा विधायक उत्कर्ष वर्मा सहित विधायक रामसरन, एमएलसी शशांक यादव और जिलाध्यक्ष अनुराग पटेल को भी कोतवाली पहुंचकर पुलिस के खिलाफ मोर्चा खोलना पड़ा।
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एसएसआई हंसे तो फंसे
विधायक और कोतवाल के बीच तनातनी में एसएसआई महेंद्र सिंह का इस प्रकरण में कोई लेना देना नहीं था लेकिन होमगार्ड के सपा कार्यकर्ताओं को टोकने पर मुस्कुरा देना उन्हें भारी पड़ गया। समर्थकों सहित विधायक कोतवाली में दाखिल हुए और कार्यकर्ताओं ने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। कार्यालय से बाहर निकले होमगार्ड ने सपा कार्यकर्ताओं से कोतवाली से बाहर जाकर नारेबाजी करने के कहा। इससे सपाई भौचक रह गए। इसी दौरान बरामदे में खड़े एसएसआई मुस्कुरा दिए। यह बात माननीयों को नागवार गुजरी और उन्हें भी लाइन हाजिर कर दिया गया।
कोतवाली में दलाली चरम पर है। लोगों का शोषण किया जा रहा है। बाइक को छोड़ने केे लिए कोतवाल को फोन किया था। उन्होंने बाइक छोड़ने के बजाय अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया। बाइक लेने के लिए शाम को चार बजे आने को कहा था।
- उत्कर्ष वर्मा, सपा सदर विधायक
बाइक बगैर नंबर और कागज न होने के सीज की गई थी। विधायक ने बाइक छोड़ने के लिए फोन किया था। मैं वाहन चेकिंग में व्यस्त था इसलिए वाहन स्वामी को दो बजे कोतवाली भेजने की बात कहा। इससे विधायक नाराज हो गए और तुरंत बाइक न छोड़ने पर मुझे कोतवाली से हटवाने की धमकी दी।
- गुलाब शंकर पांडेय, इंस्पेक्टर, सदर कोतवाली
प्रकरण में विधायक की मांग पर कार्रवाई करते हुए कोतवाल और एसएसआई को लाइन हाजिर कर दिया गया है। बाइक छुड़ाने के लिए विवाद की बात सामने आई है। मामले की जांच कराई जा रही है।
- अखिलेश चौरसिया, एसपी