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...आखिर मुत्तू कहां से लाया चंदन की लकड़ी!
अमर उजाला ब्यूरो लखीमपुर खीरी।
Updated Sun, 04 Dec 2016 09:44 PM IST
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पांच रोज बाद भी पुलिस नहीं लगा सकी पता
तीन प्रदेशों के मोस्टवांटेड मध्य प्रदेश के जिला खंडवा के थाना धनेरा के गांव बकडया निवासी राहुल उर्फ कट्टू उर्फ मुत्तू के पास बरामद हुई चंदन की लकड़ी कहां से काट कर लाई गई थी, इस बात का पता पुलिस पांच दिन बीत जाने के बाद भी नहीं लगा सकी है, जिससे शहर के डीएफओ साउथ के आवास और ओयल के शिवाला से चोरी हुए चंदन के पेड़ों के काटे जान का राज अब भी बरकरार है। सूत्रों की मानें तो पुलिस बरामद लकड़ी को डीएफओ आवास से काटे गए पेड़ों का दर्शाने का तानाबाना बुनने के प्रयास में जुटी है।
एसटीएफ लखनऊ की मदद से सदर कोतवाली पुलिस ने 30 नवंबर को मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र और दिल्ली के मोस्टवांटेंड राहुल उर्फ कट्टू उर्फ मुत्तू को सदर कोतवाली क्षेत्र के गांव मुड़ियाखेड़ा के पास से दबोचा था। पुलिस ने उसके पास से चंदन की लकड़ी के आठ बोटे बरामद होने का दावा करते हुए चौकी इंचार्ज संकटा देवी संदीप सिंह की ओर से भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा 41, 22, 69 और 4/10 के तहत रिपोर्ट दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया था। वादी चौकी इंचार्ज की ओर से दर्ज कराई गई रिपोर्ट पर यदि गौर करें तो आरोपी के पास से बोरे में करीब एक-एक फुट लंबे आठ अदद चंदन की लकड़ी के टुकड़े बरामद हुए, जिनकी लंबाई करीब एक फुट और चौड़ाई दो अंगुल थी। एफआईआर के मुताबिक आरोपी चंदन की लकड़ी कहां से लाया? यह बात सही तरीके से नहीं बता पाया। लकड़ी बरामद हुए पांच दिन बीत गए हैं, लेकिन पुलिस ने अब तक इस बात का पता लगाने की कोशिश नहीं की। इससे पुलिस की नीयत पर भी सवाल उठने लगे हैं। वहीं अब तक डीएफओ आवास और ओयल से चोरी गए आठ पेड़ों को काटे जाने का रहस्य भी बरकरार है। सूत्रों के अनुसार दो हफ्ते पहले शहर के डीएफओ आवास से दो और ओयल के शिवाला गढ़ी से चोरी गए छह पेड़ों की बरामदगी दिखाकर मामले का पटापेक्ष करने का कोतवाली पुलिस तानाबाना बुन रही है।
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तीन प्रदेशों के मोस्टवांटेड मध्य प्रदेश के जिला खंडवा के थाना धनेरा के गांव बकडया निवासी राहुल उर्फ कट्टू उर्फ मुत्तू के पास बरामद हुई चंदन की लकड़ी कहां से काट कर लाई गई थी, इस बात का पता पुलिस पांच दिन बीत जाने के बाद भी नहीं लगा सकी है, जिससे शहर के डीएफओ साउथ के आवास और ओयल के शिवाला से चोरी हुए चंदन के पेड़ों के काटे जान का राज अब भी बरकरार है। सूत्रों की मानें तो पुलिस बरामद लकड़ी को डीएफओ आवास से काटे गए पेड़ों का दर्शाने का तानाबाना बुनने के प्रयास में जुटी है।
एसटीएफ लखनऊ की मदद से सदर कोतवाली पुलिस ने 30 नवंबर को मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र और दिल्ली के मोस्टवांटेंड राहुल उर्फ कट्टू उर्फ मुत्तू को सदर कोतवाली क्षेत्र के गांव मुड़ियाखेड़ा के पास से दबोचा था। पुलिस ने उसके पास से चंदन की लकड़ी के आठ बोटे बरामद होने का दावा करते हुए चौकी इंचार्ज संकटा देवी संदीप सिंह की ओर से भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा 41, 22, 69 और 4/10 के तहत रिपोर्ट दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया था। वादी चौकी इंचार्ज की ओर से दर्ज कराई गई रिपोर्ट पर यदि गौर करें तो आरोपी के पास से बोरे में करीब एक-एक फुट लंबे आठ अदद चंदन की लकड़ी के टुकड़े बरामद हुए, जिनकी लंबाई करीब एक फुट और चौड़ाई दो अंगुल थी। एफआईआर के मुताबिक आरोपी चंदन की लकड़ी कहां से लाया? यह बात सही तरीके से नहीं बता पाया। लकड़ी बरामद हुए पांच दिन बीत गए हैं, लेकिन पुलिस ने अब तक इस बात का पता लगाने की कोशिश नहीं की। इससे पुलिस की नीयत पर भी सवाल उठने लगे हैं। वहीं अब तक डीएफओ आवास और ओयल से चोरी गए आठ पेड़ों को काटे जाने का रहस्य भी बरकरार है। सूत्रों के अनुसार दो हफ्ते पहले शहर के डीएफओ आवास से दो और ओयल के शिवाला गढ़ी से चोरी गए छह पेड़ों की बरामदगी दिखाकर मामले का पटापेक्ष करने का कोतवाली पुलिस तानाबाना बुन रही है।
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