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Lakhimpur Kheri News: मोहाना नदी में समाए दो घर, ग्रामीण खुद उजाड़ रहे आशियाना

Sun, 20 Oct 2024 11:05 PM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sun, 20 Oct 2024 11:05 PM IST
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Two houses submerged in Mohana river, villagers are destroying their homes themselvesTwo houses submerged in Mohana river, villagers are destroying their homes themselves
गांव जसनगर में कटान करती मोहाना नदी  संवाद
तिकुनिया। मोहाना नदी के असमय कटान से जसनगर गांव के के ग्रामीणों की नींद उड़ गई है। दो ग्रामीणों के घर नदी में समा गए हैं। कटान की जद में आने पर श्यामलाल अपना आशियाना अपने हाथों से उजाड़ रहे हैं।
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कई अन्य ग्रामीणों ने भी घर से सामान निकालना शुरू कर दिया है। अचानक से शुरू हुए कटान से सिंचाई विभाग के जिम्मेदार बेखबर हैं। तहसील प्रशासन भी ग्रामीणों की समस्या से बेपरवाह है।
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जिले में बाढ़ आने के करीब एक माह बाद मोहाना नदी ने जसनगर गांव में फिर से कटान शुरू कर दिया है। गांव में कुल 50 घर हैं। श्रीराम और जगदीश का घर नदी में समा चुका है। रविवार को ग्रामीण जरूरी सामना समेटते दिखे।
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गांव के अधिकांश परिवारों के युवक बाहर कमाने गए हैं। ऐसे में घर की महिलाओं के सामने आशियाना बचाने का संकट खड़ा हो गया है। नदी के कटान रोकने को सिंचाई विभाग भी सक्रिय नहीं है। इससे ग्रामीणों में रोष है।

गिरजापुरी बैराज के सभी गेट खुलने से बढ़ा कटान
जसनगर से करीब 15 किलोमीटर दूरी पर गिरजापुरी बैराज है। इस बैराज में 35 गेट हैं। बताया जा रहा है कि जल निकासी के लिए सभी गेट खोल दिए गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि इसी वजह से मोहाना नदी की धार तेज हो गई है। कटान शुरू हो गया है। अब तक कुछ गेट ही खुले थे। नदी का बहाव धीमा था।

कटान के मुहाने पर हैं इन ग्रामीणों के घर
जसनगर गांव निवासी धर्मेंद्र, नाथूराम, रामवृक्ष, शिव भगवान, सियाराम, राजकुमार, रामजीवन, गोवर्धन, संतोष, धनेश का घर कटान के मुहाने पर है। गांव निवासी सुशीला, जानकी, तारा देवी ने बताया कि उनके पति बाहर कमाने गए हैं। घर से सामान निकालने वाला कोई नहीं है। इस हालत में घर और सामान कैसे बचाएं, यह समझ नहीं आ रहा। प्रशासन और सिंचाई विभाग भी ध्यान नहीं दे रहा है।

नदी में गिरे ग्रामीण काशी, ग्रामीणों ने बचाया
गांव निवासी काशी (55) रविवार की सुबह कटान की जद में खड़े थे। मिट्टी कटते ही वह नदी में जा गिरे। शोर सुनकर जुटे ग्रामीणों ने बमुश्किल काशी को नदी से बाहर निकाला। वह काफी देर तक बेसुध हालत में रहे। घरों से सामान समेट रहे लोग एक-दूसरे को सावधान रहने की सलाह भी दे रहे हैं। कटान वाले इलाके में जाने से बचने को कहा जा रहा है।


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लेखपाल राजेश कुमार को मौके पर लगा दिया गया है। ग्रामीणों को बचाने के लिए हर संभव कोशिश की जाएगी। सिंचाई विभाग के सभी अधिकारियों को बता दिया गया है, मौके पर पहुंच रहे हैं।
- राजीव निगम, एसडीएम निघासन
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