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Lakhimpur Kheri News: कासगंज से मैलानी, अयोध्या होते हुए वाराणसी सिटी तक चल सकती है ट्रेन
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मैलानी में खड़ी एक्सप्रेस ट्रेनफाइल फोटो
मैलानी। कासगंज से मैलानी, अयोध्या होते हुए वाराणसी सिटी तक नई ट्रेन चलने की उम्मीद है। रेलवे ने इस मार्ग पर एक्सप्रेस ट्रेन चलाने के लिए क्षेत्र के वाणिज्य निरीक्षकों से इस बाबत वाणिज्यिक औचित्य मांगा है। एक व्हाट्सएप ग्रुप पर इस आशय का रेलवे का एक पत्र वायरल हो रहा है।
पूर्वोत्तर रेलवे के मुख्यालय, गोरखपुर जोन से पूर्वोत्तर रेलवे क्षेत्र में गाड़ियों के मार्ग विस्तार और नई ट्रेन चलने के संबंध में शीर्षक से जारी इस पत्र में त्रैसाप्ताहिक कासगंज-बनारस एक्सप्रेस सहित तीन नई ट्रेन चलाने और सात ट्रेनों के मार्ग विस्तार की बाबत लिखा गया है। नई ट्रेन कासगंज-बनारस एक्सप्रेस कासगंज से मैलानी, लखीमपुर, सीतापुर, बुढ़वल, बाराबंकी, अयोध्या होते हुए वाराणसी सिटी तक हफ्ते में तीन दिन चलने की बात लिखी है।
पत्र में प्रखंडीय वाणिज्य निरीक्षकों से नई ट्रेनें चलाने और ट्रेनों के मार्ग विस्तार के बारे में वाणिज्यिक औचित्य मांगा गया है। यही नहीं वाणिज्य निरीक्षकों से वाणिज्यिक औचित्य की रिपोर्ट अविलंब मंडल कार्यालय को प्रेषित करने की बात भी पत्र में लिखी गई है, ताकि अग्रिम कार्रवाई के लिए मुख्यालय गोरखपुर को अवगत कराया जा सके। इससे कासगंज से वाया मैलानी, लखीमपुर, बाराबंकी, अयोध्या होते हुए वाराणसी सिटी तक ट्रेन चलने की उम्मीद बंधी है।
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वाणिज्यिक औचित्य पर निर्भर है ट्रेन का चलना
रेलवे नई ट्रेन चलाने या ट्रेन के मार्ग विस्तार से पहले प्रखंड के वाणिज्य निरीक्षकों से वाणिज्यिक औचित्य मांगता है। इसमें वाणिज्य निरीक्षक कितना ट्रैफिक होगा, आमदनी, यात्री संख्या, लाइन सिंगल है या दोहरीकृत, इलेक्ट्रिक है या नॉन इलेक्ट्रिक, कामर्शियल आदि की रिपोर्ट देता है। इसी रिपोर्ट के आधार पर नई ट्रेन का संचालन या किसी ट्रेन का मार्ग विस्तार किया जाता है।
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पूर्वोत्तर रेलवे के मुख्यालय, गोरखपुर जोन से पूर्वोत्तर रेलवे क्षेत्र में गाड़ियों के मार्ग विस्तार और नई ट्रेन चलने के संबंध में शीर्षक से जारी इस पत्र में त्रैसाप्ताहिक कासगंज-बनारस एक्सप्रेस सहित तीन नई ट्रेन चलाने और सात ट्रेनों के मार्ग विस्तार की बाबत लिखा गया है। नई ट्रेन कासगंज-बनारस एक्सप्रेस कासगंज से मैलानी, लखीमपुर, सीतापुर, बुढ़वल, बाराबंकी, अयोध्या होते हुए वाराणसी सिटी तक हफ्ते में तीन दिन चलने की बात लिखी है।
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पत्र में प्रखंडीय वाणिज्य निरीक्षकों से नई ट्रेनें चलाने और ट्रेनों के मार्ग विस्तार के बारे में वाणिज्यिक औचित्य मांगा गया है। यही नहीं वाणिज्य निरीक्षकों से वाणिज्यिक औचित्य की रिपोर्ट अविलंब मंडल कार्यालय को प्रेषित करने की बात भी पत्र में लिखी गई है, ताकि अग्रिम कार्रवाई के लिए मुख्यालय गोरखपुर को अवगत कराया जा सके। इससे कासगंज से वाया मैलानी, लखीमपुर, बाराबंकी, अयोध्या होते हुए वाराणसी सिटी तक ट्रेन चलने की उम्मीद बंधी है।
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वाणिज्यिक औचित्य पर निर्भर है ट्रेन का चलना
रेलवे नई ट्रेन चलाने या ट्रेन के मार्ग विस्तार से पहले प्रखंड के वाणिज्य निरीक्षकों से वाणिज्यिक औचित्य मांगता है। इसमें वाणिज्य निरीक्षक कितना ट्रैफिक होगा, आमदनी, यात्री संख्या, लाइन सिंगल है या दोहरीकृत, इलेक्ट्रिक है या नॉन इलेक्ट्रिक, कामर्शियल आदि की रिपोर्ट देता है। इसी रिपोर्ट के आधार पर नई ट्रेन का संचालन या किसी ट्रेन का मार्ग विस्तार किया जाता है।