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तिकुनिया कांड- मृतकों के परिजन बोले दबाव में जांच टीम, मंत्री टेनी को नहीं बनाया आरोपी
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मृतकों के परिजन बोले- दबाव में जांच टीम, मंत्री टेनी को नहीं बनाया आरोपी
लखीमपुर खीरी। तिकनिया हिंसा में चार्जशीट दाखिल होने के बाद मारे गए मृतकों के परिजन ने चार्जशीट में मंत्री टेनी को आरोपी न बनाए जाने पर जांच टीम पर सवाल उठाए हैं। धौरहा के मृतक किसान नक्षत्र सिंह, चौखड़ा फार्म के मृतक किसान लवप्रीत सिंह और पत्रकार रमन कश्यप के परिजन ने जांच टीम पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब मंत्री टेनी के नाम थार गाड़ी है तो उनका नाम आरोप पत्र में होना चाहिए। संवाद
वीरेंद्र शुक्ला आरोपी तो टेनी क्यों नहीं : पवन कश्यप
निघासन। तिकुनिया कांड में मारे गए पत्रकार रमन के भाई पवन ने कहा कि अजय मिश्र टेनी के मंत्री रहते निष्पक्ष जांच एसआइटी नहीं कर पा रही है। उनका बेटा आशीष मिश्र मोनू जेल में था इसलिए जांच सही हो गई, लेकिन टेनी की जांच नहीं हो रही है। उन्होंने कहा कि जब पलिया ब्लॉक प्रमुख वीरेंद्र शुक्ला की गाड़ी होने के कारण जांच टीम ने उनको आरोपी बना दिया तो थार गाड़ी अजय मिश्र टेनी के नाम थी। उनको आरोपी बनाने में क्यों कतरा रही है। मंत्री टेनी को सजिशकर्ता बताते हुए रमन के पिता रामदुलारे पत्नी आराधना देवी आदि ने उनके इस्तीफे की मांग की। उन्होंने कहा कि पांच हजार पेज की चार्जशीट में मंत्री का नाम न होना जांच टीम की मंशा पर सवाल उठाता है। संवाद
भाजपा अपने मंत्री को बचा रही है: मंदीप सिंह
धौरहरा। तिकुनिया हिंसा में मारे गए मृतक किसान नक्षत्र सिंह के बेटे मंदीप सिंह का कहना है कि जब 13 आरोपियों के अलावा 14वें आरोपी के तौर पर वीरेंद्र शुक्ला का नाम जोड़ा जा सकता है, तो मंत्री टेनी का भी नाम होना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार पक्षपात कर रही है। अपने केंद्रीय मंत्री को बचाने का पूरा जोर लगा रही है। कहा कि वह चुप नहीं बैठेंगे। कहा कि टेनी का नाम मामले में बढ़ाने के लिए वकीलों से बात हो चुकी है, याचिका दाखिल की जाएगी।
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मंत्री का नाम चार्जशीट में न होने पर जताया रोष
पलियाकलां। सोमवार को चार्जशीट दाखिल होने के बाद तिकुनिया कांड में मृतक चौखड़ा फार्म निवासी मृतक लवप्रीत सिंह के पिता सतनाम सिंह ने केंद्रीय मंत्री टेनी का नाम न होने पर रोष जताया है। उनका कहना है कि जिस थार गाड़ी से घटना हुई है वह मंत्री के नाम ही दर्ज है। इससे उनका नाम भी चार्जशीट में होना चाहिए था। चौखड़ा फार्म निवासी मृतक लवप्रीत सिंह के पिता सतनाम सिंह ने बताया कि चार्जशीट के बारे में जानकारी हुई जिसमें गृह राज्यमंत्री अजय मिश्र टेनी का नाम ही नहीं दर्ज है। जबकि घटना में प्रयुक्त थार गाड़ी भी मंत्री के नाम ही है। जबकि जांच टीम द्वारा किसानों को गिरफ्तार किया जा रहा है। आखिर किसानों की गिरफ्तारी क्यों हो रही है।
यूपी में कानून का राज, जेल में तिकुनिया कांड का आरोपी
लखीमपुर खीरी। पंजाबी अकादमी के उपाध्यक्ष गुरविंदर सिंह छाबड़ा ने कहा कि केंद्र और प्रदेश की सरकार सिखों की सच्ची हितैषी है। पीएम मोदी ने सिखों की सालों पुरानी मांग गुरुद्वारा करतारपुर साहिब का मार्ग खुलवाया। वहीं 1984 दंगा पीड़ित सिख परिवारों को न्याय दिलवाने की खातिर जांच के लिए एसआईटी गठित की। सीएम योगी ने सिख इतिहास को पाठ्यक्रम में शामिल कराया। उधर, तिकुनिया कांड के सवाल पर कहा कि प्रदेश में काननू का राज है। इसी का परिणाम है कि केंद्र और प्रदेश में भाजपा सरकार होने के बावजूद केंद्रीय गृह राज्यमंत्री का बेटा जेल में है। उन्होंने कहा कि 1984 के दंगे केे करीब 37 साल हो गए हैं, लेकिन आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं। जबकि तिकुनिया कांड के आरोपी जेल में हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार में सिख समाज की सुनवाई हो रही है। सिख समाज वोट बैंक की तरह इस्तेमाल नहीं हो रहा है। वार्ता में ब्रजेश सिंह, रमेश चंद्र मिश्रा, रामजी दीक्षित आदि मौजूद रहे।
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लखीमपुर खीरी। तिकनिया हिंसा में चार्जशीट दाखिल होने के बाद मारे गए मृतकों के परिजन ने चार्जशीट में मंत्री टेनी को आरोपी न बनाए जाने पर जांच टीम पर सवाल उठाए हैं। धौरहा के मृतक किसान नक्षत्र सिंह, चौखड़ा फार्म के मृतक किसान लवप्रीत सिंह और पत्रकार रमन कश्यप के परिजन ने जांच टीम पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब मंत्री टेनी के नाम थार गाड़ी है तो उनका नाम आरोप पत्र में होना चाहिए। संवाद
वीरेंद्र शुक्ला आरोपी तो टेनी क्यों नहीं : पवन कश्यप
निघासन। तिकुनिया कांड में मारे गए पत्रकार रमन के भाई पवन ने कहा कि अजय मिश्र टेनी के मंत्री रहते निष्पक्ष जांच एसआइटी नहीं कर पा रही है। उनका बेटा आशीष मिश्र मोनू जेल में था इसलिए जांच सही हो गई, लेकिन टेनी की जांच नहीं हो रही है। उन्होंने कहा कि जब पलिया ब्लॉक प्रमुख वीरेंद्र शुक्ला की गाड़ी होने के कारण जांच टीम ने उनको आरोपी बना दिया तो थार गाड़ी अजय मिश्र टेनी के नाम थी। उनको आरोपी बनाने में क्यों कतरा रही है। मंत्री टेनी को सजिशकर्ता बताते हुए रमन के पिता रामदुलारे पत्नी आराधना देवी आदि ने उनके इस्तीफे की मांग की। उन्होंने कहा कि पांच हजार पेज की चार्जशीट में मंत्री का नाम न होना जांच टीम की मंशा पर सवाल उठाता है। संवाद
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भाजपा अपने मंत्री को बचा रही है: मंदीप सिंह
धौरहरा। तिकुनिया हिंसा में मारे गए मृतक किसान नक्षत्र सिंह के बेटे मंदीप सिंह का कहना है कि जब 13 आरोपियों के अलावा 14वें आरोपी के तौर पर वीरेंद्र शुक्ला का नाम जोड़ा जा सकता है, तो मंत्री टेनी का भी नाम होना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार पक्षपात कर रही है। अपने केंद्रीय मंत्री को बचाने का पूरा जोर लगा रही है। कहा कि वह चुप नहीं बैठेंगे। कहा कि टेनी का नाम मामले में बढ़ाने के लिए वकीलों से बात हो चुकी है, याचिका दाखिल की जाएगी।
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मंत्री का नाम चार्जशीट में न होने पर जताया रोष
पलियाकलां। सोमवार को चार्जशीट दाखिल होने के बाद तिकुनिया कांड में मृतक चौखड़ा फार्म निवासी मृतक लवप्रीत सिंह के पिता सतनाम सिंह ने केंद्रीय मंत्री टेनी का नाम न होने पर रोष जताया है। उनका कहना है कि जिस थार गाड़ी से घटना हुई है वह मंत्री के नाम ही दर्ज है। इससे उनका नाम भी चार्जशीट में होना चाहिए था। चौखड़ा फार्म निवासी मृतक लवप्रीत सिंह के पिता सतनाम सिंह ने बताया कि चार्जशीट के बारे में जानकारी हुई जिसमें गृह राज्यमंत्री अजय मिश्र टेनी का नाम ही नहीं दर्ज है। जबकि घटना में प्रयुक्त थार गाड़ी भी मंत्री के नाम ही है। जबकि जांच टीम द्वारा किसानों को गिरफ्तार किया जा रहा है। आखिर किसानों की गिरफ्तारी क्यों हो रही है।
यूपी में कानून का राज, जेल में तिकुनिया कांड का आरोपी
लखीमपुर खीरी। पंजाबी अकादमी के उपाध्यक्ष गुरविंदर सिंह छाबड़ा ने कहा कि केंद्र और प्रदेश की सरकार सिखों की सच्ची हितैषी है। पीएम मोदी ने सिखों की सालों पुरानी मांग गुरुद्वारा करतारपुर साहिब का मार्ग खुलवाया। वहीं 1984 दंगा पीड़ित सिख परिवारों को न्याय दिलवाने की खातिर जांच के लिए एसआईटी गठित की। सीएम योगी ने सिख इतिहास को पाठ्यक्रम में शामिल कराया। उधर, तिकुनिया कांड के सवाल पर कहा कि प्रदेश में काननू का राज है। इसी का परिणाम है कि केंद्र और प्रदेश में भाजपा सरकार होने के बावजूद केंद्रीय गृह राज्यमंत्री का बेटा जेल में है। उन्होंने कहा कि 1984 के दंगे केे करीब 37 साल हो गए हैं, लेकिन आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं। जबकि तिकुनिया कांड के आरोपी जेल में हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार में सिख समाज की सुनवाई हो रही है। सिख समाज वोट बैंक की तरह इस्तेमाल नहीं हो रहा है। वार्ता में ब्रजेश सिंह, रमेश चंद्र मिश्रा, रामजी दीक्षित आदि मौजूद रहे।