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तिकुनिया कांड : जांच टीम ने सात आरोपियों की पहचान के लिए लगवाए पोस्टर
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प्रतीकात्मक
मंगलवार को डीआईजी ने जांच टीम की समीक्षा के दौरान पोस्टर जारी करने के दिए थे निर्देश
लखीमपुर खीरी। तिकुनिया कांड में दो भाजपा कार्यकर्ताओं की हत्या के मामले में दर्ज एफआईआर संख्या 220 के आरोपियों की तलाश के लिए जांच टीम ने सात आरोपियों की पहचान के लिए पोस्टर लगवाए हैं। इससे पहले मंगलवार को जांच की समीक्षा के दौरान डीआईजी प्रीतिंदर सिंह ने टीम को आरोपियों के पोस्टर जारी करने के निर्देश दिए थे।
जांच टीम ने शुक्रवार को एफआईआर नंबर 220 के आरोपियों के बारे में पोस्टर जारी करते हुए उनकी पहचान बताने के लिए फोन नंबर भी उपलब्ध कराए हैं। अपर पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह ने पोस्टर जारी करवाया। पोस्टर में लिखा गया है कि मुकदमा संख्या 220 की धारा 109/ 143/ 147/ 148/ 149/ 323/ 324/ 336/ 302 भादवि के तहत तिकुनिया में उपरोक्त वांछित अभियुक्त हैं। यदि किसी के पास आरोपियों के संबंध में कोई भी सटीक सूचना हो जिससे उसकी गिरफ्तारी की जा सके। सूचना अपर पुलिस अधीक्षक विशेष अनुसंधान दल (9454401072), पुलिस उपा धीक्षक विशेष अनुसंधान दल (9454401486) व मुख्य विवेचक 220/2021 के मोबाइल नंबर (9450782977) पर दी जा सकती है। जांच टीम की तरफ से बताया गया है कि सूचना व सुराग देने वालों को उचित पुरस्कार दिया जाएगा व सूचना या सुराग देने वाले व्यक्ति का नाम वह पहचान गुप्त रखी जाएगी।
दूसरे दिन भी एडीजी ने खंगाले दस्तावेज, जांच की समीक्षा की
लखीमपुर खीरी। तिकुनिया कांड में जांच की समीक्षा करने खीरी पहुंचे एडीजी इंटेलिजेंस एसबी शिरोडकर ने दूसरे दिन शुक्रवार को भी तमाम दस्तावेज खंगाले और अब तक की जांच की समीक्षा करते हुए आगे की रणनीति तय की है।
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तिकुनिया कांड को दो महीने पूरे हो गए हैं। ऐसे में जांच टीम भी तेजी से जांच रही है, जिससे कि 90 दिन के अंदर चार्जशीट दाखिल की जा सके। एडीजी एसबी शिरोडकर देर शाम तक फाइलों की जांच पड़ताल करते रहे। उधर, जांच टीम की तरफ से सात आरोपियों की पहचान के लिये पोस्टर भी लगवाए गए हैं। संवाद
लखनऊ के एसपीओ अवधेश सिंह को जांच टीम में मिली जिम्मेदारी
लखीमपुर खीरी। तिकुनिया कांड के मामले में सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर तीन वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों ने विवेचना की जांच शुरू कर दी है, वहीं मॉनिटरिंग के लिए हाईकोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस भी अपने निगाहें विवेचना की गुणवत्ता पर लगाए हुए हैं। ऐसे में एसआईटी कोई भी रिस्क लेने के मूड में नहीं है।
अभियोजन से जुड़े सूत्र बताते हैं तफ्तीश में कानूनी बिंदुओं पर कहीं कोई चूक न हो जाए इसके लिए एक वरिष्ठ अभियोजन अधिकारी की नियमित नियुक्ति एसआईटी के लिए शासन ने कर दी है, जिसके चलते लखनऊ के एसपीओ अवधेश सिंह को लखीमपुर तिकुनिया कांड में जांच कर रही एसआईटी टीम के लिए नियुक्त किया गया है। हालांकि शासन की ओर से प्रयागराज में तैनात मंडल के अपर निदेशक अभियोजन राजेश श्रीवास्तव की सेवाएं पहले ही एसआईटी के लिए कानूनी अधिकारी के रूप में लेने का आदेश पास कर रखा है, लेकिन वरिष्ठ अभियोजन अधिकारी स्तर के नियमित विधि अधिकारी की कमी एसआईटी को खल रहीं थी, जिससे शासन ने लखनऊ में तैनात अवधेश सिंह को जिले की एसआईटी के लिए एसपीओ नियुक्त किया है। इसके चलते शुक्रवार को उन्होंने क्राइम ब्रांच पहुंचकर अभियोजन से जुड़ी केस डायरी और अन्य गवाहों के परिचय का अवलोकन किया। साथ ही अभियान की रणनीति को लेकर कई घंटे विवेचक विद्याराम से भी विचार विमर्श किया। हालांकि औपचारिक रूप से नवनियुक्त एसआईटी कानूनी अधिकारी ने मीडिया कर्मियों से कोई भी बातचीत करने से मना कर दिया है।
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लखीमपुर खीरी। तिकुनिया कांड में दो भाजपा कार्यकर्ताओं की हत्या के मामले में दर्ज एफआईआर संख्या 220 के आरोपियों की तलाश के लिए जांच टीम ने सात आरोपियों की पहचान के लिए पोस्टर लगवाए हैं। इससे पहले मंगलवार को जांच की समीक्षा के दौरान डीआईजी प्रीतिंदर सिंह ने टीम को आरोपियों के पोस्टर जारी करने के निर्देश दिए थे।
जांच टीम ने शुक्रवार को एफआईआर नंबर 220 के आरोपियों के बारे में पोस्टर जारी करते हुए उनकी पहचान बताने के लिए फोन नंबर भी उपलब्ध कराए हैं। अपर पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह ने पोस्टर जारी करवाया। पोस्टर में लिखा गया है कि मुकदमा संख्या 220 की धारा 109/ 143/ 147/ 148/ 149/ 323/ 324/ 336/ 302 भादवि के तहत तिकुनिया में उपरोक्त वांछित अभियुक्त हैं। यदि किसी के पास आरोपियों के संबंध में कोई भी सटीक सूचना हो जिससे उसकी गिरफ्तारी की जा सके। सूचना अपर पुलिस अधीक्षक विशेष अनुसंधान दल (9454401072), पुलिस उपा धीक्षक विशेष अनुसंधान दल (9454401486) व मुख्य विवेचक 220/2021 के मोबाइल नंबर (9450782977) पर दी जा सकती है। जांच टीम की तरफ से बताया गया है कि सूचना व सुराग देने वालों को उचित पुरस्कार दिया जाएगा व सूचना या सुराग देने वाले व्यक्ति का नाम वह पहचान गुप्त रखी जाएगी।
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दूसरे दिन भी एडीजी ने खंगाले दस्तावेज, जांच की समीक्षा की
लखीमपुर खीरी। तिकुनिया कांड में जांच की समीक्षा करने खीरी पहुंचे एडीजी इंटेलिजेंस एसबी शिरोडकर ने दूसरे दिन शुक्रवार को भी तमाम दस्तावेज खंगाले और अब तक की जांच की समीक्षा करते हुए आगे की रणनीति तय की है।
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तिकुनिया कांड को दो महीने पूरे हो गए हैं। ऐसे में जांच टीम भी तेजी से जांच रही है, जिससे कि 90 दिन के अंदर चार्जशीट दाखिल की जा सके। एडीजी एसबी शिरोडकर देर शाम तक फाइलों की जांच पड़ताल करते रहे। उधर, जांच टीम की तरफ से सात आरोपियों की पहचान के लिये पोस्टर भी लगवाए गए हैं। संवाद
लखनऊ के एसपीओ अवधेश सिंह को जांच टीम में मिली जिम्मेदारी
लखीमपुर खीरी। तिकुनिया कांड के मामले में सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर तीन वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों ने विवेचना की जांच शुरू कर दी है, वहीं मॉनिटरिंग के लिए हाईकोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस भी अपने निगाहें विवेचना की गुणवत्ता पर लगाए हुए हैं। ऐसे में एसआईटी कोई भी रिस्क लेने के मूड में नहीं है।
अभियोजन से जुड़े सूत्र बताते हैं तफ्तीश में कानूनी बिंदुओं पर कहीं कोई चूक न हो जाए इसके लिए एक वरिष्ठ अभियोजन अधिकारी की नियमित नियुक्ति एसआईटी के लिए शासन ने कर दी है, जिसके चलते लखनऊ के एसपीओ अवधेश सिंह को लखीमपुर तिकुनिया कांड में जांच कर रही एसआईटी टीम के लिए नियुक्त किया गया है। हालांकि शासन की ओर से प्रयागराज में तैनात मंडल के अपर निदेशक अभियोजन राजेश श्रीवास्तव की सेवाएं पहले ही एसआईटी के लिए कानूनी अधिकारी के रूप में लेने का आदेश पास कर रखा है, लेकिन वरिष्ठ अभियोजन अधिकारी स्तर के नियमित विधि अधिकारी की कमी एसआईटी को खल रहीं थी, जिससे शासन ने लखनऊ में तैनात अवधेश सिंह को जिले की एसआईटी के लिए एसपीओ नियुक्त किया है। इसके चलते शुक्रवार को उन्होंने क्राइम ब्रांच पहुंचकर अभियोजन से जुड़ी केस डायरी और अन्य गवाहों के परिचय का अवलोकन किया। साथ ही अभियान की रणनीति को लेकर कई घंटे विवेचक विद्याराम से भी विचार विमर्श किया। हालांकि औपचारिक रूप से नवनियुक्त एसआईटी कानूनी अधिकारी ने मीडिया कर्मियों से कोई भी बातचीत करने से मना कर दिया है।