{"_id":"601aea1d8ebc3ed6527f8153","slug":"thieves-took-away-the-sandalwood-tree-from-the-premises-of-retired-professor-s-house-lakhimpur-news-bly4358893144","type":"story","status":"publish","title_hn":"सेवानिवृत्त प्रोफेसर के घर के परिसर से चंदन का पेड़ काट ले गए चोर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सेवानिवृत्त प्रोफेसर के घर के परिसर से चंदन का पेड़ काट ले गए चोर
विज्ञापन
लखीमपुर खीरी। चंदन के तस्करों ने एक बार फिर पुलिस को चुनौती देते हुए मंगलवार की रात युवराजदत्त महाविद्यालय के निकट सेवानिवृत्त प्रोफेसर डॉ. वीपी सिंह के घर के परिसर से चंदन का पेड़ काट लिया और भाग गए।
युवराजदत्त महाविद्यालय में वनस्पति विज्ञान के पूर्व विभागाध्यक्ष एवं तराई नेचर कंजरवेशन सोसायटी के सचिव डॉ. वीपी सिंह का महाविद्यालय के पास ही आवास है। मंगलवार की रात तस्कर आवासीय परिसर में घुस गए और वहां लगे चंदन का पेड़ काटकर ले गए। डॉ. वीपी सिंह ने बताया कि घटना आधी रात के बाद की है। तस्करों ने जिस अंदाज में पेड़ काटा है, उससे साफ जाहिर है कि वह पेशेवर हैं। पेड़ काटने में हाथ वाली मशीन का प्रयोग किया गया है। तस्कर पेड़ की पतली शाखाएं मौके पर छोड़ गए, जबकि उसका मोटा हिस्सा साथ ले गए हैं। किसी वाहन आदि के कोई निशान नहीं हैं। इससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि तस्करों ने वाहन को कहीं दूर खड़ा किया और पेड़ उसमें रखकर भाग निकले। सुबह जब वह सोकर उठे तो पेड़ की शाखाएं कटीं पड़ीं थीं। यह देखकर वह सन्न रह गए।
उन्होंने घटना की सूचना वन विभाग के अधिकारियों और सदर कोतवाली पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने घटना स्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने सदर कोतवाली पुलिस को तहरीर दी है, लेकिन पुलिस ने अभी रिपोर्ट दर्ज नहीं की है। प्रभारी निरीक्षक सदर सुनील कुमार सिंह ने बताया कि तहरीर मिली है। जांच कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
कानून से लंबे चंदन तस्करों के हाथ, पुलिस ने टेके घुटने
लखीमपुर खीरी। जिले में दो महीने के अंदर चंदन के पेड़ काटने की यह तीसरी घटना है। इससे पहले भी डीएम, एसपी, डीएफओ, सीएमओ के आवासों और कचहरी परिसर से चंदन के पेड़ कट चुके हैं। दो महीने पहले ओयल में अलग-अलग स्थानों से दो चंदन के पेड़ काट लिए गए। मामले में पुलिस ने न तो रिपोर्ट दर्ज की और न ही तस्करों को गिरफ्तार करने की कोशिश। पुलिस और वन विभाग के कार्रवाई न करने से तस्करों के हौसले बुलंद हैं। उनकी निगाहें लखीमपुर खीरी में लगे चंदन के पेड़ों पर हैं।
जिले में बहुतायत में चंदन के पेड़ पाए जाते थे, लेकिन इन पेड़ों को चंदन तस्करों की ऐसी नजर लगी कि अब चंदन के पेड़ विलुप्त होने की कगार पर पहुंच चुके हैं। पिछले साल पहली जनवरी की रात चंदन तस्कर कलक्ट्रेट परिसर में लगा चंदन का पेड़ काट ले गए थे। सुरक्षाकर्मियों को भनक तक नहीं लगी। पुलिस ने रिपोर्ट तो लिखी, लेकिन इसका खुलासा आज तक नहीं कर सकी। खास बात यह है कि जिस स्थान पर पेड़ लगा था। उससे 50 मीटर की दूरी पर एसपी और 100 मीटर दूरी पर डीएम दफ्तर है। दोनों जगहों पर सुरक्षा गारद भी रहती है। 11 दिसंबर और 22 दिसंबर 20 को चोर ओयल से दो पेड़ काट ले गए थे, लेकिन तस्कर आज तक पुलिस के हाथ नहीं लगे।
पांच साल पहले भी तस्कर काट ले गए थे कई पेड़
पांच साल पहले पहले चंदन तस्कर सरकारी अफसरों के बंगलों पर लगे पेड़ काट ले गए थे। इनमें डीएफओ साउथ व सीएमओ के आवास में लगे पेड़ भी शामिल हैं। इसके अलावा एसपी बंगले से भी तस्कर पेड़ काटकर ले जाने में कामयाब रहे थे। जांच के दौरान लखनऊ एसटीएफ ने मामले में मध्य प्रदेश के अंतरराज्यीय तस्कर मुत्तू की संलिप्तता पाते हुए उसे 2019 में गिरफ्तार किया था, जो अभी मध्य प्रदेश सरकार की कैद में है।
चंदन तस्करों की गिरफ्तारी के लिए टीमें लगाई गई हैं, जो मामले की जांच कर रही हैं। शीघ्र ही काटी गई लकड़ी बरामद कर इन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा। - अरविंद वर्मा, सीओ सिटी
विज्ञापन
युवराजदत्त महाविद्यालय में वनस्पति विज्ञान के पूर्व विभागाध्यक्ष एवं तराई नेचर कंजरवेशन सोसायटी के सचिव डॉ. वीपी सिंह का महाविद्यालय के पास ही आवास है। मंगलवार की रात तस्कर आवासीय परिसर में घुस गए और वहां लगे चंदन का पेड़ काटकर ले गए। डॉ. वीपी सिंह ने बताया कि घटना आधी रात के बाद की है। तस्करों ने जिस अंदाज में पेड़ काटा है, उससे साफ जाहिर है कि वह पेशेवर हैं। पेड़ काटने में हाथ वाली मशीन का प्रयोग किया गया है। तस्कर पेड़ की पतली शाखाएं मौके पर छोड़ गए, जबकि उसका मोटा हिस्सा साथ ले गए हैं। किसी वाहन आदि के कोई निशान नहीं हैं। इससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि तस्करों ने वाहन को कहीं दूर खड़ा किया और पेड़ उसमें रखकर भाग निकले। सुबह जब वह सोकर उठे तो पेड़ की शाखाएं कटीं पड़ीं थीं। यह देखकर वह सन्न रह गए।
विज्ञापन
उन्होंने घटना की सूचना वन विभाग के अधिकारियों और सदर कोतवाली पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने घटना स्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने सदर कोतवाली पुलिस को तहरीर दी है, लेकिन पुलिस ने अभी रिपोर्ट दर्ज नहीं की है। प्रभारी निरीक्षक सदर सुनील कुमार सिंह ने बताया कि तहरीर मिली है। जांच कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
कानून से लंबे चंदन तस्करों के हाथ, पुलिस ने टेके घुटने
लखीमपुर खीरी। जिले में दो महीने के अंदर चंदन के पेड़ काटने की यह तीसरी घटना है। इससे पहले भी डीएम, एसपी, डीएफओ, सीएमओ के आवासों और कचहरी परिसर से चंदन के पेड़ कट चुके हैं। दो महीने पहले ओयल में अलग-अलग स्थानों से दो चंदन के पेड़ काट लिए गए। मामले में पुलिस ने न तो रिपोर्ट दर्ज की और न ही तस्करों को गिरफ्तार करने की कोशिश। पुलिस और वन विभाग के कार्रवाई न करने से तस्करों के हौसले बुलंद हैं। उनकी निगाहें लखीमपुर खीरी में लगे चंदन के पेड़ों पर हैं।
जिले में बहुतायत में चंदन के पेड़ पाए जाते थे, लेकिन इन पेड़ों को चंदन तस्करों की ऐसी नजर लगी कि अब चंदन के पेड़ विलुप्त होने की कगार पर पहुंच चुके हैं। पिछले साल पहली जनवरी की रात चंदन तस्कर कलक्ट्रेट परिसर में लगा चंदन का पेड़ काट ले गए थे। सुरक्षाकर्मियों को भनक तक नहीं लगी। पुलिस ने रिपोर्ट तो लिखी, लेकिन इसका खुलासा आज तक नहीं कर सकी। खास बात यह है कि जिस स्थान पर पेड़ लगा था। उससे 50 मीटर की दूरी पर एसपी और 100 मीटर दूरी पर डीएम दफ्तर है। दोनों जगहों पर सुरक्षा गारद भी रहती है। 11 दिसंबर और 22 दिसंबर 20 को चोर ओयल से दो पेड़ काट ले गए थे, लेकिन तस्कर आज तक पुलिस के हाथ नहीं लगे।
पांच साल पहले भी तस्कर काट ले गए थे कई पेड़
पांच साल पहले पहले चंदन तस्कर सरकारी अफसरों के बंगलों पर लगे पेड़ काट ले गए थे। इनमें डीएफओ साउथ व सीएमओ के आवास में लगे पेड़ भी शामिल हैं। इसके अलावा एसपी बंगले से भी तस्कर पेड़ काटकर ले जाने में कामयाब रहे थे। जांच के दौरान लखनऊ एसटीएफ ने मामले में मध्य प्रदेश के अंतरराज्यीय तस्कर मुत्तू की संलिप्तता पाते हुए उसे 2019 में गिरफ्तार किया था, जो अभी मध्य प्रदेश सरकार की कैद में है।
चंदन तस्करों की गिरफ्तारी के लिए टीमें लगाई गई हैं, जो मामले की जांच कर रही हैं। शीघ्र ही काटी गई लकड़ी बरामद कर इन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा। - अरविंद वर्मा, सीओ सिटी