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सदस्यों के इस्तीफे को लेकर ग्राम सचिवों में भ्रम की स्थिति बनी, आवेदक परेशान

Wed, 22 Sep 2021 01:23 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Wed, 22 Sep 2021 01:23 AM IST
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There was confusion among the village secretaries regarding the resignation of the members, the applicant was upset
आवेदनों की जांच करते डीपीआरओ। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली

डीपीआरओ के निर्देश, नियुक्ति पत्र बंटने से पहले जमा होने वाले इस्तीफा होंगे स्वीकार

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लखीमपुर खीरी। ग्राम पंचायतों में पंचायत सहायक पदों पर भर्ती के लिए 150 से अधिक ग्राम पंचायत सदस्य इस्तीफा दे चुके हैं, लेकिन इनके इस्तीफे जिला पंचायत अध्यक्ष द्वारा स्वीकार किए जाने की प्रक्रिया में हो रही देरी आवेदकों के लिए परेशानी का सबब बन गई है।
ग्राम पंचायतों के सचिव आवेदकों से जिला पंचायत अध्यक्ष द्वारा इस्तीफा स्वीकृत होने का प्रमाण पत्र मांग रहे हैं और ऐसा न कर पाने पर मेरिट लिस्ट से आवेदक का नाम बाहर करने की चेतावनी दे रहे हैं। वहीं कुछ ग्राम पंचायतों में आवेदन पत्र जमा करने से पहले इस्तीफा देना जरूरी बताया जा रहा है, जिससे कई आवेदकों की धड़कने बढ़ गई हैं। क्योंकि ज्यादातर ग्राम पंचायत सदस्यों ने अपने परिजन (बेटा-बेटी, पत्नी आदि) का आवेदन पत्र जमा होने के बाद मेरिट में नाम पहले क्रमांक पर आने के बाद इस्तीफा दिया है। इसके साथ ही डीपीआरओ द्वारा ग्राम पंचायत सदस्यों के इस्तीफे की स्वीकृति के लिए जिला पंचायत अध्यक्ष के पास भेजे हैं, जिसमें जिन सदस्यों के हस्ताक्षर सचिव द्वारा प्रमाणित हैं उन्हें स्वीकार किया गया है। जिन ग्राम पंचायत सदस्यों के हस्ताक्षर प्रमाणित नहीं हैं, उनके इस्तीफे स्वीकार नहीं किए गए हैं। इससे कई आवेदकों ने हस्ताक्षर प्रमाणित कराकर दुबारा इस्तीफा जमा किया है, लेकिन विभागीय कर्मचारियों की अफरातफरी की वजह से कई सदस्यों के इस्तीफे जिला पंचायत अध्यक्ष के पास नहीं भेजे जा सके हैं।
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निघासन ब्लॉक की ग्राम पंचायत बरसोला कलां निवासी ग्राम पंचायत सदस्य अमित कुमार ने पहले बिना हस्ताक्षर प्रमाणित कराए इस्तीफा दिया था, जिसके बाद नियमों की जानकारी होने पर उन्होंने दुबारा हस्ताक्षर प्रमाणित कराकर इस्तीफा 15 सितंबर को डीपीआरओ कार्यालय में जमा किया था। करीब छह दिन बीतने के बाद भी इस्तीफा स्वीकार नहीं हुआ है और न ही जानकारी मिल पा रही है। वहीं ग्राम पंचायतों पर मेरिट सूची बनाकर प्रस्ताव भेजने का दबाव बढ़ता जा रहा है और डीपीआरओ सौम्य शील सिंह ने प्रस्ताव न भेजने वाली ग्राम पंचायतों के प्रधानों के खिलाफ कार्रवाई करने की चेतावनी दी है। क्योंकि 1165 ग्राम पंचायतों में से करीब एक हजार ग्राम पंचायतों ने पंचायत सहायक पद पर मेरिट के आधार पर चयन करके प्रस्ताव डीपीआरओ कार्यालय भेज दिए हैं, जिनकी टीम द्वारा मंगलवार से जांच शुरू हो गई है।
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ग्राम पंचायत सदस्य के इस्तीफे को लेकर शासन ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि नियुक्ति पत्र बांटने से पहले तक जो सदस्य इस्तीफा देगा, उसका इस्तीफा उसी तिथि से स्वीकार माना जाएगा। आवेदन पत्र जमा करने से पहले इस्तीफा देने की बात भ्रामक है। अभी तक करीब एक हजार ग्राम पंचायतों से चयन प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनकी जांच कराई जा रही है। जिन ग्राम पंचायतों ने अभी प्रस्ताव जमा नहीं कराएं हैं, उन्हें शीघ्र जमा करने की चेतावनी दी गई है।
- सौम्य शील सिंह, डीपीआरओ
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