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मरीज की मौत पर परिजन का हंगामा, की तोड़फोड़

Wed, 23 Feb 2022 12:38 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Wed, 23 Feb 2022 12:38 AM IST
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The ruckus of the family over the death of the patient, sabotage
बिखरा पड़ा सामान।
जिला अस्पताल की इमरजेंसी का मामला, मुकदमा दर्ज
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स्टाफ की सूचना पर पहुंची पुलिस, एक आरोपी पकड़ा
लखीमपुर खीरी। जिला अस्पताल की इमरजेंसी में मंगलवार सुबह एक मरीज की मौत के बाद नाराज तीमारदारों ने हंगामा करते हुए जमकर तोड़फोड़ की। आरोप है कि नाराज लोगों ने सरकारी अभिलेख फेंककर स्टाफ के साथ अभद्रता की। इमरजेंसी स्टाफ की सूचना पर पहुंची पुलिस ने एक आरोपी को पकड़कर कोतवाली पुलिस के सुपुर्द कर दिया। उधर, डॉक्टर की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है।
ईएमओ डॉ. देवेंद्र कुमार शर्मा ने बताया कि मंगलवार सुबह फार्मासिस्ट एसके सचान के साथ वह ड्यूटी पर थे। करीब सात बजे मोहल्ला बहादुुरनगर निवासी प्रज्ज्वल श्रीवास्तव कुछ लोगों के साथ बीमार पिता शिवदुलारे श्रीवास्तव को लेकर इमरजेंसी आए, जिनकी हालत काफी गंभीर थी। हालत गंभीर होने के कारण आनन फानन में इलाज शुरू कर दिया गया। स्थिति अत्यधिक नाजुक होने से पुत्र आदि को भी अवगत कर दिया। मरीज की जान बचाने का हर संभव प्रयास किया गया, लेकिन अंतत: निराशा ही हाथ लगी। इससे आक्रोशित प्रज्ज्वल व साथ के लोगों ने इमरजेंसी ओपीडी में तोड़फोड़ कर सरकारी अभिलेख क्षतिग्रस्त कर स्टाफ के साथ अभद्रता की। सूचना पर पहुंची 112 डायल ने एक युवक को दबोच कर कोतवाली पुलिस के सुपुर्द कर दिया। डॉ. देवेंद्र कुमार शर्मा की तहरीर पर कोतवाली पुलिस ने नामजद युवक सहित कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
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अस्पताल स्टाफ में आक्रोश
इमरजेंसी ओपीडी में हुए मामले को लेकर अस्पताल स्टाफ में नाराजगी है। डॉक्टर से लेकर फार्मासिस्ट व अन्य स्टाफ का कहना है कि अस्पताल में आए दिन तीमारदार हंगामा और तोड़फोड़ कर ड्यूटी स्टाफ के साथ गाली गलौज करते हैं। ऐसी स्थिति में अस्पताल में पुलिस की तैनाती स्थायी रूप से होनी चाहिए।
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जिला अस्पताल में स्थायी रूप से पुलिस बल की तैनाती होनी चाहिए, जिससे स्टाफ अपने को सुरक्षित महसूस करे। विवाद होने पर कुछ दिन के लिए तो पुलिस बल की तैनाती कर दी जाती है, लेकिन बाद में उसे हटा लिया जाता है।

- डॉ. एके कनौजिया, जिलाध्यक्ष, डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन
सीमित संसाधन होने के बावजूद डॉक्टर मरीज का इलाज करने में पूरी जान लगा देता है। बावजूद इसके डॉक्टर और स्टाफ के साथ अभद्रता और तोड़फोड़ की जाती है। जिला प्रशासन से मिलकर आरोपी पर सख्त कार्रवाई और अस्पताल में स्थायी रूप से पुलिस तैनाती की मांग की जाएगी।
- डॉ. एसके सिंह, उपाध्यक्ष, प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ
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