आरटीई के तहत प्रवेश पाने वाले विद्यार्थियों का खर्च उठाएगी सरकार

अमर उजाला ब्यूरो लखीमपुर खीरी।  Updated Fri, 13 Jan 2017 11:28 PM IST
The government would bear the cost of the students seeking admission under RTE
डीएम - फोटो : अमर उजाला
भारत अभ्युदय फाउंडेशन की कार्यशाला में शिक्षा का अधिकार अधिनियम की दी गई जानकारी
स्कूल की फीस से लेकर कोर्स और यूनिफार्म खरीदने का पैसा देगी सरकार

भारत अभ्युदय फाउंडेशन ने शुक्रवार को जिला पंचायत सभागार में शिक्षा का अधिकार अधिनियम-2005 के तहत कार्यशाला की। इसमें निजी स्कूलों के संचालक को गरीब घर के बच्चों को प्रवेश देकर, उन्हें अच्छी शिक्षा दिए जाने के प्रति जागरूक किया। फाउंडेशन अध्यक्ष शमीना बानो ने निजी स्कूलों के प्रबंधक और प्रधानाचार्यों को अधिनियम के नियम और शासन की ओर से मिलने वाली मदद की जानकारी दी।
कार्यशाला की अध्यक्षता डीएम आकाशदीप ने की। उन्होंने कहा कि इस अधिनियम का उद्देश्य गरीब बच्चों को शिक्षा दिलाना है, जिसके लिए सुप्रीम कोर्ट ने सीबीएसई, आईसीएससी और यूपी बोर्ड से मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों में 25 प्रतिशत गरीब विद्यार्थियों को प्रवेश देने की अनिवार्यता की है। शमीना बानो ने कहा कि इसके तहत जिन विद्यार्थियों का प्रवेश होगा, उनकी फीस सरकार देगी, जिसके लिए स्कूलों को अलग खाता खुलवाना होगा। उन्होंने बताया कि प्रवेश में एससी, एसटी, एचआईवी, गंभीर रोग पीड़ित और एक लाख रुपये तक की सालाना आय वाले अभिभावकों के बच्चों के प्रवेश होंगे।
बीएसए संजय शुक्ला ने बताया कि प्रत्येक कक्षा में 25 प्रतिशत विद्यार्थियों के प्रवेश होंगे और आय के आधार पर निम्न आय वालों को वरीयता दी जाएगी। कार्यशाला में डीआईओएस डॉ. ओपी गुप्ता, फाउंडेशन की रीम अशरफ सहित सीएमएस के प्रेमशंकर सेठ, विशाल सेठ, संतोष वर्मा, अनुज कुमार, शिवकुमार सहित जिले के कई निजी स्कूल- कॉलेज के संचालक और प्रधानाचार्य मौजूद रहे।
स्कूल सीधे नहीं ले सकेंगे प्रवेश
संस्था की शमीना बानो ने बताया कि इस अधिनियम के तहत स्कूल विद्यार्थियों का सीधा प्रवेश नहीं कर सकेंगे।
अभिभावकों को इसके लिए बीएसए कार्यालय पर आवेदन जमा करना होगा, जिसमें अभिभावकों को नजदीकी छह विद्यालयों के नाम देने होंगे। बताया कि छात्रों के स्कूल का निर्धारण लाटरी प्रक्रिया से बीएसए करेंगे।

अभिभावकों को मिलेंगे पांच हजार रुपये
बीएसए ने बताया कि गरीब बच्चों को ड्रेस और कोर्स खरीदने के लिए शासन पांच हजार रुपये की आर्थिक मदद करेगा। यह धनराशि अभिभावकों के खातों में आएगी। उन्होंने बताया कि 450 रुपये तक की फीस शासन की ओर से मिलेगी।

ऐसे होगी प्रवेश प्रक्रिया
बीएसए ने बताया कि प्रवेश के लिए कार्यालय से आवेदन फार्म मिलेंगे। साथ में जाति, आय व जन्म प्रमाण पत्र, पते का प्रमाण व दो फोटो लगेंगी। बताया कि आवेदन फार्म में ही अभिभावकों को प्रवेश के लिए नजदीकी छह विद्यालयों का चुनाव करना होगा। स्कूल का निर्धारण लाटरी प्रणाली से होगा।  

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