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Lakhimpur Kheri News: जिला अस्पताल में ‘लॉकिंग जॉ’ के जटिल केस का सफल उपचार
Fri, 06 Mar 2026 12:02 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Fri, 06 Mar 2026 12:02 AM IST
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लखीमपुर खीरी। स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय के अधीन जिला अस्पताल में एक जटिल चिकित्सीय मामले का सफल उपचार कर दंत विभाग की टीम ने बड़ी उपलब्धि हासिल की। अस्पताल में पहुंचे एक मरीज का लॉकिंग जॉ (जबड़ा खुला रह जाने की गंभीर समस्या) का सफलतापूर्वक इलाज किया गया।
ईसानगर के पलाहा गांव निवासी 40 वर्षीय मुकेश जबड़ा खुला रह जाने की स्थिति में जिला अस्पताल की इमरजेंसी में पहुंचे। मरीज को बोलने और सामान्य रूप से मुंह बंद करने में गंभीर कठिनाई हो रही थी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिला अस्पताल के दंत चिकित्सक डॉ. इन्द्रेश राजावत व जूनियर रेजिडेंट डॉ. श्रुति ने बृहस्पतिवार को मरीज का परीक्षण किया और उचित चिकित्सीय प्रक्रिया अपनाते हुए जबड़े को सुरक्षित तरीके से पुनः सामान्य स्थिति में स्थापित किया। जटिल प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी हुई और उपचार के बाद मरीज को तुरंत राहत मिली।
दंत चिकित्सक डॉ. इन्द्रेश राजावत ने बताया कि लॉकिंग जॉ दंत विभाग में एक इमरजेंसी केस माना जाता है। मरीज कई किलोमीटर दूर से जबड़ा खुला हुआ लेकर आया था। जिसको पट्टी बांधकर बिना सर्जरी के उसका जबड़ा बैठाया गया। उन्होंने बताया कि लॉकिंग जॉ उन मरीजों में अधिकांश हो जाता है, जिसमें कई बार पुरानी चोट की वजह से, कुछ लोगों में जन्म से समस्या होने, जमहाई लेने पर मुंह बड़ा खुल जाने पर, मांस कमजोर होने पर या जिनके दांत बराबर नहीं बैठते तो लॉकिंग जॉ की समस्या आ सकती है।
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ईसानगर के पलाहा गांव निवासी 40 वर्षीय मुकेश जबड़ा खुला रह जाने की स्थिति में जिला अस्पताल की इमरजेंसी में पहुंचे। मरीज को बोलने और सामान्य रूप से मुंह बंद करने में गंभीर कठिनाई हो रही थी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिला अस्पताल के दंत चिकित्सक डॉ. इन्द्रेश राजावत व जूनियर रेजिडेंट डॉ. श्रुति ने बृहस्पतिवार को मरीज का परीक्षण किया और उचित चिकित्सीय प्रक्रिया अपनाते हुए जबड़े को सुरक्षित तरीके से पुनः सामान्य स्थिति में स्थापित किया। जटिल प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी हुई और उपचार के बाद मरीज को तुरंत राहत मिली।
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दंत चिकित्सक डॉ. इन्द्रेश राजावत ने बताया कि लॉकिंग जॉ दंत विभाग में एक इमरजेंसी केस माना जाता है। मरीज कई किलोमीटर दूर से जबड़ा खुला हुआ लेकर आया था। जिसको पट्टी बांधकर बिना सर्जरी के उसका जबड़ा बैठाया गया। उन्होंने बताया कि लॉकिंग जॉ उन मरीजों में अधिकांश हो जाता है, जिसमें कई बार पुरानी चोट की वजह से, कुछ लोगों में जन्म से समस्या होने, जमहाई लेने पर मुंह बड़ा खुल जाने पर, मांस कमजोर होने पर या जिनके दांत बराबर नहीं बैठते तो लॉकिंग जॉ की समस्या आ सकती है।
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