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एक दिन में रिकॉर्ड 19 गवाहों के बयान, कुल 72 लोगों के कलमबंद हुए बयान
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लखीमपुर खीरी। बहुचर्चित तिकुनिया कांड में जांच टीम की मेहनत रंग ला रही है। प्रदर्शनकारी किसानों को गाड़ी से रौंदने के मामले में शुक्रवार को 19 गवाह अदालत के सामने पेश हुए। इनसे औपचारिक पूछताछ के बाद सीजेएम चिंताराम ने कलमबंद बयान के लिए अलग-अलग मजिस्ट्रेट अदालतों को आदेशित किया। इसके बाद शाम छह बजे तक विभिन्न अदालतों ने गवाहों के बयान दर्ज किए । मामले में शुक्रवार तक कुल 72 लोगों के कलमबंद बयान अदालत में दर्ज कराए जा चुके हैं।
तिकुनिया कांड में सुप्रीम कोर्ट की फटकार के बाद यूपी की जांच टीम की ओर से मुख्य रूप से घटना के गवाहों के बयान दर्ज कराने और उनकी सुरक्षा के लिए व्यवस्था करने पर ध्यान देना शुरू किया है। इसी कड़ी में जहां बृहस्पतिवार तक कुल 52 लोगों के 164 सीआरपीसी के बयान दर्ज कराए जा चुके थे। वहीं शुक्रवार को अपने ही केस के रिकॉर्ड को तोड़ते हुए विवेचक विद्याराम दिवाकर ने 19 गवाहों को कलमबंद बयान दर्ज कराने के लिए सीजेएम अदालत में पेश किया। अदालत ने गवाहों से जुडे़ आधार कार्ड और पुलिस के समक्ष दिए गए बयानों को सरसरी तौर पर देखने के बाद सभी पांच- पांच गवाहों की टुकड़ी के रूप में एसीजेएम, जेएम, अपर जेएम और अपर सिविल जज जूडिशिएल आदि अदालतों के न्यायिक अधिकारियों को बयान लिखने की जिम्मेदारी सौंप दी। इसके चलते शाम छह बजे तक कुल 19 बयान लिखे जा चुके थे।
मुहरबंद सील बयान खुले मुआयना बाद सील हुए
लखीमपुर खीरी। पूर्व में दर्ज कराए गए 13 गवाहों के बयानों का अवलोकन करने के लिए भी जांच टीम ने काफी मशक्कत की है। बृहस्पतिवार को दर्ज कराए गए बयानों के अवलोकन के लिए शुक्रवार को अदालत में अर्जी दी गई, जो मंजूर कर ली गई। लेकिन शर्त रखी गई कि अदालत में पीठासीन अधिकारी के सामने ही कलमबंद बयानों का सील मुहर बंडल खोला जाएगा और उनका विवेचक ही अकेले में अवलोकन कर सकेंगे। इसके अतिरिक्त कोई फोटो नहीं खींचे जाएंगे और न ही बयानों की फोटो कॉपी होगी। अवलोकन करने के बाद अदालत ने अपने दफ्तरी को बुलाकर अपने सामने ही लिफाफे दुबारा सील करा दिए हैं।
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सुमित जायसवाल समेत चार की आज खत्म हो रही है रिमांड
लखीमपुर खीरी। अदालत से पुलिस कस्टडी रिमांड पर पूछतांछ के लिए जिला जेल से दोबारा रिमांड पर लिए गए अभियुक्त सुमित जायसवाल, नंदन सिंह बिष्ट, सत्यम त्रिपाठी, शिशुपाल की दो दिन की मोहलत शनिवार की सुबह दस बजे पूरी हो रही है। अब तक पूछताछ में दुबारा भी जांच टीम के हत्थे महत्वपूर्ण सुबूत लगे हैं, लेकिन अदालत से मंजूरी के 48 घंटे समाप्त होने से पहले ही एसआईटी को दोबारा मेडिकल कराते हुए इन्हें वापसी दाखिला करना होगा।
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तिकुनिया कांड में सुप्रीम कोर्ट की फटकार के बाद यूपी की जांच टीम की ओर से मुख्य रूप से घटना के गवाहों के बयान दर्ज कराने और उनकी सुरक्षा के लिए व्यवस्था करने पर ध्यान देना शुरू किया है। इसी कड़ी में जहां बृहस्पतिवार तक कुल 52 लोगों के 164 सीआरपीसी के बयान दर्ज कराए जा चुके थे। वहीं शुक्रवार को अपने ही केस के रिकॉर्ड को तोड़ते हुए विवेचक विद्याराम दिवाकर ने 19 गवाहों को कलमबंद बयान दर्ज कराने के लिए सीजेएम अदालत में पेश किया। अदालत ने गवाहों से जुडे़ आधार कार्ड और पुलिस के समक्ष दिए गए बयानों को सरसरी तौर पर देखने के बाद सभी पांच- पांच गवाहों की टुकड़ी के रूप में एसीजेएम, जेएम, अपर जेएम और अपर सिविल जज जूडिशिएल आदि अदालतों के न्यायिक अधिकारियों को बयान लिखने की जिम्मेदारी सौंप दी। इसके चलते शाम छह बजे तक कुल 19 बयान लिखे जा चुके थे।
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मुहरबंद सील बयान खुले मुआयना बाद सील हुए
लखीमपुर खीरी। पूर्व में दर्ज कराए गए 13 गवाहों के बयानों का अवलोकन करने के लिए भी जांच टीम ने काफी मशक्कत की है। बृहस्पतिवार को दर्ज कराए गए बयानों के अवलोकन के लिए शुक्रवार को अदालत में अर्जी दी गई, जो मंजूर कर ली गई। लेकिन शर्त रखी गई कि अदालत में पीठासीन अधिकारी के सामने ही कलमबंद बयानों का सील मुहर बंडल खोला जाएगा और उनका विवेचक ही अकेले में अवलोकन कर सकेंगे। इसके अतिरिक्त कोई फोटो नहीं खींचे जाएंगे और न ही बयानों की फोटो कॉपी होगी। अवलोकन करने के बाद अदालत ने अपने दफ्तरी को बुलाकर अपने सामने ही लिफाफे दुबारा सील करा दिए हैं।
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सुमित जायसवाल समेत चार की आज खत्म हो रही है रिमांड
लखीमपुर खीरी। अदालत से पुलिस कस्टडी रिमांड पर पूछतांछ के लिए जिला जेल से दोबारा रिमांड पर लिए गए अभियुक्त सुमित जायसवाल, नंदन सिंह बिष्ट, सत्यम त्रिपाठी, शिशुपाल की दो दिन की मोहलत शनिवार की सुबह दस बजे पूरी हो रही है। अब तक पूछताछ में दुबारा भी जांच टीम के हत्थे महत्वपूर्ण सुबूत लगे हैं, लेकिन अदालत से मंजूरी के 48 घंटे समाप्त होने से पहले ही एसआईटी को दोबारा मेडिकल कराते हुए इन्हें वापसी दाखिला करना होगा।