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Lakhimpur Kheri News: कहीं पानी तो कहीं पंखा नहीं... गर्मी में परेशान हुए मरीज
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मझगईं पीएचसी में मरीजों को देखतीं स्टाफ नर्स।
लखीमपुर खीरी। जिले के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर हुए आरोग्य मेले में अव्यवस्थाओं का बोलबाला रहा। अधिकांश पीएचसी पर फार्मासिस्ट ने मरीजों का इलाज किया। मझगईं में मरीजों के इलाज का जिम्मा स्टाफ नर्स ने संभाला। कुछ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर मरीजों को पेयजल के लिए भटकना पड़ा। कुछ पीएचसी में पंखा न होने से मरीज गर्मी से परेशान दिखे।
शहर में तीन नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हैं। इसमें दो जगह डॉक्टर नहीं है। नौरंगाबाद में फार्मासिस्ट वीरपाल और निर्मलनगर में फार्मासिस्ट रवि कश्यप ने मरीजों को देखा। नौरंगाबाद पीएचसी में मेडिकल कचरा फैला पड़ा है, जो एक बड़ी लापरवाही है। पसगवां क्षेत्र के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जंगबहादुरगंज में पेयजल की किल्लत है। सरकारी हैंडपंप और जिला पंचायत से लगाए गए वाटर कूलर काफी समय से खराब हैं।
जिम्मेदारों ने नल और वाटर कूलर सही कराने की जरूरत नहीं समझी। मरीज अपने घर से पीने का पानी लेकर अस्पताल पहुंच रहे हैं। पीएचसी पर रविवार को आयोजित जन आरोग्य मेला में 62 मरीज पहुंचे। डॉ. रमाकांत वर्मा ने बताया कि खांसी, श्वास के 12, त्वचा रोग 9, गैस्ट्रो के 8, बुखार के 27 मरीजों की जांच की गई। इस दौरान फार्मासिस्ट संजीव मिश्रा, स्टाफ नर्स रवि कुमार, लैब सहायक वीरेंद्र कुमार, आशुतोष शुक्ला आदि रहे।
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गर्मी में बेहाल रहे मरीज
बरबर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर मरीजों को अव्यवस्थाओं का सामना करना पड़ा। पीएचसी में पंखे न लगे होने से मरीज गर्मी से बेहाल दिखे। रात के समय बिजली कटौती होने से परिसर में अंधेरा हो जाता है। रविवार को हुए जन आरोग्य मेला में डॉक्टर रविंद्र यादव ने मरीजों को देखा। तिकुनिया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सक का दो महीना पहले तबादला हो गया था। दूसरे डॉक्टर की तैनाती अब तक नहीं हो सकी। अस्पताल फार्मासिस्ट के सहारे चल रहा है। आरोग्य मेला में एक आयुर्वेद डॉक्टर आते हैं, इनसे जैसे-तैसे काम चलाया जाता है। रविवार को मेला में 65 मरीज पहुंचे।
अस्पताल परिसर में गंदगी का अंबार
निघासन में आरोग्य मेले में 20 मरीज देखे गए। इनमें बुखार के छह, पेट दर्द के चार, उल्टी-दस्तऔर त्वचा संबंधी मरीज अधिक रहे। मझगई में पीएचसी प्रभारी की गैर मौजूदगी में स्टाफ नर्स सोनम सिंह ने 33 मरीजों का इलाज किया। मरीजों को गंदे पानी से निकलना पड़ता है। पूरे परिसर में गंदगी का अंबार लगा है। मोहम्मदी के राजापुर बैनी के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर डॉक्टर धर्मेंद्र कुमार ने 57 मरीजों को देखा।
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शहर में तीन नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हैं। इसमें दो जगह डॉक्टर नहीं है। नौरंगाबाद में फार्मासिस्ट वीरपाल और निर्मलनगर में फार्मासिस्ट रवि कश्यप ने मरीजों को देखा। नौरंगाबाद पीएचसी में मेडिकल कचरा फैला पड़ा है, जो एक बड़ी लापरवाही है। पसगवां क्षेत्र के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जंगबहादुरगंज में पेयजल की किल्लत है। सरकारी हैंडपंप और जिला पंचायत से लगाए गए वाटर कूलर काफी समय से खराब हैं।
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जिम्मेदारों ने नल और वाटर कूलर सही कराने की जरूरत नहीं समझी। मरीज अपने घर से पीने का पानी लेकर अस्पताल पहुंच रहे हैं। पीएचसी पर रविवार को आयोजित जन आरोग्य मेला में 62 मरीज पहुंचे। डॉ. रमाकांत वर्मा ने बताया कि खांसी, श्वास के 12, त्वचा रोग 9, गैस्ट्रो के 8, बुखार के 27 मरीजों की जांच की गई। इस दौरान फार्मासिस्ट संजीव मिश्रा, स्टाफ नर्स रवि कुमार, लैब सहायक वीरेंद्र कुमार, आशुतोष शुक्ला आदि रहे।
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गर्मी में बेहाल रहे मरीज
बरबर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर मरीजों को अव्यवस्थाओं का सामना करना पड़ा। पीएचसी में पंखे न लगे होने से मरीज गर्मी से बेहाल दिखे। रात के समय बिजली कटौती होने से परिसर में अंधेरा हो जाता है। रविवार को हुए जन आरोग्य मेला में डॉक्टर रविंद्र यादव ने मरीजों को देखा। तिकुनिया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सक का दो महीना पहले तबादला हो गया था। दूसरे डॉक्टर की तैनाती अब तक नहीं हो सकी। अस्पताल फार्मासिस्ट के सहारे चल रहा है। आरोग्य मेला में एक आयुर्वेद डॉक्टर आते हैं, इनसे जैसे-तैसे काम चलाया जाता है। रविवार को मेला में 65 मरीज पहुंचे।
अस्पताल परिसर में गंदगी का अंबार
निघासन में आरोग्य मेले में 20 मरीज देखे गए। इनमें बुखार के छह, पेट दर्द के चार, उल्टी-दस्तऔर त्वचा संबंधी मरीज अधिक रहे। मझगई में पीएचसी प्रभारी की गैर मौजूदगी में स्टाफ नर्स सोनम सिंह ने 33 मरीजों का इलाज किया। मरीजों को गंदे पानी से निकलना पड़ता है। पूरे परिसर में गंदगी का अंबार लगा है। मोहम्मदी के राजापुर बैनी के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर डॉक्टर धर्मेंद्र कुमार ने 57 मरीजों को देखा।

मझगईं पीएचसी में मरीजों को देखतीं स्टाफ नर्स।