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साठ साल से वीरान भगतापुर गांव को बसाने में जुटे लोग
ममरी।
Updated Tue, 04 Aug 2015 07:38 PM IST
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हैदराबाद थाना क्षेत्र में 60 साल से गैर आबाद भगतापुर गांव को कुछ समाजसेवियों और ग्रामीणों ने फिर से बसाने की पहल शुरू कर दी है। इसकी शुरुआत खंडहर में तब्दील शिव मंदिर के जीर्णोद्घार कराने के साथ की गई है।
बुजुर्गों के अनुसार बांकेगंज ब्लाक क्षेत्र की ग्राम पंचायत जमुनहा के मजरा भगतापुर गांव में 60 साल पहले यादव बिरादरी के करीब 10 परिवार रहते थे। यहां हुई डकैती के दौरान बदमाशों ने दो लोगों रामसहाय और मोहनलाल की हत्या कर दी थी। इससे भयभीत होकर वहां के ग्रामीण गांव से पलायन कर गांव बाबागंज, परेली, सहुआपुर और कुछ लोग गोला में जा बसे थे, जहां उनके वंशज अभी तक मौजूद हैं।
करीब 15 एकड़ भूमि पर बसा यह गांव 60 साल से वीरान पड़ा है, जबकि इसका इतिहास थाना और तहसील के रिकार्ड में भी मौजूद है। इसी गांव के अजीत सिंह के बेटे किशन कुमार मुन्ना, विशन कुमार, नानकचंद वर्मा निवासी गोला, बाबागंज के सत्यप्रकाश यादव, रामसरन यादव, श्यामबिहारी, रामकिशारे आदि ने इस उजड़े गांव को फिर से बसाने की पहल शुरू कर दी है।
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गांव बसाने की शुरुआत 60 साल से खंडहर में तबदील प्राचीन शिव मंदिर के जीर्णोद्घार कराने के साथ की है। मंदिर में स्थापित शिवलिंग पर वहां के तमाम लोगों ने सावन के पहले सोमवार को जलाभिषेक कर पूजन भी किया। जिसमें प्रधान प्रतिनिधि कमलेश ने भी भाग लिया।
गांव को फिर से बसाने की मुहिम में जुटे लोगों का कहना है कि मंदिर के जीर्णोद्घार सहित मैदान को समतल कराने में लाखों रुपये खर्च हो चुके हैं। बताया कि गांव में सबसे पहले उन्हीं लोगों के मकान बनेंगे जो 60 साल पूर्व वहां से पलायन कर इधर-उधर जा एसे थे। समाज सेवियों की यह अनूठी पहल क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है।
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बुजुर्गों के अनुसार बांकेगंज ब्लाक क्षेत्र की ग्राम पंचायत जमुनहा के मजरा भगतापुर गांव में 60 साल पहले यादव बिरादरी के करीब 10 परिवार रहते थे। यहां हुई डकैती के दौरान बदमाशों ने दो लोगों रामसहाय और मोहनलाल की हत्या कर दी थी। इससे भयभीत होकर वहां के ग्रामीण गांव से पलायन कर गांव बाबागंज, परेली, सहुआपुर और कुछ लोग गोला में जा बसे थे, जहां उनके वंशज अभी तक मौजूद हैं।
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करीब 15 एकड़ भूमि पर बसा यह गांव 60 साल से वीरान पड़ा है, जबकि इसका इतिहास थाना और तहसील के रिकार्ड में भी मौजूद है। इसी गांव के अजीत सिंह के बेटे किशन कुमार मुन्ना, विशन कुमार, नानकचंद वर्मा निवासी गोला, बाबागंज के सत्यप्रकाश यादव, रामसरन यादव, श्यामबिहारी, रामकिशारे आदि ने इस उजड़े गांव को फिर से बसाने की पहल शुरू कर दी है।
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गांव बसाने की शुरुआत 60 साल से खंडहर में तबदील प्राचीन शिव मंदिर के जीर्णोद्घार कराने के साथ की है। मंदिर में स्थापित शिवलिंग पर वहां के तमाम लोगों ने सावन के पहले सोमवार को जलाभिषेक कर पूजन भी किया। जिसमें प्रधान प्रतिनिधि कमलेश ने भी भाग लिया।
गांव को फिर से बसाने की मुहिम में जुटे लोगों का कहना है कि मंदिर के जीर्णोद्घार सहित मैदान को समतल कराने में लाखों रुपये खर्च हो चुके हैं। बताया कि गांव में सबसे पहले उन्हीं लोगों के मकान बनेंगे जो 60 साल पूर्व वहां से पलायन कर इधर-उधर जा एसे थे। समाज सेवियों की यह अनूठी पहल क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है।