{"_id":"578e5c914f1c1b1c7fc4b7ac","slug":"sankata-devi-temple-fair-spent-on-asadhi","type":"story","status":"publish","title_hn":"असाढ़ी पर संकटादेवी मंदिर में लगा मेला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
असाढ़ी पर संकटादेवी मंदिर में लगा मेला
अमर उजाला ब्यूरो/लखीमपुर खीरी।
Updated Tue, 19 Jul 2016 11:30 PM IST
विज्ञापन
temple
- फोटो : amar ujala
देवी पूजा करने के बाद कन्याओं को खिलाए गुलगुले
ओयल के काली मंदिर में हुआ हवन पूजन
शहर के प्राचीन संकटादेवी मंदिर में सोमवार को असाढ़ी मेला लगा। शहर के अलावा दूर-दूर से आए श्रद्धालुओं ने मां संकटादेवी की पूजा अर्चना की और कन्याओं को गुलगुले खिलाए। असाढ़ी पर मंदिर में दिन भर मेला लगा रहा। दर्शनार्थियों ने कतारबद्ध होकर मां के दर्शन किए। दिन में कई धार्मिक कार्यक्रम हुए।
संकटादेवी मंदिर में आषाढ़ माह के अंतिम सप्ताह में असाढ़ी का मेला लगता है। शहर के अलावा दूर-दूर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां आकर मां संकटादेवी की पूजा अर्चना करते हैं और मनौतियां मानते हैं। कन्याओं को गुलगुले खिलाने की परंपरा यहां सदियों से चली आ रही है। सोमवार को यहां कन्याओं को गुलगुले खिलाने वाले लोगों का दिन भर तांता लगा रहा। ग्रामीण क्षेत्र से आई महिलाओं ने लगे मेले में जमकर खरीदारी की।
ओयल। नगर क्षेत्र के सुविख्यात काली मंदिर में आषाढ़ माह के अंतिम दिन देवी पूजन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। मंदिर परिसर मे ही कन्याओं को मिष्ठान खिलाकर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। मंदिर की व्यवस्था देख रहे अशोक कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि मां काली मंदिर मे आषाढ़ के अंतिम दिन को असाढ़ी के रूप में मनाया जाता है। इस मौके पर मंदिर परिसर में स्थित यज्ञशाला मे विशेष हवन-पूजन का आयोजन किया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
ओयल के काली मंदिर में हुआ हवन पूजन
शहर के प्राचीन संकटादेवी मंदिर में सोमवार को असाढ़ी मेला लगा। शहर के अलावा दूर-दूर से आए श्रद्धालुओं ने मां संकटादेवी की पूजा अर्चना की और कन्याओं को गुलगुले खिलाए। असाढ़ी पर मंदिर में दिन भर मेला लगा रहा। दर्शनार्थियों ने कतारबद्ध होकर मां के दर्शन किए। दिन में कई धार्मिक कार्यक्रम हुए।
संकटादेवी मंदिर में आषाढ़ माह के अंतिम सप्ताह में असाढ़ी का मेला लगता है। शहर के अलावा दूर-दूर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां आकर मां संकटादेवी की पूजा अर्चना करते हैं और मनौतियां मानते हैं। कन्याओं को गुलगुले खिलाने की परंपरा यहां सदियों से चली आ रही है। सोमवार को यहां कन्याओं को गुलगुले खिलाने वाले लोगों का दिन भर तांता लगा रहा। ग्रामीण क्षेत्र से आई महिलाओं ने लगे मेले में जमकर खरीदारी की।
विज्ञापन
ओयल। नगर क्षेत्र के सुविख्यात काली मंदिर में आषाढ़ माह के अंतिम दिन देवी पूजन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। मंदिर परिसर मे ही कन्याओं को मिष्ठान खिलाकर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। मंदिर की व्यवस्था देख रहे अशोक कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि मां काली मंदिर मे आषाढ़ के अंतिम दिन को असाढ़ी के रूप में मनाया जाता है। इस मौके पर मंदिर परिसर में स्थित यज्ञशाला मे विशेष हवन-पूजन का आयोजन किया गया।
विज्ञापन