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Lakhimpur Kheri News: बुखार की चपेट में सहिजना, एएनएम-आशा भी बीमार
Thu, 24 Sep 2026 01:14 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Thu, 24 Sep 2026 01:14 AM IST
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मोहम्मदी। सहिजना गांव में बुखार का प्रकोप बढ़ रहा है। एएनएम आशमा परवीन और आशा कार्यकर्ता मिती भी बुखार से पीड़ित हैं। पांच मरीजों का शाहजहांपुर में इलाज चल रहा है। बुधवार को सीएमओ डॉ. संतोष गुप्ता ने गांव पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और स्वास्थ्य शिविर में करीब 50 मरीजों की जांच कराई।
सीएमओ ने नालियों और तालाब में गंदगी मिलने पर सफाई के निर्देश दिए। स्वास्थ्यकर्मियों को मरीजों के ब्लड सैंपल लेकर पैथोलॉजी जांच के लिए भेजने के लिए कहा। ग्रामीणों से पानी उबालकर पीने और साफ-सफाई रखने की अपील की।
गांव में सुनील (30), गजानंद (05), अंजली (17), संगीत (36), अमृता (45), प्रेमपाल (37), मोहिनी (16), रामपाल (35), ज्ञानामाला (35), लीलावती (60) और उनके पति रामसहाय (62) समेत कई लोग बुखार से पीड़ित मिले। सरला देवी (38), महावरी (36) और बबलू (30) समेत पांच लोगों का शाहजहांपुर में इलाज चल रहा है। मिती (30) और पूजा (18) का मोहम्मदी के निजी अस्पताल में इलाज हो रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, कुछ मरीजों को लखनऊ रेफर करने की सलाह दी गई है।
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गांव के ललित ने बताया कि उनकी 17 वर्षीय बेटी की 14 सितंबर की रात शाहजहांपुर ले जाते समय मौत हो गई थी। ग्रामीणों के अनुसार, अर्चना (22) की भी रक्षाबंधन के दिन मौत हुई थी। महेंद्र की बाहर काम करने के दौरान बुखार के बाद मौत होने की बात भी ग्रामीणों ने बताई। हालांकि, इन मौतों का चिकित्सकीय कारण स्पष्ट नहीं है।
ग्रामीण श्यामबाबू और गंगाराम ने सफाई कर्मचारी के नियमित नहीं आने और नालियों-तालाब में गंदगी की शिकायत की। हेल्थ सेंटर के पास घूरा और कूड़े का ढेर मिलने पर सीएमओ ने उसे हटाने के निर्देश दिए।
सीएचसी अधीक्षक डॉ. सचिन गुप्ता ने बताया कि स्वास्थ्य शिविर में मरीजों की जांच की जा रही है। दवा का छिड़काव कराया गया है। स्वास्थ्य विभाग की टीम लगातार दो दिन से गांव जाकर मरीजों की निगरानी कर रही है। स्थिति नियंत्रण में है।
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दो सप्ताह से बुखार तो कराएं जांच : सीएमओ
सीएमओ डॉ. संतोष गुप्ता ने बताया कि अर्चना की मौत प्रथम दृष्टया टाइफाइड व इन्फेक्शन से होना पाया गया है। प्रतिभा की मौत प्रथम दृष्टया एक्यूट एब्डोमेन से हुई है। एक व्यक्ति की बाहर मौत हुई थी और वह काफी समय से वहीं रह रहा था।
सीएमओ ने गांव में सफाई के साथ मच्छरों का प्रजनन रोकने के लिए फॉगिंग कराने के निर्देश दिए। डोर-टू-डोर सर्वे और टीकाकरण कराने को कहा गया। दो सप्ताह से अधिक समय से बुखार से पीड़ित लोगों की तत्काल जांच कराने तथा मलेरिया, डेंगू, टाइफाइड और जेई (जापानी इन्सेफेलाइटिस) की जांच के लिए सैंपल लेने के निर्देश दिए गए।
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बेहजम में बुखार के मरीज बढ़े, एक बजे तक 450 पर्चे बने
बेहजम। मौसम में बदलाव के बीच सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बेहजम में बुखार, खांसी और जुकाम के मरीज बढ़ गए हैं। बुधवार को दोपहर एक बजे तक सीएचसी में 450 पर्चे बन चुके थे। अधीक्षक डॉ. अनिल वर्मा ने बताया कि ओपीडी में करीब 50 प्रतिशत वृद्धि हुई है। रोज 400 से 500 मरीज आ रहे हैं। इनमें ज्यादातर बुखार के मरीज हैं।गांवों में जलभराव के कारण मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ा है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। संवाद
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सीएमओ ने नालियों और तालाब में गंदगी मिलने पर सफाई के निर्देश दिए। स्वास्थ्यकर्मियों को मरीजों के ब्लड सैंपल लेकर पैथोलॉजी जांच के लिए भेजने के लिए कहा। ग्रामीणों से पानी उबालकर पीने और साफ-सफाई रखने की अपील की।
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गांव में सुनील (30), गजानंद (05), अंजली (17), संगीत (36), अमृता (45), प्रेमपाल (37), मोहिनी (16), रामपाल (35), ज्ञानामाला (35), लीलावती (60) और उनके पति रामसहाय (62) समेत कई लोग बुखार से पीड़ित मिले। सरला देवी (38), महावरी (36) और बबलू (30) समेत पांच लोगों का शाहजहांपुर में इलाज चल रहा है। मिती (30) और पूजा (18) का मोहम्मदी के निजी अस्पताल में इलाज हो रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, कुछ मरीजों को लखनऊ रेफर करने की सलाह दी गई है।
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गांव के ललित ने बताया कि उनकी 17 वर्षीय बेटी की 14 सितंबर की रात शाहजहांपुर ले जाते समय मौत हो गई थी। ग्रामीणों के अनुसार, अर्चना (22) की भी रक्षाबंधन के दिन मौत हुई थी। महेंद्र की बाहर काम करने के दौरान बुखार के बाद मौत होने की बात भी ग्रामीणों ने बताई। हालांकि, इन मौतों का चिकित्सकीय कारण स्पष्ट नहीं है।
ग्रामीण श्यामबाबू और गंगाराम ने सफाई कर्मचारी के नियमित नहीं आने और नालियों-तालाब में गंदगी की शिकायत की। हेल्थ सेंटर के पास घूरा और कूड़े का ढेर मिलने पर सीएमओ ने उसे हटाने के निर्देश दिए।
सीएचसी अधीक्षक डॉ. सचिन गुप्ता ने बताया कि स्वास्थ्य शिविर में मरीजों की जांच की जा रही है। दवा का छिड़काव कराया गया है। स्वास्थ्य विभाग की टीम लगातार दो दिन से गांव जाकर मरीजों की निगरानी कर रही है। स्थिति नियंत्रण में है।
दो सप्ताह से बुखार तो कराएं जांच : सीएमओ
सीएमओ डॉ. संतोष गुप्ता ने बताया कि अर्चना की मौत प्रथम दृष्टया टाइफाइड व इन्फेक्शन से होना पाया गया है। प्रतिभा की मौत प्रथम दृष्टया एक्यूट एब्डोमेन से हुई है। एक व्यक्ति की बाहर मौत हुई थी और वह काफी समय से वहीं रह रहा था।
सीएमओ ने गांव में सफाई के साथ मच्छरों का प्रजनन रोकने के लिए फॉगिंग कराने के निर्देश दिए। डोर-टू-डोर सर्वे और टीकाकरण कराने को कहा गया। दो सप्ताह से अधिक समय से बुखार से पीड़ित लोगों की तत्काल जांच कराने तथा मलेरिया, डेंगू, टाइफाइड और जेई (जापानी इन्सेफेलाइटिस) की जांच के लिए सैंपल लेने के निर्देश दिए गए।
बेहजम में बुखार के मरीज बढ़े, एक बजे तक 450 पर्चे बने
बेहजम। मौसम में बदलाव के बीच सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बेहजम में बुखार, खांसी और जुकाम के मरीज बढ़ गए हैं। बुधवार को दोपहर एक बजे तक सीएचसी में 450 पर्चे बन चुके थे। अधीक्षक डॉ. अनिल वर्मा ने बताया कि ओपीडी में करीब 50 प्रतिशत वृद्धि हुई है। रोज 400 से 500 मरीज आ रहे हैं। इनमें ज्यादातर बुखार के मरीज हैं।गांवों में जलभराव के कारण मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ा है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। संवाद