लखीमपुर खीरी: जिसे अजगर समझ पकड़ रहे थे लोग, वह निकला बेहद जहरीला रसेल वाइपर सांप
लखीमपुर खीरी में मंगलवार को पलिया देहात ब्लॉक के पास एक विशालकाय सांप देखा गया। स्थानीय लोग उसे अजगर समझकर पकड़ने का प्रयास कर रहे थे। मौके पर पहुंचे वन्यजीव रक्षक ने बताया कि यह सांप अजगर नहीं, बल्कि बेहद जहरीला रसेल वाइपर है। उन्होंने सावधानी बरतते हुए सांप का रेस्क्यू किया।
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लखीमपुर खीरी के पलिया देहात ब्लॉक के समीप मंगलवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब झाड़ियों के पास एक विशालकाय सांप दिखाई दिया। स्थानीय लोग शुरुआत में उसे अजगर समझ बैठे और खुद ही पकड़ने का प्रयास करने लगे। हालांकि गनीमत रही कि कोई अप्रिय घटना नहीं घटी और लोग समय रहते किसी बड़े हादसे का शिकार होने से बाल-बाल बच गए। दरअसल, यह सांप अजगर नहीं, रसेल वाइपर था, जो बेहद जहरीला होता है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पलिया के समाजसेवी सूरज मिश्रा और आलोक दुबे को तुरंत सूचना दी गई। उन्होंने बिना समय गंवाए वन्यजीव रक्षक रामगोविंद को पूरे मामले से अवगत कराया। सूचना पाकर वह मौके पर पहुंचे। वहां पहुंचकर जब टीम ने मुआयना किया तो पांच फीट से भी अधिक लंबा रसेल वाइपर देखकर सभी दंग रह गए। रसेल वाइपर देश के सबसे विषैले सांपों में गिना जाता है।
प्राकृतिक आवास में छोड़ा सांप
रामगोविंद ने तुरंत स्थिति को भांपते हुए एकत्रित भीड़ को पीछे हटाया। इसके बाद टीम ने सावधानी बरतते हुए सांप का सफल रेस्क्यू किया। रेस्क्यू के बाद लोगों के सहयोग से सांप को दुधवा टाइगर रिजर्व अंतर्गत नकौवा पुल के पास घने प्राकृतिक वास में छोड़ दिया गया। रामगोविंद ने बताया कि इस इलाके में पिछले कुछ समय से रसेल वाइपर की संख्या में असामान्य बढ़ोतरी देखी जा रही है।
उन्होंने सचेत करते हुए कहा कि डिग्री कॉलेज, महाकाल सिटी से लेकर ब्लॉक क्षेत्र तक लगातार इस प्रजाति के सांपों का रेस्क्यू किया जा चुका है। बनावट में अजगर जैसा दिखने के कारण लोग अक्सर इसे बिना जहर वाला समझकर छूने या पकड़ने की भूल कर बैठते हैं, जो जानलेवा साबित हो सकता है। उन्होंने आमजन से अपील की है कि कोई भी सांप दिखने पर उसे छेड़ने के बजाय तत्काल वन विभाग या रेस्क्यू टीम को सूचित करें।