{"_id":"68c31c091718933c9b069557","slug":"rape-accused-released-due-to-legal-complications-lakhimpur-news-c-120-1-lkh1008-155558-2025-09-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lakhimpur Kheri News: कानूनी दांव पेंच में छूटे दुष्कर्म के आरोपी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lakhimpur Kheri News: कानूनी दांव पेंच में छूटे दुष्कर्म के आरोपी
विज्ञापन
लखीमपुर खीरी। जिले में 11 साल पहले किशोरी को बहलाकर दुष्कर्म करने के मामले में एडीजे नूरी अंसार ने जुटाए गए और पेश किए गए सबूतों को नाकाफी पाया है। अदालत ने संदेह का लाभ देते हुए आरोपियों को बरी किया है तो अभियोजन पक्ष की ओर से फैसले के खिलाफ हाई कोर्ट में अपील दाखिल करने की बात कही गई है।
पुलिस की चार्जशीट के मुताबिक शहर में 16 मई 2014 को एक किशोरी अपनी नानी के यहां जा रही थी तभी कोचिंग चलाने वाला काशिफ उसे नोट्स देने की बात कहते हुए अपने साथ लखनऊ ले गया। वहां किशोरी को नशीला पदार्थ खिलाकर दुष्कर्म किया था। कई दिन बाद एसपी के आवास पर एक चर्चित टेलर के हाथों किशोरी को पेश कर दिया था, जिन्होंने मामले को दूसरा ही रूप देने का प्रयास किया था। पुलिस ने हंगामा होने के बाद काशिफ, अफसर और साजिद के साथ अशफाक को जेल भेजा था।
शासन स्तर पर जांच के बाद एसपी सत्येंद्र सिंह भी निलंबित हुए थे। मुकदमे में बृहस्पतिवार को फैसला सुनाते हुए एडीजे गुलाम मुस्तफा ने साक्ष्यों को नाकाफी पाते हुए सभी आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए मामले से बरी किया है। इस पर अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता बृजेश पांडे की ओर से अपील दाखिल करने की बात कही गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
पुलिस की चार्जशीट के मुताबिक शहर में 16 मई 2014 को एक किशोरी अपनी नानी के यहां जा रही थी तभी कोचिंग चलाने वाला काशिफ उसे नोट्स देने की बात कहते हुए अपने साथ लखनऊ ले गया। वहां किशोरी को नशीला पदार्थ खिलाकर दुष्कर्म किया था। कई दिन बाद एसपी के आवास पर एक चर्चित टेलर के हाथों किशोरी को पेश कर दिया था, जिन्होंने मामले को दूसरा ही रूप देने का प्रयास किया था। पुलिस ने हंगामा होने के बाद काशिफ, अफसर और साजिद के साथ अशफाक को जेल भेजा था।
विज्ञापन
शासन स्तर पर जांच के बाद एसपी सत्येंद्र सिंह भी निलंबित हुए थे। मुकदमे में बृहस्पतिवार को फैसला सुनाते हुए एडीजे गुलाम मुस्तफा ने साक्ष्यों को नाकाफी पाते हुए सभी आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए मामले से बरी किया है। इस पर अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता बृजेश पांडे की ओर से अपील दाखिल करने की बात कही गई है।
विज्ञापन