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दो दिन से कटे रजबहा से लगातार बह रहा पानी
अमर उजाला ब्यूरो बांकेगंज।
Updated Mon, 11 Dec 2017 10:56 PM IST
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जलमग्न
- फोटो : अमर उजाला
सिंचाई विभाग बेपरवाह, सैकड़ों एकड़ गन्ना, गेंहू, लाही व मसूर की फसलें जलमग्न
महुरैना जंगल, ताल, तलैय्या और ड्रेनों का पानी ओवरफ्लो होकर रास्तों में भरा
बड़ी नहर से महुरैना जंगल होकर निकला रजबहा पिछले दो दिनों से कटा पड़ा है। रजबहा कटने से किसानों के खेतों में खड़ी फसलें जलमग्न हो गईं। रजबहा के तेज बहाव का पानी जंगल, ताल, तलैया और ड्रेनों में लबालब भर गईं, जिससे उनका पानी ओवरफ्लो होकर रास्तों में भर गया है। लोगों की शिकायत के बावजूद सिंचाई विभाग बेपरवाह है।
बांकेगंज कस्बे से सटे गांव बांकेपुर, अर्जुनपुर, पसियापुर आदि के किसानों रमेश भार्गव, संजय भार्गव, बाबूराम, मशरूर, हरिचरन लाल, टीकाराम, दुलारे, मंगरे बल्ला आदि का कहना है कि खीरी ब्रांच (बड़ी नहर) से महुरैना जंगल होकर निकला रजबहा बीते शनिवार को कट गया था। रजबहा कटने के बाद उसका पानी तेज धार के साथ निकलता हुआ पहले जंगल उससे सटे ताल, तलैया और ड्रेनों में लबालब भर गया। इसके बाद रविवार रात रजबहा के तेज बहाव का पानी खेतों में खड़ी गन्ना, गेंहू, मसूर और लाही की लहलहाती फसलों में भरने से फसलें जलमग्न हो गईं। सोमवार सवेरे खेतों की ओर गए किसानों ने जब फसलों में भरा पानी देखा तो उनके होश उड़ गए।
किसानों ने आरोप लगाया गया कि उन्होंने इसकी सूचना सिंचाई विभाग के अधिकारियों को फोन से दी थी। इसके बावजूद अधिकारियों ने इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया, जिसको लेकर लोगों में रोष है। इससे प्रभावित किसानों ने शासन-प्रशासन और विभागीय अधिकारियों से कटे पड़े रजबहा को ठीक कराने की मांग की है।
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मामला संज्ञान में आया है। विभागीय अधिकारियों की टीम मौके पर रवाना की जा रही है। कटे रजबहा को तत्काल ठीक कराया जा रहा है।
ओपी वर्मा, एक्सईएन, सिंचाईं खंड प्रथम,खीरी।
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महुरैना जंगल, ताल, तलैय्या और ड्रेनों का पानी ओवरफ्लो होकर रास्तों में भरा
बड़ी नहर से महुरैना जंगल होकर निकला रजबहा पिछले दो दिनों से कटा पड़ा है। रजबहा कटने से किसानों के खेतों में खड़ी फसलें जलमग्न हो गईं। रजबहा के तेज बहाव का पानी जंगल, ताल, तलैया और ड्रेनों में लबालब भर गईं, जिससे उनका पानी ओवरफ्लो होकर रास्तों में भर गया है। लोगों की शिकायत के बावजूद सिंचाई विभाग बेपरवाह है।
बांकेगंज कस्बे से सटे गांव बांकेपुर, अर्जुनपुर, पसियापुर आदि के किसानों रमेश भार्गव, संजय भार्गव, बाबूराम, मशरूर, हरिचरन लाल, टीकाराम, दुलारे, मंगरे बल्ला आदि का कहना है कि खीरी ब्रांच (बड़ी नहर) से महुरैना जंगल होकर निकला रजबहा बीते शनिवार को कट गया था। रजबहा कटने के बाद उसका पानी तेज धार के साथ निकलता हुआ पहले जंगल उससे सटे ताल, तलैया और ड्रेनों में लबालब भर गया। इसके बाद रविवार रात रजबहा के तेज बहाव का पानी खेतों में खड़ी गन्ना, गेंहू, मसूर और लाही की लहलहाती फसलों में भरने से फसलें जलमग्न हो गईं। सोमवार सवेरे खेतों की ओर गए किसानों ने जब फसलों में भरा पानी देखा तो उनके होश उड़ गए।
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किसानों ने आरोप लगाया गया कि उन्होंने इसकी सूचना सिंचाई विभाग के अधिकारियों को फोन से दी थी। इसके बावजूद अधिकारियों ने इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया, जिसको लेकर लोगों में रोष है। इससे प्रभावित किसानों ने शासन-प्रशासन और विभागीय अधिकारियों से कटे पड़े रजबहा को ठीक कराने की मांग की है।
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मामला संज्ञान में आया है। विभागीय अधिकारियों की टीम मौके पर रवाना की जा रही है। कटे रजबहा को तत्काल ठीक कराया जा रहा है।
ओपी वर्मा, एक्सईएन, सिंचाईं खंड प्रथम,खीरी।