{"_id":"d08bdbbcc822d5a363641ad75389494e","slug":"rainy-day-hindi-news-3","type":"story","status":"publish","title_hn":"दोपहर तक रिमझिम बारिश, दिन भर छाए रहे बादल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दोपहर तक रिमझिम बारिश, दिन भर छाए रहे बादल
लखीमपुर खीरी।
Updated Mon, 02 Mar 2015 07:31 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शनिवार की आधी रात से शुरू हुई बारिश, रविवार को दिनभर हुई रिमझिम बारिश के बाद सोमवार को भी दोपहर तक बरसात जारी रही। दोपहर बाद आसमान में बादल छाए रहे और तेज हवाएं चलती रहीं। इससे सर्दी एक बार फिर लौट आई है। सर्दी के कारण लोगों को एक बार फिर गर्म कपड़े पहनने पर मजबूर होना पड़ा। कुछ समय के लिए धूप भी निकली लेकिन जल्दी ही बादलों ने सूरज को छिपा लिया।
सोमवार को अधिकतम तापमान 19.0 डिग्री और न्यूनतम तापमान 11.0 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। सुबह बूंदाबांदी जारी रहने के कारण जनजीवन बुरी तरह अस्त-व्यस्त रहा। तेज हवाओं के साथ बारिश होने के कारण गेहूं की फसल खेतों में गिर गई है। इससे गेहूं का उत्पादन प्रभावित होने की आशंका है।
मोहम्मदी। क्षेत्र में सोमवार को तीन चार बार थोड़ी-थोड़ी देर के लिए बरसात हुई जबकि पूरे दिन बदली छाई रही और ठंडी हवाओं के कारण लोग घरों में दुबके रहे। हाईस्कूल सामाजिक विज्ञान तथा इंटर समाजशास्त्र की परीक्षा देने के लिए छात्र-छात्राओं को काफी समस्याएं हुई। अचानक बिगड़े इस मौसम से जहां किसानों की फसलों को नुकसान हुआ वहीं दूसरी ओर होली नजदीक होने से बिक्री भी प्रभावित हुई।
विज्ञापन
धौरहरा। तेज हवाओं और झमाझम हुई बारिश ने फसलों का काफी नुकसान किया है। दलहनी, तिलहनी, गेहूं और गन्ने की फसलें बर्बाद हो गई हैं। तैयार हो रही फसलें खेतों मे गिर गयी हैं। सोमवार सुबह कुछ समय के लिए मौसम खुला और फिर खराब हो गया। जानकार यह बताते है कि अभी मौसम कुछ दिनों तक और खराब रहेगा।
मैलानी। यहां दूसरे दिन भी कई बार रुक-रुककर बारिश हुई। बारिश से किसानों के चेहरों पर मायूसी दिखाई देने लगी है। किसान अवनीश अवस्थी, कंधई सिंह, संदीप सिंह आदि का कहना है कि यह बारिश गेहूं, मटर, लाही आदि की फसलों के लिए बेहद नुकसानदायक है। उधर सर्दी भी फिर से बढ़ गई है। अधिकतर लोग आज टोपियां और मफलर पहने नजर आए।
फसलों को तबाह कर गईं तेज हवाएं
बांकेगंज। दो दिनों से हो रही बारिश के साथ चलने वाली तेज हवाएं किसानों के लिए आफत बन गईं है। कर्ज में डूबे ग्राम श्यामपुर निवासी किसान भगवती प्रसाद का कहना है बारिश और हवाओं के चलते खेतों में खड़ी गेहूं की फसल गिर कर पूरी तरह चौपट हो गई है। 50 हजार रुपया बैंक कर्ज कहां से चुकता होगा, इसकी चिंता उन्हें सता रही है।
बांकेगंज निवासी युवा किसान विवेक सिंह का कहना है दो दिनों से हो रही बारिश से खेतों में घुटनों तक जलभराव हो गया। बैंक से कर्ज लेकर बोई गई आलू की फसल में बहुत अधिक नुकसान पहुंचा है। खेतों में पानी भरने के कारण आलू सड़ने का खतरा मंडरा रहा है।
विज्ञापन
सोमवार को अधिकतम तापमान 19.0 डिग्री और न्यूनतम तापमान 11.0 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। सुबह बूंदाबांदी जारी रहने के कारण जनजीवन बुरी तरह अस्त-व्यस्त रहा। तेज हवाओं के साथ बारिश होने के कारण गेहूं की फसल खेतों में गिर गई है। इससे गेहूं का उत्पादन प्रभावित होने की आशंका है।
विज्ञापन
मोहम्मदी। क्षेत्र में सोमवार को तीन चार बार थोड़ी-थोड़ी देर के लिए बरसात हुई जबकि पूरे दिन बदली छाई रही और ठंडी हवाओं के कारण लोग घरों में दुबके रहे। हाईस्कूल सामाजिक विज्ञान तथा इंटर समाजशास्त्र की परीक्षा देने के लिए छात्र-छात्राओं को काफी समस्याएं हुई। अचानक बिगड़े इस मौसम से जहां किसानों की फसलों को नुकसान हुआ वहीं दूसरी ओर होली नजदीक होने से बिक्री भी प्रभावित हुई।
विज्ञापन
धौरहरा। तेज हवाओं और झमाझम हुई बारिश ने फसलों का काफी नुकसान किया है। दलहनी, तिलहनी, गेहूं और गन्ने की फसलें बर्बाद हो गई हैं। तैयार हो रही फसलें खेतों मे गिर गयी हैं। सोमवार सुबह कुछ समय के लिए मौसम खुला और फिर खराब हो गया। जानकार यह बताते है कि अभी मौसम कुछ दिनों तक और खराब रहेगा।
मैलानी। यहां दूसरे दिन भी कई बार रुक-रुककर बारिश हुई। बारिश से किसानों के चेहरों पर मायूसी दिखाई देने लगी है। किसान अवनीश अवस्थी, कंधई सिंह, संदीप सिंह आदि का कहना है कि यह बारिश गेहूं, मटर, लाही आदि की फसलों के लिए बेहद नुकसानदायक है। उधर सर्दी भी फिर से बढ़ गई है। अधिकतर लोग आज टोपियां और मफलर पहने नजर आए।
फसलों को तबाह कर गईं तेज हवाएं
बांकेगंज। दो दिनों से हो रही बारिश के साथ चलने वाली तेज हवाएं किसानों के लिए आफत बन गईं है। कर्ज में डूबे ग्राम श्यामपुर निवासी किसान भगवती प्रसाद का कहना है बारिश और हवाओं के चलते खेतों में खड़ी गेहूं की फसल गिर कर पूरी तरह चौपट हो गई है। 50 हजार रुपया बैंक कर्ज कहां से चुकता होगा, इसकी चिंता उन्हें सता रही है।
बांकेगंज निवासी युवा किसान विवेक सिंह का कहना है दो दिनों से हो रही बारिश से खेतों में घुटनों तक जलभराव हो गया। बैंक से कर्ज लेकर बोई गई आलू की फसल में बहुत अधिक नुकसान पहुंचा है। खेतों में पानी भरने के कारण आलू सड़ने का खतरा मंडरा रहा है।